राजस्थान में मंकी पॉक्स की चेतावनी जारी:यूरोप-ऑस्ट्रेलिया, US से आने वाले होंगे ट्रेस; कॉन्टेक्ट में आने वालों की भी होगी जांच

जयपुर3 महीने पहले

यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, यूएसए, कनाडा से यात्रा करके भारत आने वाले यात्रियों को लेकर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट राजस्थान ने इन देशों में मिले मंकी पॉक्स के मामलों को देखते हुए यात्रियों की स्क्रीनिंग करने और सस्पेक्ट मिलने पर उस व्यक्ति को आईसोलेट करके सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) पुणे भिजवाने के लिए कहा है।

स्वास्थ्य विभाग राजस्थान से जारी एडवाइजरी के मुताबिक इन देशों से जो यात्री पिछले दिनों राजस्थान लौटे लोगों को भी ट्रेस किया जाएगा। उनकी स्क्रीनिंग करने और आइसोलेट करने के लिए कहा है। ऐसे मरीजों के ब्लड सैंपल या बलगम का सैंपल लेकर जांच के लिए NIV पुणे भिजवाने के लिए कहा है। अगर संदिग्ध मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसके कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करवाई जाएगी। उन लोगों की जांच होगी जिससे वह मिला हो।

हेल्थ डिपार्टमेंट से जुड़े विशेषज्ञों की माने तो ये वायरस इंसान से इंसान में और जानवर से इंसान में ट्रांसफर होता है। मरीज के घाव से निकलकर यह वायरस आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसके अलावा बंदर, चूहे, गिलहरी जैसे जानवरों के काटने से या उनके खून और बॉडी फ्लुइड्स (लार, पसीना) को छूने से भी मंकी पॉक्स फैल सकता है।

खाड़ी देशों से आती है जयपुर में फ्लाइट्स

राजस्थान में इंटरनेशनल फ्लाइट्स का संचालन जयपुर एयरपोर्ट से होता है। यहां खाड़ी देश दुबई, आबूधाबी, मस्कट और शारजहां से रेगुलर फ्लाइट्स आती है। इसके अलावा इसी महीने बैंकॉक के लिए भी फ्लाइट का संचालन शुरू हुआ है। कई यात्री यूरोपियन देशों से वाया दुबई, शारजहां होते हुए राजस्थान आते है, ऐसे में इन यात्रियों को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी।

ये हैं लक्षण
केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक यूके, यूएसए, ऑस्ट्रेलिया समेत अन्य देशों में मंकी पॉक्स के केस मिले हैं। जिसे देखते हुए यहां भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है। मंकी पॉक्स से ग्रसित मरीजों में शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं। इनमें बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, कमर दर्द, कंपकंपी छूटना, थकान और सूजी हुई लिम्फ नोड्स शामिल हैं। इसके बाद चेहरे पर दाने उभरने लगते हैं, जो शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाते हैं। ये लक्षण संक्रमण के 5वें दिन से 21वें दिन तक आ सकते हैं।

इन देशों में मिल चुके है केस

मंकी पॉक्स के मामले यूरोप के इटली, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, पुर्तगाल, स्पेन और बेल्जियम में मिले चुके है। इसके अलावा यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भी इससे संक्रमित केस आ चुके है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस संक्रमण के मामले अमूमन मध्य और पश्चिमी अफ्रीकी देशों में मिलते है, जहां ज्यादा बरसात होती है। इस बीमारी से मरने वालों की रेशो 10 फीसदी तक होता है।