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पूरा वेतन मिलने की उम्मीद:निजी स्कूलों के 11 लाख शिक्षक-कर्मचारियों में से अधिकांश को पूरे वेतन का इंतजार, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से राहत की उम्मीद

जयपुर10 दिन पहले
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  • निजी स्कूलों ने तेलंगाना की तर्ज पर शिक्षकों के वेतन के लिए अनुदान की मांग उठाई, तेलंगाना में प्रति शिक्षक मिल रहा ~2500 अनुदान

प्रदेश के 50 हजार निजी स्कूलों में 11 लाख शिक्षक-कर्मचारी लगे हैं। इनमें से अधिकांश को पूरा वेतन मिलने का इंतजार है। सत्र 2020-21 में इनमें से अधिकांश शिक्षकों को या तो वेतन ही नहीं मिला। अगर मिला तो 30 से 40 फीसदी तक मिला। लघु और मध्यम दर्जे के स्कूलों में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने वेतन का संकट अधिक है। कोरोनाकाल में आर्थिक संकट से जूझ रहे इन शिक्षक-कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से पूरा वेतन मिलने की उम्मीद बंधी है।

निजी स्कूलों ने अब तेलंगाना की तर्ज पर सरकार से अनुदान की मांग उठाई है। स्कूल संचालकों का कहना है कि इस राज्य में निजी स्कूलों को प्रत्येक शिक्षक के वेतन के लिए 2500 रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। इसी तर्ज पर हमें भी अनुदान दिया जाए। उधर, सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2019-20 की फीस का 85 फीसदी सत्र 2020-21 की फीस के रूप में वसूलने के आदेश दिया है।

इसमें शिक्षक-कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं करने को भी एक आधार माना गया है। निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों का कहना है कि वेतन की सबसे अधिक परेशान राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से जुड़े लघु और मध्यम श्रेणी के स्कूलों में है। जबकि प्रदेश के अधिकांश सीबीएसई के स्कूलों में वेतन कटौती करके भुगतान किया गया है।

ना फीस आई, ना ही वेतन का भुगतान कर पाए

राजस्थान बोर्ड से जुड़े अधिकांश निजी स्कूलों में पूरी फीस जमा नहीं हुई। लघु और मध्यम दर्जे के इन स्कूलों में 30 से 50 फीसदी ही फीस जमा हुई है। ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में तो हालत और भी खराब है। इस कारण इन स्कूलों में आधे शिक्षकों को तो वेतन का भुगतान ही नहीं हुआ। जिनको मिला उनको भी 30 से 40 फीसदी वेतन ही मिला है। वेतन मांगने पर स्कूल संचालक साफ कह देते हैं कि फीस नहीं आई। वेतन कहां से दें। फीस जमा नहीं होने के कारण कई स्कूल तो बंद होने के कगार पर पहुंच गए।

सीबीएसई स्कूलों में फीस तो आई, लेकिन पूरा वेतन नहीं : सुप्रीम कोर्ट के फरवरी में आए 100 फीसदी फीस वसूलने के अंतरिम आदेश के बाद अधिकांश सीबीएसई स्कूलों में 70 से 90 फीसदी फीस जमा हो गई। इसके बावजूद पूरा वेतन देने वाले सीबीएसई स्कूलों की संख्या बहुत कम है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब उम्मीद है कि निजी स्कूलों को फीस प्राप्त होगी। इससे वे शिक्षक और कर्मचारियों को वेतन का पूरा भुगतान कर सकेंगे। बहुत से निजी स्कूलों ने वेतन का पूरा भुगतान कर दिया है। - दामोदर गोयल, अध्यक्ष, सोसायटी फॉर अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स ऑफ राजस्थान

तेलंगाना में लॉकडाउन अवधि का 2500 रुपए प्रति कर्मचारी के हिसाब से अनुदान दिया गया है। राजस्थान सरकार को भी इसी तर्ज पर अनुदान देना चाहिए। साथ ही आरटीई का बकाया 800 करोड़ रुपए का भुगतान भी करना चाहिए। ताकि स्कूल आर्थिक संकट से उभर सके और वेतन का पूरा भुगतान कर सके। - अनिल शर्मा, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा परिवार

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