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हायर एजुकेशन:प्रदेश की उच्च शिक्षा को मजबूत करने के लिए चाहिए 100 से अधिक प्रोफेसर्स और 200 से ज्यादा एसोसिएट प्रोफेसर्स

जयपुर16 दिन पहले
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सबसे बड़े विश्वविद्यालय राजस्थान यूनिवर्सिटी में ही प्रोफेसर्स के कुल स्वीकृत 61 पदों में से 58 पद खाली हैं। - Dainik Bhaskar
सबसे बड़े विश्वविद्यालय राजस्थान यूनिवर्सिटी में ही प्रोफेसर्स के कुल स्वीकृत 61 पदों में से 58 पद खाली हैं।
  • हर विश्वविद्यालय में खाली चल रहे शिक्षकों के पद, कइयों में अब तक कॅरिअर एडवांस्मेंट स्कीम ही नहीं हुई शुरू
  • प्रोफेसर के 58 पद खाली हैं प्रदेश की सबसे बड़ी विवि राजस्थान यूनिवर्सिटी में

प्रदेश की उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए अभी भी राज्य के विश्वविद्यालयों में 100 से अधिक प्रोफेसर्स और 200 से अधिक एसोसिएट प्रोफेसर्स की आवश्यकता है। लंबे समय से सरकार न तो पद भर रही है और न ही सभी विश्वविद्यालयों में कॅरिअर एडवांस्मेंट स्कीम के तहत पदोन्नति दी जा रही है।

इस कारण विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को परेशानी हो रही है। हाल में उच्च शिक्षा विभाग ने साल 2020-21 की रिपोर्ट जारी की है। इसमें प्रत्येक विश्वविद्यालयों में मैनपावर का भी विवरण दिया गया है। हाल यह है कि प्रदेश के सबसे बड़े विश्वविद्यालय राजस्थान यूनिवर्सिटी में ही प्रोफेसर्स के कुल स्वीकृत 61 पदों में से 58 पद खाली हैं।

वहीं एसोसिएट प्रोफेसर्स के 135 में से 113 पद खाली चल रहे हैं। एमडीएस यूनिवर्सिटी अजमेर में शैक्षणिक वर्ग के सभी पदों को मिलाकर 48 में से 32 पद रिक्त चल रहे हैं। यहां संचालित कॉमर्स डिपार्टमेंट में अब एक भी प्रोफेसर, एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसर ही नहीं है।

दरअसल, लंबे समय से कई विश्वविद्यालयाें में एसोसिएट प्रोफेसर्स को सीएएस के माध्यम से प्रोफेसर नहीं बनाया गया है। यहां तक कि एसोसिएट प्रोफेसर अब प्रोफेसर की एलिजिबलिटी भी रखते हैं। सीएएस के बाद प्रोफेसर्स बनने का बड़ा फायदा पीएचडी स्कॉलर्स को मिलेगा।

प्रोफेसर के पास एसोसिएट की तुलना में अधिक स्कॉलर्स अलॉट होते हैं। वर्धमान महावीर ओपन यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक वर्ग के कुल 37 में से 16 पद रिक्त हैं। मत्स्य विश्वविद्यालय अलवर में कुल 30 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पर भर्तियां होनी बाकी है। इसी प्रकार ब्रज विश्वविद्यालय भरतपुर में सभी को मिलाकर 15 पदों पर भर्ती की जानी है।

केंद्र कर चुका सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में भर्तियों की घोषणा

केंद्रीय विवि में भरे जाएंगे रिक्त पद
हाल में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त चल रहे फैकल्टीज के पदों को जल्द ही भरने की घोषणा की है। केंद्र सरकार इस ओर प्रयास कर रही है, जबकि प्रदेश में हालात विपरीत हैं। राजस्थान उन राज्यों में शामिल है, जहां सबसे अधिक विश्वविद्यालय हैं।

स्पेशलाइज्ड यूनिवर्सिटी मे पद खाली पत्रकारिता विवि में 23 पोस्ट वैकेंट
स्पेशलाइज्ड एरिया में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय और स्किल यूनिवर्सिटी भी शामिल हंै। पत्रकारिता विवि की बात की जाए तो यहां पर भी फैकल्टीज के 30 में से 23 पद रिक्त ही चल रहे हैं। यह विवि नौ सितंबर 2019 से ही शुरू किया गया है।

गुणवत्तायुक्त शिक्षा मिलेगी स्टूडेंट्स को, काम का भार भी होगा काफी कम
यूनिवर्सिटी स्तर पर ही एक शिक्षक के पास अधिक स्टूडेंट्स है। इससे सीधे तौर से पढ़ाने की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। वहीं रिसर्च की क्वालिटी भी प्रभावित होती है। अधिकांश विवि के पास उनके कॉन्स्टीट्यूट कॉलेज भी नहीं है। इस कारण वे किसी अन्य कॉलेज से शिक्षक भी विवि में स्थाई रूप से नहीं बुला सकते।

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