मेडल लाने से चूकी भारतीय टीम:टोक्यो पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल मिक्स इवेंट में बाहर हुआ भारत, अवनि-सिद्धार्थ और दीपक नहीं कर पाए क्वालीफाई

जयपुर3 महीने पहले
गोल्डन गर्ल अवनि लेखरा ।

टोक्यो पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल प्रतिस्पर्धा में भारत के हाथ निराशा लगी है। गोल्डन गर्ल अवनि लेखरा आज अपने साथी सिद्धार्थ बाबू और दीपक सैनी के साथ क्वालीफाई राउंड में ही बाहर हो गईं। छठी सीरीज में भारत की तरफ से अवनि लेखरा ने 10.496 अंक हासिल किए और वह 27वें नंबर रहीं। सिद्धार्थ 10.425 अंक हासिल कर 40वें नंबर रहे। दीपक सैनी 10.451 अंकों के साथ 43वें स्थान पर रहे। इस तरह तीनों भारतीय निशानेबाज बाहर हो गए।

इससे पहले जयपुर की रहने वाली अवनि लेखरा ने टोक्यो पैरालिंपिक में 10 मीटर एयर राइफल में भारत को पहला गोल्ड दिलाया है। फाइनल में 249.6 पॉइंट हासिल कर उन्होंने यूक्रेन की इरिना शेटनिक के रिकॉर्ड की बराबरी की। शूटिंग में गोल्ड जीतने के साथ ही अवनि देश की पहली महिला खिलाड़ी बन गईं, जिसने ओलिंपिक या पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीता हो।

अवनि के परिवार ने बताया कि वो खेल के साथ पढ़ाई में भी अव्वल हैं। अवनि के दादा जीआर लेखरा ने बताया कि अवनि का जयपुर से टोक्यो तक का सफर काफी संघर्ष भरा है। अवनि ने हिम्मत और लगातार मेहनत करके सभी बाधाओं को हराकर कामयाबी हासिल की है।

2012 में महाशिवरात्रि के दिन अवनि का एक्सीडेंट हो गया था, जिससे उसे पैरालिसिस हो गया। तब वह पूरी तरह हिम्मत हार चुकी थी। अपने कमरे से भी बाहर नहीं निकलती थी, लेकिन हम सभी ने उसे हिम्मत दी। माता-पिता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अवनि की मेहनत का ही नतीजा है कि वह दुनियाभर में भारत नाम रोशन कर रही है।

जज बनना चाहती हैं अवनि
परिवार ने बताया कि शूटिंग में इतिहास रचने वाली अवनि लेखरा पढ़ाई में भी काफी होशियार है। परिजनों ने बताया कि उसे किताबें पढ़ने का काफी शौक है। हर दिन अवनि खेल के साथ पढ़ने में भी काफी वक्त बिताती हैa। अवनि के भाई अरनव ने बताया कि फिलहाल वह आरजेएस की तैयारी कर रही हैं, ताकि वह जज बन न्याय कर सके।

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