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  • Many Promises Made To The Minorities In The Congress Manifesto Are Not Fulfilled, 28 Posts Of Urdu Professor Are Vacant In The State, Applications Are On Only 5 Posts.

राज्य सरकार की अनदेखी:कांग्रेस के घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों से किए गए कई वादे पूरे नहीं, प्रदेश में 28 उर्दू प्रोफेसर के पद खाली, आवेदन केवल 5 पदों पर ही

जयपुर11 दिन पहले
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अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की शिक्षा व नौकरी को लेकर कई परेशानियां हैं जिसकी ओर राज्य सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है। - Dainik Bhaskar
अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की शिक्षा व नौकरी को लेकर कई परेशानियां हैं जिसकी ओर राज्य सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।
  • 56 करोड़ प्रस्तावित हॉस्टल के लिए

प्रदेश में उर्दू के असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 28 पद खाली हैं लेकिन 18 दिसंबर 2020 को जारी विज्ञप्ति में केवल 5 पदों के लिए ही आवेदन मांगे गए हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों की शिक्षा व नौकरी को लेकर कई परेशानियां हैं जिसकी ओर राज्य सरकार का ध्यान नहीं जा रहा है।

राजस्थान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष एम. सािदक खान ने बताया कि पिछली गहलोत सरकार ने वर्ष 2013-14 के बजट के प्वाइंट-92 में अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल निर्माण के लिए 56 करोड़ की राशि प्रस्तावित थी। इनका निर्माण प्रत्येक जिला मुख्यालय व 23 अल्पसंख्यक बाहुल्य विकास खंडों में किया जाना था।

गहलोत सरकार फिर से 2018 में सत्ता में आई लेकिन इस कार्य को अभी तक पूरा नहीं किया गया है। इसके अलावा अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्र में 20 उच्च माध्यमिक आवासीय विश्वविद्यालय खोलना भी प्रस्तावित था लेकिन इसे भी अभी तक क्रियान्वित नहीं किया गया।

6000 मदरसा पैराटीचर्स को न तो समय पर सैलरी नहीं मिल रही है न ही इनका ट्रांसफर हो रहा है और न ही इनकी नौकरी को नियमित करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा 2012-13 के बजट के दौरान 1000 कंप्यूटर पैराटीचर और 1000 मदरसा शिक्षक सहयोगी भी लगाए जाने थे।

सरकारी विद्यालयों में उर्दू के अध्यापकों की भी नियुक्ति नहीं
सरकारी विद्यालयों में न तो उर्दू के अध्यापकों की नियुक्ति की गई है न ही स्कूलों में सिलेबस पहुंचा है। साथ ही मदरसों में अभी तक छात्रों के लिए यूनिफॉर्म भी मुहैया नहीं कराई गई है। बोर्ड निगमों में अल्पसंख्यक वर्ग की नियुक्ति किए जाने को लेकर भी सादिक ने सवाल खड़े किए हैं।

कई मदरसों में अब तक कंप्यूटर व इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं
अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाने की घोषणा की गई थी। इस वादे को अभी तक पूरा नहीं किया गया है।

इसके अलावा घोषणा पत्र में 3240 मदरसों में कंप्यूटर व इंटरनेट कनेक्शन लगवाने का भी वादा था। लेकिन अभी तक किसी भी मदरसे में इंटरनेट कनेक्शन नहीं है केवल 296 मदरसों में कंप्यूटर लगे हैं। खान ने बताया कि मुख्यमंत्री लघु प्रोत्साहन योजना में बैंक ऑफ इंडिया की गाइडलाइन के अनुसार अल्पसंख्यकों को 15 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना चाहिए।

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