NLU जोधपुर में राजस्थानियों को मिलेगा आरक्षण:विधानसभा में उच्च शिक्षा मंत्री बोले- प्रदेश के छात्रों को 25% स्टेट कोटा मिलेगा, यूनिवर्सिटी से सहमति पत्र सरकार को मिल गया

जयपुर3 महीने पहले
नेशनल लॉ यूनिविर्सटी, जोधपुर (फाइल फोटो)

नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) जोधपुर में राजस्थान के मूल निवासी छात्रों को प्रवेश में 25% आरक्षण मिलेगा। यूजी और पीजी कोर्सेज में सीटें आरक्षित होंगी। NLU के कुलपति ने 13 सितंबर को ही राज्य सरकार को चिट्ठी भेजकर इस पर सहम​ति जताई है। निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने विधानसभा में इसकी घोषणा की। भाटी ने कहा कि NLU जोधपुर के कुलप​ति की कल ही चिट्ठी मिली है। उसके आधार पर निर्देशित किया जाएगा कि जो भी प्रक्रिया है, उसे अपनाकर आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।

इससे पहले निर्दलीय विधायक संयम लोढा ने कहा कि NLU जोधपुर 5वीं रैंकिंग पर है। इससे हाई रैंक वाले चार NLU में स्टेट कोटा लागू है। इस पर उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि राजस्थान के छात्रों को NLU में 25 फीसदी कोटे के लिए नियमों में संशोधन लॉ यूनिवर्सिटी के जरिए किए जाने हैं। NLU जोधपुर में अभी यूजी-पीजी में 664 विद्यार्थी हैं। अगले सत्र से राजस्थान के मूल निवासियों को 25% सीटों पर स्टेट कोटे के तहत आरक्षण देने पर सहमति दे दी है। NLU ने राज्य सरकार से कहा है कि वह 25% स्टेट कोटा देने को प्रतिबद्ध है।

देश के तीन चौथाई NLU में स्टेट कोटा
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा- नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना के समय इसका स्वरूप अखिल भारतीय ही रखा गया, बाद में धीरे-धीरे स्टेट कोटा लागू हुआ। आज देश के तीन चौथाई नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज में स्टेट कोटा है। राज्य सरकार ने नीतिगत फैसला करके NLU जोधपुर में स्टेट कोटा लागू करने का फैसला किया। NLU जोधपुर को 14 मार्च 2018 को इस फैसले से अवगत करवा दिया था।

NLU की कमेटी बाद में मानी
NLU की एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में 10 जुलाई 2018 को जस्टिस मंजू गोयल की अध्यक्षता में समिति गठित की गई थी। इस कमेटी ने 25% स्टेट कोटे को गलत बताया था। NLU ने 22 जनवरी 2021 को अवगत कराया था। इसके बाद महाधिवक्ता से राय ली गई। 21 जून को राय दी कि NLU में 25 फीसदी स्टेट कोटे का प्रावधान कर सकते हैं। NLU जोधपुर के कानून के शेड्यूल संख्या 12 में संशोधन की आवश्यकता है। विधानसभा में कानून को पारित करवाने की आवश्यकता है। NLU एक्ट की धारा 15 की उपधारा 3 में साफ प्रावधान है कि संशोधन का अधिकार NLU की एग्जीक्यूटिव काउंसिल को ही है। राज्य सरकार ने 29 जून को पत्र लिखकर NLU को अवगत करवा दिया। अब 13 सितंबर को NLU ने सहमति दी है।

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