कोरोना काल में सतर्क हुए लोग:कोरोना संक्रमण के चलते लोगों में सतर्कता बढ़ी, मलेरिया केस घटे, 4 साल में 5700 से घटकर अब 600 केस

जयपुर15 दिन पहलेलेखक: सुरेन्द्र स्वामी
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कोरोना से जूझ रहे प्रदेश में मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली मलेरिया की रफ्तार घट रही है। - Dainik Bhaskar
कोरोना से जूझ रहे प्रदेश में मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली मलेरिया की रफ्तार घट रही है।
  • पिछले चार साल में जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, बांरा, कोटा और नागौर में मिले केस

कोरोना से जूझ रहे प्रदेश में मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाली मलेरिया की रफ्तार घट रही है। कोरोना संक्रमण के चलते लोगों में सतर्कता बढ़ी। इससे मलेरिया केस की संख्या 5700 से घटकर 600 ही रह गए है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि आने वाले समय में ऐसे ही सतर्क रहने पर मलेरिया पूरी तरह खत्म हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार पहला कोरोनाकाल, दूसरा जागरुकता, तीसरा गंदा पानी कम एकत्र होना और ब्लड स्लाइड की संख्याओं में इजाफा होना माना जा रहा है। पिछले चार साल में जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, चित्तोड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, बांरा, कोटा और नागौर जिलों में मिले है। यह खुलासा भास्कर की ओर से किए गए अध्ययन में हुआ है।

प्लाज्मोडियम वाइवेक्स की तुलना में फेल्सीपेरम ज्यादा खतरनाक: एक्सपर्ट्स
एसएमएस अस्पताल के मेडिसन के डॉ.रमन शर्मा, डॉ.अजीत सिंह और डॉ.पुनीत सक्सेना का कहना है कि मलेरिया प्रजाति प्लाज्मोडियम वाइवेक्स की तुलना में फेल्सीपेरम ज्यादा खतरनाक होता है। इससे बुखार सिर में चढ़ जाता है। समय सरहते इलाज नहीं मिलने पर मौत भी हो सकती है। इससे बचने के लिए आसपास के क्षेत्रों में गंदा पानी एकत्र नहीं होने दें। जयपुर समेत विभिन्न जिलों में जांच में वाइवेक्स और फेल्सीपेरम स्पीशिज ही मिलती है। अनेको बार मरीजों में दोनो स्पीशीज वाले केसेज भी मिलते है। डॉक्टरों का कहना है कि एडीज एजिप्टाई मच्छर का लार्वा साफ पानी में एकत्र होता है। जबकि मादा एनोफिलीज मच्छर का लार्वा गंदा पानी में पनपता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त निदेशक (ग्रामीण स्वास्थ्य) डॉ. रवि प्रकाश शर्मा व सीएमएचओ जयपुर प्रथम डॉ. नरोत्तम शर्मा का कहना है कि आमजन में जागरुकता के चलते मलेरिया केसों की संख्या घट रही है। कोरोना महामारी के दौरान लोग पहले से सचेत हो गए है।

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