आईएमए से कोर्स मान्य नहीं:एसडीएमएच ने लैब टेक्नीशियन सर्टिफिकेट जारी किया; एसडीएमएच में लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर कोर्स के नाम पर गड़बड़ी

जयपुरएक वर्ष पहलेलेखक: विनोद मित्तल. सुरेन्द्र स्वामी
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17 साल पहले ही आईएमए के कोर्स की 
मान्यता निरस्त, फिर प्रमाण पत्र किए जारी - Dainik Bhaskar
17 साल पहले ही आईएमए के कोर्स की मान्यता निरस्त, फिर प्रमाण पत्र किए जारी

एमपी के 4 संस्थानों के बाद अब राजस्थान में भी लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर के डिप्लोमा प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा आया है। जयपुर स्थित संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल ने आईएमए के नाम से लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर के डिप्लोमा प्रमाण पत्र जारी कर दिए, जो मान्यता प्राप्त नहीं हैं। चिकित्सा विभाग ने इन प्रमाण पत्रों को नियुक्ति के लिए अपात्र माना है। विभाग ने राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल को लिखे पत्र में आईएमए डिप्लोमा के आधार पर हुए रजिस्ट्रेशन को निरस्त करने को कहा है।

इधर, एसडीएमएच प्रशासन ने विभाग की कार्यवाही का विरोध किया है। विभाग का कहना है कि संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में लैब टैक्नीशियन और रेडियोग्राफर कोर्स संचालित है। लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर के लिए अस्पताल ने आरपीएमसी से मान्यता ले रखी है। यह लैब टेक्नीशियन और सहायक रेडियोग्राफर भर्ती के लिए मान्य हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के नाम से कराए जा रहे सर्टिफिकेट कोर्स गलत हैं
संतोकबा दुर्लभजी मेमोरियल अस्पताल में दूसरे प्रकार के लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर कोर्स इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के नाम से कराए जा रहे हैं, जो गलत है। आईएमए के नाम से जारी प्रमाण पत्र के आधार पर कई अभ्यर्थियों ने काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा लिया और रजिस्ट्रेशन के आधार पर लैब टेक्नीशियन या रेडियोग्राफर भर्ती में चयनित भी हो गए। अब इनका चयन निरस्त होगा। विभाग का कहना है कि इस प्रमाण पत्र के आधार पर 2009 के बाद किसी भी वर्ष हुई भर्ती में नियुक्ति प्रदान नहीं की गई।

17 साल पहले ही आईएमए के कोर्स की मान्यता निरस्त, फिर प्रमाण पत्र किए जारी
चिकित्सा विभाग के पत्र के अनुसार अस्पताल ने 1994 में लैब टेक्नीशियन कोर्स के लिए अनुमति ली थी। इस कोर्स को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) से मान्यता प्राप्त बताया गया था। विभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय से जानकारी मांगी तो पता चला कि आईएमए लैब टेक्नीशियन जैसा कोर्स संचालित नहीं करती और ना ही मान्यता देती है। यह तथ्य सामने आने के बाद सरकार ने जून 2002 में अस्पताल में संचालित लैब टेक्नीशियन कोर्स की मान्यता निरस्त कर दी थी। इसके बावजूद अस्पताल आईएमए के नाम पर लैब टेक्निशयन व रेडियोग्राफर कोर्स के डिप्लोमा प्रमाण पत्र भी जारी कर रहा है।

एसडीएमएच अस्पताल का दावा-रजिस्ट्रेशन वैध हैं
एसडीएमएच अस्पताल का कहना है आरपीएमसी ने 3 अक्टूबर 2017 में पैरामेडिकल अपील के द्वारा 2013 तक एसडीएमएच के सभी अभ्यर्थियों को का पंजीकरण किया था। 2 फरवरी 2018 को काउंसिल ने एसडीएमएच के 2013 तक के सभी लैब टेक्नीशियन अभ्यर्थियों का पंजीयन वैध करार दिया है। विभाग द्वारा जारी पत्र के आधार पर अभ्यर्थियों का पंजीयन निरस्त करना नियमों का उल्लंघन होगा।

इस अस्पताल द्वारा आईएमए के नाम पर जारी लैब टेक्नीशियन व रेडियोग्राफर डिप्लोमा प्रमाण पत्र मान्य नहीं है। राजस्थान पैरामेडिकल काउंसिल को इन पर हुए रजिस्ट्रेशन निरस्त करने को कहा है। साथ ही निरस्त रजिस्ट्रेशन की सूची चयन बोर्ड को देने के निर्देश दिए गए हैं।
-मुकुल शर्मा, निदेशक (अराजपत्रित), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान

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