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हाईकोर्ट में सुनवाई:बीसलपुर से पेयजल सप्लाई मामलेे में जल संसाधन मंत्रालय को बनाया पक्षकार

जयपुर12 दिन पहले
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पीआईएल में कहा कि बीसलपुर बांध के पानी की पहली प्राथमिकता पेयजल की होनी चाहिए। - Dainik Bhaskar
पीआईएल में कहा कि बीसलपुर बांध के पानी की पहली प्राथमिकता पेयजल की होनी चाहिए।

हाईकोर्ट ने बीसलपुर बांध से पेयजल सप्लाई सुचारू तरीके से होने से जुड़े मामले में जल संसाधन मंत्रालय को पक्षकार बनाते हुए मामले की सुनवाई 2 सितंबर को तय की है। अदालत ने यह निर्देश लोकेन्द्र जैन की पीआईएल पर दिया। सुनवाई के दौरान एजी एमएस सिंघवी ने कहा कि ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट को लेकर पिछले दो दशक से ज्यादा समय से मामला केन्द्र सरकार के पास लंबित है।

इससे पेयजल के अलावा दो लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को पानी मुहैया हो सकेगा। वहीं उन्होंने कहा कि वे तीन सप्ताह में न्याय मित्र अधिवक्ता प्रतीक कासलीवाल को मामले से जुड़े कागजात दे देंगे। दरअसल पीआईएल में कहा कि बीसलपुर बांध के पानी की पहली प्राथमिकता पेयजल की होनी चाहिए।

यदि पानी कृषि के लिए सुरक्षित रखा तो जयपुर, अजमेर और टोंक के निवासियों के लिए पेयजल संकट खड़ा हो सकता है। वर्ष 2022 में मानसून आने से पहले बांध में करीब 11.5 टीएमसी पानी ही रहेगा। इसलिए यदि अभी पानी को कृषि के लिए दिया गया तो आगामी दिनों में एक करोड़ की आबादी को पीने का पानी नहीं मिलेगा।

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