पायलट समर्थक दो और विधायक ने खोला मोर्चा:रमेश मीणा के बाद मुरारी मीणा और वेदप्रकाश सोलंकी ने कहा- हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा, परेशान तो हम हैं

जयपुरएक वर्ष पहले
रमेश मीणा के समर्थन में उतरे मुरारीलाल मीणा (मास्क) और वेदप्रकाश सोलंकी, दोनों विधायकों ने मंत्रियों पर निशाना साधा है।
  • मुरारी मीणा ने कहा- कई मंत्री एससी-एसटी विधायकों के काम नहीं करते, हम हाईकमान से मिलेंगे
  • वेदप्रकाश सोलंकी बोले- बैकबोन भी कहें और कमजोर भी करें; महेश जोशी 50 सीटों पर बैठने वालों की लिस्ट सार्वजनिक करें

पूर्व मंत्री रमेश मीणा के बाद अब सचिन पायलट समर्थक दो और विधायकों ने विधानसभा में सीट आवंटन और विकास कामों में एससी, एसटी और माइनॉरिटी के साथ भेदभाव का मुद्दा उठाया है। पूर्व मंत्री और दौसा विधायक मुरारीलाल मीणा और चाकसू विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने भी एससी-एसटी, माइनॉरिटी विधायकों के साथ हर स्तर पर भेदभाव के रमेश मीणा के आरोपों का समर्थन करते हुए सरकार को निशाने पर लिया है। रमेश मीणा के इस्तीफे की धमकी पर मुरारी मीणा ने कहा कि यह उनकी अपनी व्यथा है। लेकिन यह बात सही है कि हम परेशान तो हैं।

मुरारी मीणा ने कहा, ​हमारे साथ शुरू से ही भेदभाव हो रहा है। इसे लेकर हमने कई बार मुख्यमंत्री और पार्टी स्तर पर भी अपनी आवाज उठाई है। मेरे क्षेत्र में विकास तो हुआ है, इसे तो मैं नकार नहीं सकता लेकिन सरकार और विधानसभा क्षेत्र में बहुत से लोगों के काम नहीं हो रहे हैं।

पायलट गुट के 3 विधायकों के बागी तेवर की वजह:4 सीटों पर उपचुनाव से पहले गहलोत पर दबाव बनाने की कोशिश; SC, ST और माइनॉरिटी से भेदभाव का मुद्दा इत्तेफाक भी नहीं

कई मंत्री एससी-एसटी विधायकों के काम नहीं करते, हम हाईकमान से मिलेंगे: मुरारी मीणा
मुरारी लाल मीणा ने कहा- हमारे नेता एससी, एसटी और माइनॉरिटी को कांग्रेस की बैकबोन मान रहे हैं, ले​किन कांग्रेस की बैकबोन को विधानसभा, सरकार और पार्टी स्तर पर कमजोर किया जा रहा है। बहुत से मंत्री-पदाधिकारी ऐसे हैं जो एससी-एसटी विधायकों को इग्नोर करते हैं। उनके क्षेत्रों में काम नहीं करते। मेरे इलाके में मुझसे पूछे बिना थानेदार से लेकर कई अफसरों की ट्रांसफर पोस्टिंग की गई। मंत्रियों के इन कारनामों से पार्टी कमजोर हो रही है। हम हाईकमान और मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे और अपनी बात कहेंगे। मंत्रियों को मनमानी का हक किसने दिया।

बैकबोन भी कहें और कमजोर भी करें, दोनों चीजें नहीं चलेंगी : वेदप्रकाश सोलंकी
चाकसू विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा, यह केवल विधायकों की ही नहीं पूरे राजस्थान के एससी, एसटी और माइनॉरिटी समाज का सवाल है। सदन में कुछ तथाकथित लोगों को ही बोलने का मौका दिया जाता है। सदन में आगे सीट देने में वरिष्ठता का ध्यान नहीं रखा। क्या हमारे दलित वर्ग के विधायक बोलना नहीं जानते? एससी, एसटी विधायकों के साथ भेदभाव बंद किया जाना चाहिए। एक तरफ आप एससी एससटी और माइनॉरिटी को कांग्रेस बैकबोन बता रहे हो और दूसरी तरफ इनके विधायकों को कमजोर कर रहे हो। दोनों चीजें चलेंगी नहीं, बैकबोन भी बताओ और कमजोर ही करो।

जिनके खून-पसीने की मेहनत से कांग्रेस की सरकार बनी उन्हें सदन में महत्व मिले
वेद प्रकाश सोलंकी ने कहा- जिन 50 लोगों को बिना माइक वाली सीटों पर बैठाया है। इनमेंं से अधिकांश एससी-एसटी-माइनॉरिटी के हैं। जिनके खून पसीने की मेहनत से यह सरकार बनी हैं। उनके प्रतिनिधियों को सदन में उचित महत्व देना आवश्यक है। आज जांच का विषय है, जिन 50 लोगों के पास माइक नहीं है उन लोगों मेंं कौन हैं उनकी लिस्ट सार्वजनकि करनी चाहिए। यह विधायकों का नहीं पूरे प्रदेश के एससी, एसटी माइनॉरिटी का मुद्दा है। उनकी आवाज को इस तरह दबाया जाना उचित नहीं है।