विलय:राजपूत करणी सेना का राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना में विलय; एकजुटता का दिया संदेश

जयपुर2 महीने पहले
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महाराणा प्रताप और सम्राट मिहिर भोज के खिलाफ बयान देने वालों के विरोध में राजपूत संगठन बुधवार को एक मंच पर आ गए हैं। श्री राजपूत करणी सेना (मूल) का बुधवार को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना में विलय हा़े गया है। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और श्री राजपूत करणी सेना (मूल) के अजीतसिंह मामडोली ने मिलकर इसकी घोषणा की। साथ ही देशभर में सदस्यता अभियान चलाकर 11 करोड़ नए सदस्य बनाने का ऐलान किया है।

कार्यकारिणी भंग, शीघ्र ही होगा नई कार्यकारिणी का गठन
राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अब दोनों संगठनों को मिलाकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से जाना जाएगा। श्री राजपूत करणी सेना व श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राजस्थान प्रदेश स्तर की कार्यकारिणी को भंग किया कर दिया गया है, अब नई कार्यकारिणी के जल्द गठन किया जाएगा।

राष्ट्रीय संयोजक अजीतसिंह मामडोली ने कहा, वर्तमान में नेता महाराणा प्रताप के लिए कुछ बोल देते है। कभी मिहिर भोज के लिए कुछ बोल देते है। फिल्मों के माध्यम से राजपूत समाज को गलत दिखाया जाता है। समाज के खिलाफ हो रहे दुष्प्रचार के विरोध में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ताकत बनेगी। समाज के इतिहास तथा महापुरुषों की छवि के साथ अनावश्यक छेड़छाड़ की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार से समाज के इतिहास के संरक्षण के लिए अधिनियम बनाकर सजा का प्रावधान करने की मांग करेंगे।

11 करोड़ नए लोगों को करणी सेना से जोड़ेंगे
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने आगामी समय संपूर्ण भारत में 11 करोड़ नए सदस्य बनने का लक्ष्य रखा है, इसके लिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। राजस्थान की 2 सीट पर हो रहे उपचुनाव में किसका साथ देना है, उसके लिए संगठन की मुख्य कार्यकारिणी द्वारा फैसला किया जाएगा। समाज के युवाओं के लिए रोजगार पर कार्यक्रम चलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि समाज हित को देखते हुए करणी सेना के अन्य संगठनों को भी एक जाजम पर लाया जाएगा। करणी सेना के नाम से एक ही संगठन होगा।

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