मानसून में महंगी होगी सब्जियां:नींबू के बाद अब टमाटर महंगा, 60 रुपए किलो के भाव, टिंडा सबसे महंगा

जयपुर7 महीने पहले
एक बार फिर से सब्जी के दाम बढ़ गए है। दावा किया जा रहा है कि इनकी रेट बढ़ने की संभावना है।

राजस्थान में मानसून की दस्तक के साथ ही सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगी है। एक सप्ताह पहले तक 35 रुपए किलो में बिकने वाले नींबू की कीमत 80 रुपए पर पहुंच गई है। वहीं टमाटर की कीमत बढ़कर 60 रुपए पर आ गई है। इसी तरह सभी सब्जियों के दामों में 30 से 50% तक का इजाफा हुआ है। जिसका सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ रहा है।

मुहाना फल एवं सब्जी थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष राहुल तंवर ने बताया कि मानसून की दस्तक के बाद बाहरी राज्यों में सब्जियां महंगी हो गई है। वहीं राजस्थान के लोकल क्षेत्रों से भी सब्जियों की आवक कम हो गई है। यही कारण है कि पिछले 1 सब्जियों के दामों में 50% तक का इजाफा हुआ है। राहुल ने बताया कि प्रदेश में मानसून के एक्टिव होने के साथ ही सब्जियों के दाम और ज्यादा बढ़ सकते हैं। क्योंकि तब सिर्फ बाहरी राज्यों से ही प्रदेश में सब्जियों की सप्लाई होती है।

सब्जी10 जून से पहले के भाव11 जून बाद के भाव
नींबू3580
टमाटर2560
हरी मिर्च2040
अदरक2550
आलू1020
प्याज1225
शिमलामिर्च3050
भिंडी2545
करेला2040
गवारफली3560
बैंगन2035
टिंडा50100
पत्तागोभी2535
फूलगोबी4070
लौकी2030
पालक1530
धनिया3040
कद्दू1020

जयपुर की लाल कोठी सब्जी मंडी के फुटकर व्यापारी राजू ने बताया कि बारिश गिरने के साथ ही सब्जियां खराब होने लगी है। प्याज के पत्ते उतर रहे हैं। जबकि आलू समेत दूसरी सब्जियां कोल्ड स्टोरेज से आ रही है। यही कारण है कि पिछले 1 सप्ताह में सब्जियों की कीमत बढ़ने लगी है।

हसनपुरा सब्जी मंडी के विक्रेता श्याम लाल ने बताया कि इस बार राजस्थान में मानसून की एंट्री से पहले ही सब्जियों की कीमत बढ़ गई है। जिसकी वजह से अब तो ग्राहक भी माल नहीं खरीद रहे। ऐसे में महंगी सब्जी लाने के बावजूद बिक नहीं रही है। जिसका सीधा नुकसान हमें उठाना पड़ रहा है।

मंडी में सब्जी खरीदने पहुंची प्रमिला ने बताया कि महंगाई लगातार आसमान छू रही है। रसोई गैस, पेट्रोल के बाद अब सब्जियों की कीमत ने घर का बजट बिगाड़ दिया है। जिसकी वजह से दो वक्त सब्जियों के साथ खाना खा पाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार को मध्यम वर्गीय परिवार के लिए भी सोचना चाहिए। ताकि वह अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ उन्हें पौष्टिक भोजन दे सके।