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राजस्थान उपचुनाव:कांग्रेस ने ऐसे चेहरों को उतारा जो पहली बार लड़ रहे चुनाव, सुजानगढ़ से मनोज मेघवाल, सहाड़ा से गायत्री त्रिवेदी और राजसमंद से तनसुख बोहरा मैदान में

जयपुर6 महीने पहले
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राजस्थान में तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। - Dainik Bhaskar
राजस्थान में तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
  • भाजपा के दो दिन बाद अब कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा की

राजस्थान में तीन सीटों पर उपचुनाव में भाजपा के दो दिन बाद अब कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने बेहद अहम माने जा रहे उपचुनाव में ऐसे चेहरे उतारे हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। सुजानगढ़ से मनोज मेघवाल, सहाड़ा से गायत्री त्रिवेदी और राजसमंद से तनसुख बोहरा को मौका दिया गया गया है। मनोज मेघवाल दिवंगत पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल के पुत्र हैं। सहाड़ा से उम्मीदवार बनाई गई गायत्री देवी, दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी हैं। वहीं, राजसमंद से तनुसुख बोहरा के रूप में नए चेहरे को मौका दिया है। कांग्रेस ने सुजानगढ़ और सहाड़ा में दिवंगत विधायकों के परिवारों को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड खेला है। कांग्रेस ने कल ही लंबे मंथन के बाद सिंगल नामों का पैनल हाईकमान को भेजा था।

सुजानगढ़ में परिवार की सियासत पर ही दांव खेला
कांग्रेस के तीनों ही उम्मीदवार पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। गायत्री त्रिवेदी पहले पंचायती चुनाव लड़ चुकी हैं लेकिन इन दिनों सक्रिय कम रही हैं। तनसुख बोहरा खान कारोबारी हैं, पहले कभी चुनाव नहीं लड़े। मनोज मेघवाल भी पहली बार ही चुनाव मैदान में है। तीनों ही सीटों पर कांग्रेस ने नए चेहरों को मैदान में उतारा है। यह अलग बात है ​कि सहाड़ा और सुजानगढ में परिवार की सियासत पर ही दांव खेला गया है।

सुजानगढ़: कांग्रेस के मेघवाल और भाजपा के मेघवाल के बीच मुकाबला
सुजानगढ़ सीट पर मनोज मेघवाल को उम्मीदवार बनाकर कांग्रेस ने सहानुभूति कार्ड खेलने के साथ ही मास्टर भंवरलाल की विरासत को आगे बढ़ाने का कदम भी उठाया है। मनोज मेघवाल का मुकाबला यहां भाजपा उम्मीदवार और पूर्व मंत्री खेमाराम मेघवाल से है। मनोज मेघवाल नया चेहरा हैं। अपने पिता के मुकाबले सॉफ्ट माने जाते हैं। लेकिन राजनीति में नए हैं। पहली बार पिता के बिना सियासी मैदान में उतरे हैं। कांग्रेस को यहां भीतरघात का खतरा भी है। भाजपा के खेमाराम के सामने भी भाजपा की खेमेबंदी बड़ी चुनौती है।

सहाड़ा: सहानुभूति के सहारे कांग्रेस की गायत्री देवी
सहाड़ा सीट पर कांग्रेस में त्रिवेदी परिवार से टिकट तय माना जा रहा था। दिवंगत कैलाश त्रिवेदी की पत्नी को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड चला है। टिकट दावेदारी को लेकर त्रिवेदी परिवार ही एकजुट नहीं था। कैलाश त्रिवेदी के भाई राजेंद्र त्रिवेदी भी टिकट मांग रहे थे। वहीं, कैलाश त्रिवेदी के बेटे चाचा के नाम पर तैयार नहीं थे और वे अपनी मां को टिकट देने का दबाव बना रहे थे। आखिरकार लंबे मंथन और जद्दोजहद के बाद यह तय हुआ कि भाई की जगह दिवंगत विधायक की पत्नी को टिकट देने से सहानुभूति ज्यादा मिल सकती है। इसलिए गायत्री देवी को टिकट दिया है। सहाड़ा में भाजपा ने पूर्व मंत्री रतनलाल जाट को टिकट दिया है। इस सीट पर कड़ा मुकाबला तय है। भाजपा का यहां मजबूत कैडर है। रतनलाल जाट भी आखिरी चुनाव होने का इमोशनल कार्ड खेल रहे हैं।

राजसमंद: नए चेहरे तनसुख बोहरा का मुकाबला किरण माहेश्वरी की बेटी से
राजसमंद में कांग्रेस ने तनसुख बोहरा के रूप में नए चेहरे को मैदान में उतारा है। तनुसख बोहरा बड़े खान कारोबारी हैं। वैश्य समाज के वोटों के अलावा राजसमंद इलाके के खनन कारोबारियों और मजदूरों के वोटों पर भी बोहरा की पकड़ मानी जाती है। बोहरा का मुकाबला यहां भाजपा की दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी से है। दोनों पार्टियों के उम्मीदवार वैश्य वर्ग से हैं। इसलिए जातीय समीकरण का पैटर्न यहां अलग तरह का होगा। बोहरा के सामने बड़ी चुनौती कांग्रेस के धड़ों को एकजुट कर भीतरघात रोकने की होगी। पहली बार चुनाव लड़ने के कारण सियासी दांवपेच और भाजपा के बूथ मैनेजमेंट का भी मुकाबला करना प्रमुख चुनौती होगा। उधर, भाजपा उम्मीदवार के सामने भी खेमेबंदी की चुनौती है।

राजस्थान में विधानसभा उपचुनाव:भाजपा के तीनों प्रत्याशी घोषित; राजसमंद से दीप्ति माहेश्वरी, सहाड़ा से रतनलाल जाट और सुजानगढ़ से खेमाराम मेघवाल को टिकट

17 अप्रैल को वोटिंग, 2 मई को नतीजे
प्रदेश में तीन विधायकों के निधन से खाली हुई सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। सुजानगढ़ सीट पूर्व मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के निधन की वजह से खाली हुई। मेघवाल पिछले साल मई में ब्रेन हेमरेज के बाद कोमा में चले गए थे। नवंबर में उनका देहांत हुआ। सहाड़ा से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी और राजसमंद से भाजपा विधायक किरण माहेश्वरी की कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया था। सुजानगढ़, सहाड़ा और राजसमंद सीट पर 30 मार्च तक नामांकन होंगे। 17 अप्रैल को वोटिंग होंगी और 2 मई को नतीजे आएंगे।

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