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एसीबी ने कहा आपने माेबाइल से चैट डिलीट की, क्यों?:नीरज के पवन- मोबाइल से कोई भी चैट डिलीट नहीं की, एसीबी ने मुझसे फोन मांगा और मैंने दे दिया

जयपुर6 दिन पहलेलेखक: राजेंद्र गाैतम
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RSLDC घूसकांड पर आईएएस नीरज के पवन ने भास्कर से खुलकर बात की। - Dainik Bhaskar
RSLDC घूसकांड पर आईएएस नीरज के पवन ने भास्कर से खुलकर बात की।

आरएसएलडीसी में डेढ़ कराेड़ रु. के भुगतान की एवज में 5 लाख रु. की घूस लेने के मामले के खुलासे के बाद एसीबी ने दाे आईएएस नीरज के पवन व प्रदीप गवड़े के माेबाइल जब्त किए हैं। एसीबी का कहना है कि गवड़े के खिलाफ सबूत हैं। इनके माेबाइल की एफएसएल जांच के बाद आगे की कारवाई करेंगे। गवड़े आएसएलडीसी में एमडी तथा नीरज के पवन चैयरमैन हैं। मामले काे लेकर भास्कर गवड़े के आम्रपाली सर्किल के नजदीक क्राउन प्लाजा रेजीडेंसी में उनके आवास पर पहुंचा ताे ताला लगा था। वहीं, आईएएस नीरज के पवन ने भास्कर से खुलकर बात की।

Q. एसीबी कह रही है कि आपका फाेन जब्त किया ताे आपने चैट डिलीट कर दी। आपने ऐसा क्यों किया?
मैने कोई चैट डिलीट नहीं की है। मैं सरकार से अनुमति लेकर ही जाेधपुर गया हुआ था। वहां एसीबी के अधिकारी मेरे पास पहुंचे और परिचय दिया। साथ ही कहा कि आपका फाेन जब्त करना है। मैंने तत्काल अपना फाेन उन्हें दे दिया। लाॅक भी खाेल दिया। चैट डिलीट करने का ताे सवाल ही नहीं उठता। न ही चैट डिलीट की।

Q. आप पर दूसरी बार भ्रष्टाचार के आराेप लग रहे हैं। कर्मी ट्रैप हुए। आपकी भूमिका भी संदेह में, क्या कहेंगे?
इस प्रकरण में मेरी किसी भी प्रकार की काेई भूमिका नहीं है। जिन लाेगाें काे एसीबी ने ट्रैप किया है, उनसे इस प्रकरण काे लेकर कभी भी काेई चैट या टेलिफाेनिक वार्तालात नहीं हुई। साथ ही इस मामले से संबंधित काेई भी पत्रावली मेरे पास लंबित नहीं है। एसीबी की निष्पक्ष जांच पर मुझे पूरा विश्वास है।

Q. आराेप है कि आरएसएलडीसी में किसी भी फर्म में कमी बताकर पहले ब्लैक लिस्ट कर देते हैं, फिर घूस लेकर बहाल कर दिया जाता है। इस मामले में भी यही हुआ। फाइलें ताे आपके पास से ही अप्रूव्ड हाेती हैं?
ऐसा बिल्कुल नहीं है। सामान्य रूप से अपील के अलावा भुगतान संबंधी पत्रावलियां मेरे पास नहीं आती हैं। मेरे पास नीतिगत निर्णय संबंधी फाइलें ही आती हैं। वाे भी मैं अकेले कोई फैसला नहीं ले सकता। इनकाे भी बाेर्ड में रखा जाता है। मैं फिर बता रहा हूं कि इस मामले से संबंधित फाइलें मेरे पास पेंडिंग नहीं हैं।

Q. जिस मामले में आरएसएलडीसी के मैनेजर और काेर्डिनेटर ट्रेप हुए उसे ताे आपने ब्लैकलिस्ट कर दिया था, फिर कैसे वापस बहाल किया जा रहा था?
मेरे से पहले चैयरमैन रहे डाॅक्टर समित शर्मा, नवीन जैन ने भी इस फर्म काे ब्लैकलिस्ट कर दिया था। मेरे पास फाइल आई ताे मैंने उनके निर्णय काे यथावत रखा था और ब्लैकलिस्ट काे बहाल नहीं किया था। 21 जनवरी काे ही इस संबध में मैंने निर्णय दिया था। इस फर्म के पास ताे बायाेमैट्रिक अटेंडेंस के लिए नकली थंब मिले थे। इसे तो बहाल किया ही नहीं जा सकता था।

Q. किसी आईएएस अधिकारी का इस तरह माेबाइल जब्त करना कहां तक सही है?
सभी अपना-अपना काम करते हैं। मैं मेरा काम कर रहा हूं। एसीबी अपना काम कर रही है। शक के आधार पर उन्हाेंने ऐसा किया है ताे मुझे काेई परेशानी नहीं। मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि पूरी तरह से निष्पक्ष जांच हाे और जाे भी आराेपी है उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस पूरे मामले में मेरी किसी तरह की कोई भूमिका नहीं है, जांच के बाद ये बात साफ हो जाएगी।