शराब ठेकेदार व आबकारी विभाग आमने-सामने:शराब ठेकेदार- घेराव की चेतावनी दी इसलिए दुकानें सील की, आबकारी अधिकारी- कंपाेजिट फीस जमा नहीं, इसलिए सील की

जयपुर2 महीने पहले
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महारानी फार्म में सील की गई शराब दुकान। - Dainik Bhaskar
महारानी फार्म में सील की गई शराब दुकान।
  • शराब की 16 दुकानें 3 दिन के लिए सील करने पर उठा विरोध

नई आबकारी नीति पर प्रदेश के शराब ठेकेदार औरआबकारी विभाग के बीच अब रार बढ़ने लगी है। ठेकेदाराें ने तीन दिन पहले अपनी मांगें मनवाने काे लेकर उपचुनाव में सीएम का घेराव करने तक की चेतावनी दी थी और दूसरे ही दिन जिला आबकारी विभाग ने शहर की 16 दुकानें तीन दिन के सील कर दी। राजस्थान लिकर वेलफेयर साेसायटी का आराेप है कि हमने आंदाेलन की चेतावनी दी ताे इसके बाद विभाग ने पदाधिकारियाें की दुकानाें काे टारगेट किया।

सीएम घेराव की चेतावनी देने वाले साेसायटी के आठ पदाधिकारियाें की 16 दुकानाें काे बिना किसी नाेटिस के तीन दिन के सील कर दिया। अध्यक्ष निलेश मेवाड़ा का आराेप है कि आबकारी नीति में शराब के विक्रय पर हमें 20 से 25 प्रतिशत कमीशन देने का दावा किया था, जबकि हकीकत में हमें 12 से 13 प्रतिशत का ही कमीशन मिल रहा है।

प्रथम तिमाही की पेनल्टी माफ कर अगली तिमाही में समायोजन करने की मांग काे लेकर लाेकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठा रहे थे, लेकिन न आबकारी अधिकारी हमारी सुनते हैं और ना ही मुख्यमंत्री हमें मिलने का समय दे रहे है। आबकारी विभाग की कार्रवाई के विराेध में जयपुर शहर के सभी लाइसेंसधारी दुकानें बंद कर वित्त भवन पहुंचकर अधिकारियाें काे चाबी साैंपकर विराेध जताएंगे।

31 अगस्त तक कम्पाेजिट फीस पेनल्टी जमा करवानी थी
इधर, आबकारी विभाग पदाधिकारियाें की दुकानाें काे जानबूझकर टारगेट कर सील करने की बात से इंकार कर रहा है। जिला आबकारी अधिकारी सुनील भाटी का कहना है कि कम्पाेजिट फीस पेनेल्टी जमा करवाने टाइमलाइन 31 अगस्त थी लेकिन नाेटिस देने के बावजूद ठेकेदार पेनेल्टी जमा नहीं करवा रहे। इसलिए दुकानें तीन दिन के लिए सील कर बकाया का नाेटिस दिया है। ठेकेदाराें की मांगाें का इस कार्रवाई से काेई लेना देना नहीं है। बकाया जमा करवाएंगे ताे सील खाेल देंगे और यदि पैसे जमा नहीं करवाएंगे ताे लाइसेंस कैंसिल करने की कार्रवाई करेंगे। जहां तक इनकी मांगाें का सवाल है ताे विभाग ज्यादातर पर राहत दे चुका है।

ये दुकानें तीन दिन के लिए सील की: सुभाष नगर, जलमहल, महारानी फार्म, एमआई राेड, किरण पथ, निवारू राेड, रामगढ़ माेड़, खटीक मंडी, झाेटवाड़ा, स्वेज फार्म, सांगानेर, झालाना डूंगरी की दुकानें तीन दिन के लिए सील की है। ये दुकानें निलेश मेवाड़ा, हेतराम मील माे.यूनूस , विकास यादव, अय्यूब, बाबू खां, सीताराम मीणा, राजू बागड़ा, और विजेन्द्र परेवा की है। ये सभी शराब व्यवसायी राज लिकर वेलफेयर साेसायटी में पदाधिकारी है और जाेकि अलग-अलग लाइसेंसधारी के नाम से दुकानें संचालित करते हैं।

शहर में 390 शराब दुकानें बंद रहने पर संशय
शहर में शराब की 402 दुकानें हैं इनमें से 390 संचालित हैं। शराब ठेकेदारों ने एक दिन की हड़ताल की चेतावनी दी थी। इसके बाद देर रात तक सरकार और शराब ठेकेदारों के बीच बातचीत को लेकर सिलसिला चलता रहा। ऐसे में हड़ताल होगी या नहीं इसे लेकर संशय रहा।

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