जयपुर की छतों पर पतंगों का मेला:डीजे और ढोल की धुन पर  पतंगबाजी, शहरवासी दो दिन मनाएंगे इस त्यौहार को

जयपुर4 महीने पहले
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दिनभर आसमान पतंगाें से अटा रहा। - Dainik Bhaskar
दिनभर आसमान पतंगाें से अटा रहा।

साल 2022 का पहला फेस्टिवल मकर संक्रांति का लोगों भर पूर उत्साह देखने को मिल रहा है। सुबह से ही पतंगें आसमान में गानों के साथ उड़ती नजर आ रही है। इस बार सक्रांति दो दिन 14 और 15 को मनाई जाएगी। पतंगों के उड़ान पर किसी प्रकार की कोई रोक नहीं।

जयपुर सिटी में उड़ती पतंगें।
जयपुर सिटी में उड़ती पतंगें।

कोरोना के माहौल में पतंगों के ये त्यौहार अपने साथ ढेर सारा उत्साह, उम्मीदें और उमंगें लेकर आया है । पूरा आसमान पतंगों से भरा है। हालांकि कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इस बार वायरस कम घातक होने से लोगों में डर कम है। पिछले साल के मुकाबले इस बार लोगों में संक्रांत का उत्साह बड़ा हुआ है। आसमान में , गो कोरोना गो, कोरोना वैक्सीन जैसी पतंगे नजर आ रही है।

तिल के लड्डू और दाल के पकौड़े के बिना संक्रांत अधूरी है।
तिल के लड्डू और दाल के पकौड़े के बिना संक्रांत अधूरी है।

पौष माह की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मकर संक्रांति का त्योहार मनाया जाता है। मकर संक्रांति के पर्व पर हर तरफ तिल गुड़ की मिठास, पंतगों से रंगा आसमान, गंगा-यमुना के तट पर उमड़ा जन सैलाब दिखता है । लेकिन जयपुर की संक्रांत में गुड़ की गजक, तिल के लड्डू, रेवड़ी, फीनी की अलग ही मिठास घुली होती है। साथ ही दाल के बड़ों के बगैर जयपुर की संक्रांत पार्टी अधूरी है।