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शिक्षा विजिटिंग फैकल्टी के भरोसे:राज्य के अधिकांश विश्वविद्यालय लागू नहीं कर पाए यूजीसी एक्ट 2018 के नियम

जयपुर13 दिन पहले
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  • बड़ा बदलाव- अब नए नियमों के तहत ही होंगी भर्तियां, बोम के पास भी अधिक अधिकार

उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बढ़ाने एवं विश्वस्तरीय मानकों को लागू करने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने 2018 में भारत के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में लागू के लिए अधिसूचना जारी की थी। तीन सालों में भी अधिनियम राज्य में पूरी तरह से लागू नहीं हो पाए। इस अधिनियम का अधिक फायदा विजिटिंग फैकल्टी को ही मिल पाया है। अधिकांश विवि में अधिनियम लागू नहीं होने से शैक्षणिक वर्ग में नियमित भर्ती भी नहीं हो पा रही है।

वर्तमान में अधिकांश विभागों में जो विजिटिंग फैकल्टी कार्यरत हैं, वे ज्यादातर या तो खुद पीएचडी कर रहे हैं, नेट हैं या सेवानिवृत्त हैं। यूजीसी ने यह स्पष्ट किया है कि एक जुलाई 2021 से देश के सभी विवि व कॉलेजों में यूजीसी अधिनियम 2018 लागू होगा। इसमें विशेष तौर पर असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता के लिए पीएचडी को अनिवार्य किया गया है।

यहां तक की अब विजिटिंग फैकल्टी का भी पीएचडी होना अनिवार्य होगा। नए नियम में असिस्टेंट प्रोफेसर के चयन के लिए गुड अकादमिक रिकॉर्ड की बाध्यता खत्म कर दी गई है। संबंधित विषय में पीएचडी के साथ स्नातकोत्तर में 55% अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

शिक्षक मूल्यांकन ग्रेडिंग सिस्टम की मेरिट के आधार पर चयन होगा। नए नियम में शोध पर फोकस किया गया है। पहले के नियमों के तहत पीजी की डिग्री और राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) को कॉलेज और विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए पर्याप्त माना जाता था।

मानदेय भी यूजीसी के अनुरूप नहीं

यूजीसी के आदेश दिनांक 28 जनवरी 2019 के अनुसार 7वें वेतन आयोग के अनुरूप विजिटिंग फैकल्टी को 1500 रुपए पीरियड मिलने चाहिए। अभी विजिटिंग फैकल्टी को 500 रुपए प्रति पीरियड, के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। राज्य सरकार की विद्यासंबल योजना में भी प्रति पीरियड 800 रुपए निर्धारित किए गए हैं।

शिक्षक मूल्यांकन ग्रेडिंग सिस्टम की मेरिट से चयन

समस्त विवि व कॉलेजों में नियमित व विजिटिंग फैकल्टी की चयन प्रक्रिया के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अधिनियम 2018 में एक नया, शिक्षक मूल्यांकन ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी, नेट, एमफिल, टीचिंग अनुभव, शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित शोध पत्र, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार, पुरस्कारों आदि को चयन के लिए मानक मना गया है।

अब नए निर्णय भी ले सकेगी बोम

नए नियम की इसी सत्र से पालना के लिए विभिन्न विभाग विजिटिंग फैकल्टी के लिए विषय वार ऑनलाइन विज्ञापन यूजीसी रेगुलेशन 2018 के तहत दिए जा सकेंगे। मानदेय के लिए फाइनेंस कमेटी की मीटिंग होगी और बाद में इसको बोम में पारित किया जाएगा।

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