गरीब बच्चों को बांटी खुशिया:मान द वेल्यू और एकादशी फाउंडेशन ने फुटपाथ के बच्चों संग मनाई दिवाली

जयपुर6 महीने पहले
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स्लम एरिया से जुड़े बच्चों के साथ खुशियां बांटी । - Dainik Bhaskar
स्लम एरिया से जुड़े बच्चों के साथ खुशियां बांटी ।

दिवाली यानी दीपों का त्योहार है ,खुशियों का त्यौहार , खुशियां बांटने का त्योंहार , इसे हर कोई बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाता है , लेकिन इस समाज में एक तबका ऐसा भी है जो इन खुशियों से महरूम रहता है , उनके लिए न दीपावली खास है , ना होली , ऐसे जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर छोटी सी मुस्कान देने के लिए कुछ लोग निकल कर सामने आते है । इसी मंशा के साथ मान द वेल्यू फाउंडेशन और एकादशी फाउंडेशन ने फुटपाथ पर जीवन बसर कर रहे लोगों और स्लम एरिया से जुड़े बच्चों के साथ खुशियां बांटी ।
खिल उठे चेहरे
जहां देशभर में दिवाली लोग अपने घरों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं , लेकिन समाज के इस तबके लिए दीपावली के मायने सिर्फ दूसरे घरों में जगमगाती रोशनी है , लेकिन इस बार दिवाली इनकी भी खास है , इन्हें भी दिवाली पर गिफ्ट के रूप में नए कपड़े, मिठाई , फुलझड़ियां मिली तो चेहरे पर मानो खुशी का कोई ठिकाना नहीं था, ऐसा लग रहा था जैसे दिवाली से ठीक एक दिन पहले उन्होंने दिवाली मना ली हो।

गरीब बच्चों ने मनाई दिवाली
गरीब बच्चों ने मनाई दिवाली

दिवाली पर बच्चों की मुस्कान ही काफी है
मान द वेल्यू फाउंडेशन की फाउंडर मनीषा सिंह बताती हैं कि दिवाली दीपों का त्योहार है , इसे को हर कोई बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाता है , लेकिन इस समाज में एक तबका ऐसा भी है जो इन खुशियों से महरूम रहता है , उनके लिए न दीपावली खास है , ना होली , ऐसे मायूस चेहरों पर एक मुस्कान देने के लिए हर साल इसी तरह दीपावली पर हम इन बच्चों के साथ कुछ वक्त बिताते है । इनके साथ आतिशबाजी करते है , कुछ मिठाइयां देते हैं ,जिससे इनके चेहरों पर प्यारी सी मुस्कान आ जाती और मुश्कान दुनियां की हर खुशी से बड़ी खुशी है।

स्लम एरिया के बच्चों ने की दीपक पर सजावट
स्लम एरिया के बच्चों ने की दीपक पर सजावट

कोरोना ने दिखाया एकरूपता का आईना
एकादशी फाउंडेशन की अध्यक्ष विभूति सिंह ने बताया कि कहती पिछले दो वर्षों जिस तरह से कोरोना का संकट काल रहा उसने इस बात का ज्यादा अहसास करा दिया कि ना कोई गरीब है ना कोई अमीर , मानवता सबसे बड़ी है । यह तो कुछ मौके होते है जिन्हें हमे आपस मे मिल कर एंजॉय करना चाहिए, इस कड़ी में बच्चों के लिए दीपदान उत्सव मनाय गया और कच्ची बस्ती के बच्चों ने मिलकर मिट्टी के दीपको को भिन्न भिन्न रंगो से सजाया। वहीं को-फाउंडर अंकुर कुमावत ने का कहना दिवाली के इस ख़ास मौके पर बच्चों को शिक्षा के साथ साथ स्वस्थ, हाईजीन, स्वच्छ्ता, योग, चित्रकला, आर्ट एंड क्राफ्ट जैसी एक्टिविटी करवाई गई है ताकि से बच्चों का आगे समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके।