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सियासी युद्धविराम!:12 दिन बाद जैसलमेर से जयपुर लौटे विधायक, मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- भूलो और माफ करो

जयपुर2 महीने पहले
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कोरोनाकाल में पहली बार जोधपुर पहुुंचे सीएम गहलोत।
  • गहलोत खेमे के विधायकों को होटल में ही रुकना होगा, 14 अगस्त को सत्र में जाएंगे
  • सीएम बोले- सब गिले-शिकवे दूर करके मिलकर हम प्रदेश की सेवा का संकल्प पूरा करेंगे

विधानसभा सत्र से दो दिन पहले बुधवार को गहलोत खेमे के विधायक जयपुर लौट आए। यहां उन्हें फिर से उसी होटल फेयरमोंट में ठहराया गया है, जहां से वे 31 जुलाई को जैसलमेर गए थे। इधर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम का पटाक्षेप करते हुए कहा- ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव, भूलो और माफ करो और आगे बढ़ो। यही प्रदेशवासियों और लोकतंत्र के हित में है। ये लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की है। हमारे 100 से अधिक विधायकों ने इतना साथ दिया, वह अपने आप में बहुत बड़ी बात है।

ऐसा हिंदुस्तान के इतिहास में कभी नहीं हुआ होगा। असल में ये जीत प्रदेशवासियों की है। लोगों ने हमारे विधायकों की हौसला अफजाई की और कहा कि महीना-दो महीना लग जाए परवाह मत करो.. जीत सरकार की होनी चाहिए। सरकार स्टेबल होनी चाहिए।’ गहलोत ने कहा कि मैं प्रदेशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि हमारी जीत सुनिश्चित है, आने वाले वक्त में सब और दोगुने जोश से काम करेंगे।’

‘विधायकों की नाराजगी स्वाभाविक’
बाड़ेबंदी में रहने वाले विधायकों की नाराजगी के सवाल पर सीएम गहलोत ने कहा कि ये स्वाभाविक है। जिस रूप में ये एपिसोड हुआ और विधायकों को एक महीना अपने परिवार से दूर रहना पड़ा, उससे नाराजगी होना स्वाभाविक था। लेकिन मैंने उन्हें समझाया है कि लोकतंत्र को बचाने के लिए कई बार हमें बहुत कुछ सहन भी करना पड़ता है। मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा- हमारे जो साथी चले गए थे वो भी वापस आ गए हैं। उम्मीद है कि सब गिले-शिकवे दूर करके मिलकर हम प्रदेश की सेवा करने का संकल्प पूरा करेंगे।

कहा कि ये डेमोक्रेसी को बचाने की लड़ाई है, आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जो घटना घटी उसके लिए भूलो और माफ करो की स्थिति में रहना चाहिए। सब मिलकर चलें। उन्होंने कहा कि यह जीत जो है, ये जीत असली प्रदेशवासियों की जीत है। गहलोत ने कहा कि लोगों ने हमारे विधायकों की हौसला अफजाई की और कहा कि महीना-दो महीना लग जाए परवाह मत करो.. जीत सरकार की होनी चाहिए.. सरकार स्टेबल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं प्रदेशवासियों को और विश्वास दिलाता हूं कि जीत हमारी सुनिश्चित है, आने वाले वक्त में और दोगुने जोश से सब काम करेंगे।

लंबे समय तक साथ रहे तो विधायकों के अच्छे संबंध भी बने
गहलोत ने कहा कि इतने लंबे समय तक साथ रहने से विधायकों के आपस अच्छे संबंध बने हैं। बोले... एक महीना साथ रहते हैं, तो आप समझ सकते हो कि कितने गहरे संबंध बने होंगे।

कहा-विधायकों की नाराजगी स्वाभाविक है
विधायकों की नाराजगी के सवाल पर गहलोत ने कहा कि उनकी नाराजगी स्वाभाविक है। गहलोत ने कहा कि जिस रूप में ये एपिसोड हुआ और विधायकों को एक महीना रहना पड़ा, उससे नाराजगी होना स्वाभाविक था। लेकिन उनको मैंने समझाया है कि देश और प्रदेश और प्रदेशवासियों के और लोकतंत्र को बचाने के लिए कई बार हमें कई बार सहन करना भी पड़ता है। हम सब आपस में मिलकर काम करेंगे। कहा जो हमारे साथी चले गए थे वो भी वापस आ गए हैं। मुझे उम्मीद है कि सब गिले-शिकवे दूर करके सब मिलकर हम प्रदेश की सेवा करने का संकल्प पूरा करेंगे।

