राजस्थान में सियासी हलचल:पायलट और सीपी जोशी के बीच मुलाकात, दो घंटे तक चली मंत्रणा

जयपुरएक महीने पहले
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  • पिछले दिनों हुई थी राहुल गांधी व सचिन पायलट की मुलाकात

पिछले सप्ताह कांग्रेस के पूर्व राष्टीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की सक्रियता बढ़ गई है। अब वे प्रदेश के पार्टी नेताओं काे साधने में जुट गए हैं। इसी कड़ी में पायलट गुरुवार काे अचानक स्पीकर सीपी जाेशी से मिलने उनके निवास पर पहुंच गए। इन दाेनाें नेताओं के बीच करीब दाे घंटे तक बातचीत का सिलसिला चला।

इस मुलाकात को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हाे गई हैं। सियासी गलियारे में अलग-अलग कयास निकाले जा रहे हैं। हालांकि सचिन पायलट ने मुलाकात काे लेकर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दी है। पिछले सप्ताह पायलट की राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात हुई थी, जिसके बाद से ही राजस्थान में सियासी हलचल तेज है।

अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनाें में पार्टी पायलट काे संगठन में जिम्मेदारी दे सकती है। साथ ही सियासी संकट के दाैरान पायलट गुट की ओर से उठाए गए मांगाें पर भी कांग्रेस आलाकमान विचार कर सकता है। नवरात्र के दाैरान ऐसे बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इससे पहले पायलट पार्टी के नेताओं काे साध रहे हैं। कई नेताओं से व्यक्तिगत ताैर पर भी लगातार संपर्क में हैं। सियासी संकट के बाद यह पहली बार है, जब पायलट स्पीकर जाेशी से मिलने उनके आवास पर गए।

उपचुनाव की तैयारियां: माकन का 28, 29 को प्रदेश दौरा संभव

प्रदेश प्रभारी अजय माकन 28 और 29 सितंबर को राजस्थान दौरे पर आ सकते हैं। वे उपचुनाव वाले क्षेत्रों में जाकर जमीनी हकीकत जानेंगे। वे पहले सीएम निवास पर सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे कांग्रेस प्रदेशाध्याक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के साथ वल्लभनगर और धरियावद विधानसभा क्षेत्रों में जा सकते हैं।

वल्लभनगर से कांग्रेस विधायक रहे गजेंद्र सिंह शक्तावत और धरियावद से बीजेपी विधायक रहे गौतम मीणा का कोरोना संक्रमण से निधन हो जाने से दोनों सीटें खाली हुई हैं। ऐसे में इन सीटों पर सहानुभूति वोट का फैक्टर हावी है, जिसे भुनाने की तैयारी दोनों ही पार्टियां कर रही हैं। लेकिन एक ओर दिवंगत विधायकों के कई परिजन टिकट मांग रहे हैं।

दूसरी ओर पार्टी के कई नेता भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। टिकट नहीं मिलने पर इनमें से कई बागी या निर्दलीय के तौर पर भी ताल ठोक सकते हैं, जिससे पार्टी के समीकरण बिगड़ सकते हैं। इसीलिए ज़मीनी हकीकत जानने और नेताओं की समझाइश के लिए माकन खुद दौरे पर रहेंगे।

सुलझेगा राजस्थान

पंजाब में सियासी बदलाव के दौरान राजस्थान के प्रदेश प्रभारी अजय माकन की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। पार्टी ने उन्हें ऑब्जर्वर बनाकर पंजाब भेजा था। अब राजस्थान की बारी है।

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