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आमेर हादसे से पहले दोस्तों की सेल्फी:बारिश में की खूब मस्ती, कहर बन गिरी बिजली के बाद अब 3 युवकों की सिर्फ तस्वीरें बचीं, जिन्हें देख रोने लगते हैं जिंदा बचे दोस्त

जयपुर2 महीने पहले
दोस्त चले गए बाकी रह गईं तस्वीरें।

जयपुर में दो दिन पहले रविवार देर रात आकाशीय बिजली के हादसे में 11 लोगों की जान चली गई। हादसे से पहले की कुछ सेल्फी सामने आई हैं, जिसे देखकर जिंदा बचे दोस्त फूट-फूटकर रोते हैं, क्योंकि उनके जिगरी यार अब उनके बीच नहीं हैं। 6 दोस्त एक साथ ही बाइक पर घूमने के लिए गए थे। अपनी आउटिंग को यादगार बनाने के लिए कई सेल्फी ली थीं। उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी तस्वीर बन जाएगी। कुछ दोस्त थोड़ी देर बाद बिजली गिरने से काल के ग्रास बन जाएंगे।

आमेर में बिजली की चपेट में आए चीनी की बुर्ज निवासी मोहम्मद शोयब, घोड़ा निकास रोड रामगंज निवासी अब्दुल नाजिम व घाटगेट निवासी साकिब खान की जान चली गई और तीन दोस्त फैज, अमन एवं कादिर की जिदंगी बच गई। यह सभी दोस्त एक साथ ही काम करते थे और साथ ही रहते थे। अब उनके मोबाइल में आमेर में हुए हादसे से पहले की कुछ सेल्फी की यादें रह गई हैं। दैनिक भास्कर ने हादसे में घायल हुए अमन और कादिर के पास जाकर दर्दनाक मंजर को लेकर बातचीत की। कई अनछुए पहलु निकल कर सामने आए। उन्होंने बताया कि वे सभी आपस में अच्छे दोस्त हैं। हादसे ने उनसे हमेशा के लिए तीन दोस्तों को छीन लिया है। उन्होंने मोबाइल में हादसे से पहले आमेर वाॅच टावर पर दोस्तों के साथ ली सेल्फी दिखाई। सेल्फी देखकर वे भी आंसू रोक नहीं पाए।

आमेर में वॉच टावर पर पांचों दोस्तों ने हादसे से कुछ समय पहले एक साथ फोटो ली
आमेर में वॉच टावर पर पांचों दोस्तों ने हादसे से कुछ समय पहले एक साथ फोटो ली

पहाड़ी पर मौसम का आनंद और सेल्फी ली

वे सभी पढ़ने के साथ-साथ चूड़ी की दुकानों पर काम करते थे। एक साथ ही आना-जाना और घूमना-फिरना करते थे। सरकार ने रविवार को जैसे ही अनलॉक के आदेश दिए तो सभी दोस्तों ने घूमने का प्लान बनाया। इसके बाद वे बाइक लेकर आमेर की ओर निकल गए। वे सभी पहाड़ी पर चढ़कर मौसम का आनंद ले रहे थे। उन्होंने वॉच टावर पर जाकर एक साथ मोबाइल में सेल्फी भी ली। सभी दोस्त एक साथ ही घूमकर फोटो भी खींच रहे थे। वे बताते हैं कि ऐसा क्या पता था कि ये उनकी आखिरी सेल्फी होगी। तभी तेज बारिश शुरु होने लग गई। बारिश होने पर वे सभी दोस्त एक छतरी के नीचे रुक गए थे। वहां पर काफी लोग अलग-अलग छतरियों के नीचे बारिश से बचने के लिए छिपे हुए थे।

वॉच टावर पर मोबाइल से पांचों दोस्तों की ली गई फोटो।
वॉच टावर पर मोबाइल से पांचों दोस्तों की ली गई फोटो।

बिजली कड़की और बेहोश हो गए

हादसे में घायल हुए अमन व कादिर का कहना है कि काफी तेज बारिश हो रही थी। वे छतरी के नीचे ही रुके हुए थे। फिर बारिश कुछ हल्की हो गई। तभी अचानक बिजली कड़की और करंट दौड़ गया। एक बार के लिए सब बेहोश हो गए। करीब 2 मिनट बाद अमन व कादिर को होश आया। दोनों ने बताया कि चोरों तरफ बचाने के लिए चीख-पुकार मची हुई थी। हमारे सभी दोस्त बेहोश थे, लेकिन सभी जिंदा थे। उन्होंने मोबाइल निकाला तो नेटवर्क नहीं आ रहा था। उसके बाद अमन व कादिर सहायता मांगने और घर फोन करने के लिए नीचे आने लगे। तभी बीच रास्ते में पहुंचे तो दोबारा बिजली कड़की। नीचे पहुंचे तो तीसरी बार बिजली कड़की। वहां से कुछ दूरी पर नीचे आकर घर पर फोन किया। 100 नंबर पर दो बार फोन किया, लेकिन नहीं लगा। उसके बाद वह फिर बेहोश हो गया। कुछ देर बाद घरवाले और पुलिस पहुंची। फिर उन्हें अस्पताल ले गए।

आमेर में हादसे से पहले लाल शर्ट में नासिम व साकिब की ली गई फोटो।
आमेर में हादसे से पहले लाल शर्ट में नासिम व साकिब की ली गई फोटो।

अफसोस दोस्त जिंदा थे, लेकिन बचा नहीं सके

अमन व कादिर ने बताया कि उन्हें काफी अफसोस है कि वे दोस्तों को बचा नहीं सके। वे तीनों जिंदा थे। अगर हिम्मत करके वे नीचे नहीं आते तो शायद अगली बार में वह दोनों भी नहीं बच पाते। अमन व कादिर का कहना है कि पहले हादसे के बाद सब दोस्त जिंदा थे, लेकिन चलने की हिम्मत नहीं थी। नाजिम की हालत गंभीर थी। इस दौरान सोयब बचाने की गुहार लगा रहा था। तब उसे सहायता का वास्ता देकर दोनों नीचे आए थे, लेकिन जब तक सहायता वाले लोग पहुंचे तब तक कुदरत ने एक साथ तीन दोस्त छीन लिए।

आमेर हादसे में मोहम्मद शोएब, साकिब खान व अब्दुल नाजिम की जान चली गई।
आमेर हादसे में मोहम्मद शोएब, साकिब खान व अब्दुल नाजिम की जान चली गई।

प्रशासन पर लगाए कई आरोप

कादिर का कहना है कि एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल में पहुंचा दिया, लेकिन वहां पर समय पर इलाज ही नहीं किया। शोएब के पिता का कहना है कि कादिर के पिता को जैसे ही हादसे की सूचना मिली तो वह सडवा मोड़ से सीधे मौके पर चले गए, लेकिन मौके पर केवल 3-4 पुलिसकर्मी थे। जो ऊपर जाने से डर रहे थे। तब उनके मोहल्ले से कुछ युवक पहुंच गए। जो सबसे पहले ऊपर गए और उनके बच्चों को कंधे पर रखकर नीचे लाए। अमन के भाई शहनवाज का कहना है कि भाई का फोन आते ही दौड़कर मौके पर पहुंच गए। जहां पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके बच्चों को बचाने के बजाय उनके साथ गाली-गलौच शुरू कर दी। कुछ देर बाद पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे तो राहत कार्य शुरू हो सका।

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