विधायकों को पत्र लिखा उसका बड़ा असर पड़ा-गहलोत
गहलोत ने कहा कि मैं ये दावे के साथ कह सकता हूं कि विधायकों को जो पत्र मैंने लिखा उसका बड़ा इम्पैक्ट पड़ा। इसी पत्र की वजह से बीजेपी की बाड़ाबंदी फेल हो गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने विधायकों को गुजरात भेजने के लिए तीन प्लेन हायर किए लेकिन इनमें से मुश्किल से एक ही प्लेन जा पाया। गहलोत बोले कि भाजपा हमें कहती थी कि बाड़ाबंदी क्यों कर रहे हो लेकिन नौबत ये आ गई कि उन्हें बाड़ाबंदी करनी पड़ी।

विधायकों को मैंने जो पत्र लिखा, उसी वजह से बीजेपी की बाड़ेबंदी फेल हुई : गहलोत
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि मैं ये दावे के साथ कह सकता हूं कि विधायकों को जो पत्र मैंने लिखा उसका बड़ा इम्पैक्ट पड़ा। इसी पत्र की वजह से बीजेपी की बाड़ाबंदी फेल हो गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने विधायकों को गुजरात भेजने के लिए तीन प्लेन हायर किए लेकिन इनमें से मुश्किल से एक ही प्लेन जा पाया।

गहलोत बोले कि भाजपा हमें कहती थी कि बाड़ाबंदी क्यों कर रहे हो लेकिन नौबत ये आ गई कि उन्हें खुद बाड़ाबंदी करनी पड़ी। बता दें कि इस पत्र में सीएम ने लिखा था-विधायक सरकार गिराने के षड्यंत्र का हिस्सा न बनें। उनकी अंतरात्मा क्या कहती है, उसके आधार पर फैसला करें। साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि इतने लंबे समय तक साथ रहने से हमारे विधायकों के आपस में अच्छे संबंध बने हैं। एक महीना साथ रहते हैं, तो आप समझ सकते हो कि कितने गहरे संबंध बने होंगे।

एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत को ह्दय विदारक बताया, कहा- आप जिससे चाहें उससे जांच करवा देंगे

जोधपुर। कोरोनाकाल में पहली बार सीएम गहलोत जोधपुर पहुंचे। यहां भील परिवार के 11 लोगों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री ने पाक विस्थापित परिवार से मुलाकात की और मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि एक परिवार के इतने लोग चले जाएं, इससे बड़ा दुख क्या हो सकता है। सरकार इन 11 मौतों की सच्चाई का पता लगाएगी और मामले की तह तक जाएगी।

  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा- इस मामले में अभी पुलिस जांच कर रही है, अगर समाज के लोग किसी दूसरे से जांच करवाना चाहेंगे तो वो भी करवा देंगे। इस दौरान परिवारों की ओर से सीएम को एक पत्र दिया गया, जिसमें इस घटना, परिवार और पाक विस्थापित परिवारों के हालात की जानकारी दी गई है।
  • गहलोत ने कहा- मैं जब पहली बार सांसद बना था, तभी से पाक विस्थापितों के लिए काम किया है। मामला केंद्र का होता है इसलिए कई मर्तबा जो चाहते हैं, वह हो नहीं पाता है। बच्चों को पढ़ाएं ताकि परिवार और समाज आगे बढ़ सकें क्योंकि जमाना बदल गया है।

इसकी तह में जाना जरूरी

उन्होंने देचू के लोड़ता अचलावता में 11 पाक विस्थापितों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को जोधपुर में पाक विस्थापित परिवारों के बीच पहुंचे। उन्होंने इस घटना को ह्दय विदारक बताते हुए कहा कि सरकार इन 11 मौत की सच्चाई का पता लगाएगी और मामले की तह तक जाएगी। जांच पुलिस कर रही है, अगर समाज के लोग दूसरे से जांच करवाना चाहेंगे तो वो भी करवा देंगे। इस दौरान परिवारों की ओर से मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया गया, जिसमें इस घटना, परिवार व विस्थापित परिवारों के हालात की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे जैसलमेर से जोधपुर पहुंचे और बाद में गंगाणा रोड पर पाक विस्थापित परिवारों के बीच गए। यहां मृतकों को श्रद्धांजलि देने के बाद उन्होंने कहा कि एक परिवार के इतने लोग चले जाए, इससे बड़ा दु:ख क्या हो सकता है। इसकी तह में जाना जरूरी है। किस्से कहानियां आती रहती है। पुलिस का काम है घटना किन कारणों से घटित हुई, यह जानना जरूरी है। सरकार की ड्यूटी है कि इसकी सच्चाई जानी जाए ताकि ऐसी घटना फिर कहीं, कभी न हो। ऐसी घटना के बारे में सुनकर-पढ़कर विश्वास नहीं होता है कि ऐसा कैसे कर सकते हैं?

