पटवारी और जूनियर असिस्टेंट भर्ती परीक्षा की तारीख में टकराव:असमंजस में लाखों अभ्यर्थी, परीक्षा की तारीख में बदलाव को लेकर राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने शुरू किया विरोध

जयपुरएक वर्ष पहले
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उपेन यादव। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
उपेन यादव। (फाइल फोटो)

राजस्थान में होने जा रही दो भर्ती परीक्षाओं की तारीख आपस में टकराने का विरोध काम होने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदेश में 23 और 24 अक्टूबर को पटवारी भर्ती परीक्षा का आयोजन किया जाना है। जबकि इसी दिन बिजली विभाग की कि जूनियर असिस्टेंट परीक्षा भी 22 से 25 अक्टूबर के बीच शेड्यूल है। ऐसे में अब राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ ने भर्ती परीक्षा की तारीख में बदलाव की मांग की है।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष उपेन यादव ने कहां की दो परीक्षाओं में टकराव होने की वजह से हजारों छात्रों को परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के साथ ही विद्युत विभाग को भी आपसी सामंजस्य बिठा भर्ती परीक्षा की तारीख में बदलाव करना चाहिए। ताकि सालों से दोनों भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को राहत मिल सके। उपेन ने बताया की तारीख में बदलाव को लेकर हम लगातार विद्युत विभाग के आला अधिकारियों से भी संपर्क में है। ऐसे में मुझे लगता है कि जल्द ही इस पर सकारात्मक फैसला हो जाएगा।

उपेन ने कहा कि सिर्फ पटवारी और जूनियर असिस्टेंट ही नहीं बल्कि प्रदेश में होने वाली हर भर्ती परीक्षा की तारीख में टकराव नहीं होना चाहिए। क्योंकि इसका सीधा नुकसान एक आम छात्र को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वक्त में कई बार भर्ती परीक्षाओं की तारीखों में टकराव हुआ है। ऐसे में अब अलग-अलग परीक्षा की तारीख देने के साथ ही 6 महीने पहले भर्ती परीक्षा का ऐलान होना चाहिए। ताकि एक अभ्यर्थी को भी तैयारी का पूरा वक्त मिल सके।

दरअसल, प्रदेश में होने वाली इन दोनी ही परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हो रहे है। ऐसे में जो अभ्यर्थी दोनों परीक्षाओं में शामिल होने वाले थे। वो अब परीक्षा की तारीख एक होने से असमंजस की स्थिति में है। बता दें कि पटवारी भर्ती 5 हजार से अधिक जबकि आरवीयूएनएल में करीब 1300 विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।

दोनों परीक्षाओं की तैयारी कर रही जयपुर की सोनाली ने कहा कि 1 दिन परीक्षा होने का सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ रहा है। पिछले लंबे वक्त से दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। दोनों परीक्षाओं के फॉर्म भी परीक्षा शुल्क के साथ भरे थे। अब आखरी वक्त पर परीक्षा की तारीख में हो रहे टकराव की वजह से मजबूरन एक परीक्षा से वंचित रहना पड़ेगा। जिससे परीक्षा शुल्क का भी नुकसान उठाने के साथ सरकारी नौकरी तक पहुंचने का एक मौका भी चूक जाऊंगी। ऐसे में सरकार को दोनों परीक्षाओं की तारीखों में बदलाव करना चाहिए।

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