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मेयर व पार्षदों के निलंबन पर एकजुट भाजपा:जयपुर में राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, सरकार पर दुर्भावना व कानून का दुरुपयोग का आरोप, चारों जनप्रतिनिधियों की बहाली की मांग

जयपुर8 दिन पहले
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जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर व तीन पार्षदों की बहाली की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने जयपुर कलेक्ट्रेट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा - Dainik Bhaskar
जयपुर नगर निगम ग्रेटर की निलंबित महापौर सौम्या गुर्जर व तीन पार्षदों की बहाली की मांग को लेकर भाजपा नेताओं ने जयपुर कलेक्ट्रेट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा

जयपुर नगर निगम ग्रेटर की महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर व तीन पार्षदों के निलंबन पर भाजपा एकजुट हो गई है। शुक्रवार को प्रदेशभर में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निलंबित हुई महापौर व तीनों जनप्रतिनिधियों को बहाल करने की मांग को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र के नाम एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें राज्य सरकार पर सत्ता का दुरुपयोग करने और दुर्भावना से ग्रस्त होकर चारों जनप्रतिनिधियों को गलत तरीके से निलंबित करने का आरोप लगाया।

जयपुर में भी शहर अध्यक्ष राघव शर्मा की अगुवाई में भाजपा के पूर्व मंत्री और वर्तमान विधायक कालीचरण सर्राफ, विधायक अशोक लाहोटी, पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत सहित कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने जयपुर कलेक्ट्रेट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें आरोप लगाया कि जयपुर नगर निगम ग्रेटर में भाजपा का बोर्ड बनने के बाद कांग्रेस सरकार ने महापौर डॉ. सौम्या व बोर्ड के कार्यों को बाधा डालना शुरु कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद ही विभिन्न समितियों के चेयरमेन को नियुक्ति दी गई।

जयपुर कलेक्ट्रेट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भाजपा नेता
जयपुर कलेक्ट्रेट में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते भाजपा नेता

भाजपा नेताओं ने ज्ञापन में यह आरोप लगाए

ज्ञापन में बताया गया है कि जयपुर शहर में सफाई का काम करने वाली बीवीजी कंपनी ठीक से काम नहीं कर रही थी। कोरोना महामारी के दौरान हड़ताल हुई। शहर में गंदगी के ढेर लगने लगे थे। तब इस कंपनी को हटाने के लिए महापौर सौम्या गुर्जर ने 4 जून 2021 को एक मीटिंग बुलाई थी। जिसमें निगम कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह बैठक को छोड़कर चले गए। उन्होंने महापौर को धमकाते हुए कहा कि बीवीजी कंपनी को उसके बिलों का भुगतान करना पड़ेगा। जबकि महापौर का कहना था कि बिलों की जांच करवाने के बाद ही कंपनी को भुगतान किया जाएगा।

भाजपा नेताओं का आरोप था कि साजिशपूर्वक यज्ञमित्र सिंह ने महापौर सौम्या गुर्जर, पार्षद अजय चौहान, पार्षद पारस जैन व शंकर शर्मा सहित अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करवाया। इसके बाद महापौर व तीनों पार्षदों को महज 48 घंटे में आरएएस रेणु खंडेलवाल ने अपनी जांच में दोषी मान लिया। इसमें एक बयान नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी बृजेश चांदोलिया के भी है। जिन्होंने मारपीट का होना नहीं बताया है। धक्का मुक्की होने की बात कही है। ऐसे में भाजपा नेताओं ने महापौर सौम्या गुर्जर व तीनों पार्षदों को बहाल करने की मांग राज्यपाल से की है।

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