जब पहली बार सांसद बना था, तभी से पाक विस्थापितों के लिए काम किया है। मामला केंद्र का होता है इसलिए कई मर्तबा जो चाहते हैं, वह हो नहीं पाता है। बच्चों को पढ़ाएं ताकि परिवार और समाज आगे बढ़ सके क्योंकि जमाना बदल गया है। हिंदूसिंह सोढ़ा ने जो लड़ाई लड़ी, उससे हमने मिलकर कई काम किए। पूरी जांच करवाएंगे। पुलिस कर रही है, आप चाहेंगे तो दूसरे से करवाएंगे। जांच कोई करे, सच्चाई सामने आनी चाहिए। बाकी जो समस्याएं हैं, उसको लेकर केंद्र से हम बात करते रहते हैं। जिन परिवारों को मदद की जरूरत है, उनको सरकार से सहायता मिलेगी।

सीमांत लोक संगठन के संयोजक हिंदू सिंह सोढ़ा ने कहा कि ऐसे कई परिवार पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न से परेशान होकर आते हैं, भगत की कोठी स्टेशन से ही एक नेक्सेस इन्हें अपने चंगुल में ले लेते हैं। दलाल, एफआरआे, लोकल सीआईडी व पुलिस, तीनों मिलकर शोषण करते हैं। जिस परिवार के 11 जनों की मौत हुई, उस परिवार को मुझसे संपर्क तक नहीं करने दिया गया। कह दिया गया कि मैं तो दिल्ली रहता हूं। सरकार को पाक विस्थापितों के संरक्षण के लिए मैकेनिज्म बनाना होगा नहीं तो उत्पीड़न होता रहेगा।

समाज में रखने की धमकी देकर यौन शोषण के मामले दबा दिए जाते हैं। तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की जरूरत है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि यह साधारण घटना नहीं है। परिस्थितियों के कारण आने में देर जरूर हुई, लेकिन कांग्रेस पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता व सरकार आपके साथ है, जरूर न्याय मिलेगा।

पायलट गुट के 18 विधायक गहलोत खेमे के विधायकों के साथ बाड़ेबंदी में नहीं रहेंगे

सीएम अशोक गहलोत गुट के विधायकों की तो अभी तक होटल में बाड़ेबंदी जारी है, लेकिन सचिन पायलट गुट के विधायक अपने घर पर ही रह रहे हैं। दो दिन पहले से ही पायलट गुट के सभी विधायक बाड़ेबंदी से मुक्त हो चुके हैं। बुधवार शाम सात बजे पायलट के सरकारी आवास पर विधायकों की एक मीटिंग भी हुई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई। हालांकि, इसे अनौपचारिक मुलाकात बताया गया। 14 अगस्त को होने वाले विधानसभा सत्र के लिए सभी विधायक जयपुर में ही ठहरे हुए हैं।

आज विधायक दल की बैठक संभव, विवाद के बाद पहली बार मिलेंगे पायलट-गहलोत
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल जयपुर आ रहे हैं। बुधवार देर रात तक उनके पहुंचने की संभावना है। केसी वेणुगोपाल की उपस्थिति में मुख्यमंत्री आवास या फिर विधानसभा में विधायक दल की मीटिंग हो सकती है। इस दौरान सचिन पायलट और अशोक गहलोत, दोनों ही गुट के विधायक मौजूद रहेंगे। इसके बाद दोनों गुटों के बीच मेल-मिलाप का दौर शुरू होगा। सभी के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की मुलाकात किस तरह से होती है।

इधर... बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में आज सुनवाई
जयपुर| बसपा के छह विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। दरअसल, भाजपा विधायक मदन दिलावर की सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी और दिलावर व बसपा की राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका पर ये सुनवाई होनी है। मदन दिलावर ने एसएलपी व याचिका में स्पीकर के 18 सितंबर 2019 के बसपा एमएलए के कांग्रेस में विलय के आदेश पर रोक लगाने और बसपा से कांग्रेस में गए सभी 6 एमएलए को विधानसभा के फ्लोर टेस्ट में किसी भी पार्टी के पक्ष में मतदान से रोकने का आग्रह किया है।

बसपा ने भी अदालत से उनके बागी विधायकों के फ्लोर टेस्ट में पाबंदी लगाने और उन्हें विधानसभा के किसी भी सत्र में भाग नहीं लेने देने का आग्रह किया है। इस मामले में दिलावर की ओर से हरीश साल्वे, सत्यपाल जैन, आशीष शर्मा व बसपा की ओर से सतीश चन्द्र मिश्रा कोर्ट में पैरवी कर रहे हैं।

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