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एग्जाम पैटर्न:नीट: बी पार्ट में 10 से ज्यादा प्रश्न करने पर एनटीए ने साफ नहीं की स्थिति

जयपुर4 दिन पहले
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  • जेईई मेन में ऑनलाइन सिस्टम की वजह से अधिक सवाल का उत्तर नहीं दे सकते हैं
  • ऑफलाइन होने के कारण छात्र अधिक सवाल भी कर सकते हैं अटैम्प्ट

एनटीए ने इस साल नीट का पेपर व मार्किंग पैटर्न बदला है। छात्रों को सेक्शन ए के सभी 35 सवाल हल करने होंगे, लेकिन सेक्शन बी में 15 में से दस सवाल हल करने होंगे। सेक्शन बी में भी नेगेटिव मार्किंग है। अब सवाल यह उठता है कि अगर छात्र दस से अधिक सवाल हल लेता है, तो उसकी मार्किंग किन दस सवालों से की जाएगी।

जेईई मेन में भी इस साल चॉइस बेस्ड सवाल पूछे गए हैं, लेकिन जेईई में सिस्टम ऑनलाइन होने की वजह से छात्र निश्चित संख्या से अधिक सवाल हल नहीं कर पाता, क्योंकि सिस्टम उसको अधिक सवाल हल करने की अनुमति नहीं देता। नीट को पेपर ऑफलाइन है और ओएमआर शीट पर उसे उत्तर देना होता है। उदाहरण के तौर पर अगर छात्र 10 की जगह 12 सवाल हल करता है और इसमें से उसके दस सही और दो गलत उत्तर होते हैं तो मार्किंग किन दस सवालों के आधार पर की जाएगी?

वहीं छात्र अगर सभी 15 सवाल हल देता है और उसमें से उसके 12 सही और तीन गलत उत्तर होते हैं तो मार्किंग का पैटर्न क्या रहेगा। दरअसल, ओएमआर के उत्तर मशीन के जरिए स्कैन किए जाते हैं। मशीन किन सवालों को रीड करेगी यह भी बड़ा सवाल है। एक्सपर्ट का कहना है कि एनटीए को एडवाइजरी जारी करनी चाहिए ताकि छात्र पैटर्न के अनुसार ही उत्तर दें।

पेपर में दस से अधिक सवाल हल नहीं करें स्टूडेंट्स

एजुकेशन एक्टिविस्ट विवेक पांडे का कहना है कि नीट में स्टूडेंट्स को को दस सवाल ही हल करने चाहिए। अधिक सवाल हल करने पर मशीन किन सवालों को रीड करेगी, यह स्पष्ट नहीं है। सही सवाल अधिक होने पर भी अगर मशीन ने गलत उत्तर रीड कर लिया तो नुकसान छात्रों को ही होगा। इस कारण उन्हें दस सवाल ही हल करने चाहिए।

कोर्ट में नहीं कर पाएंगे क्लेम

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बीते दिनों जारी किए अपने इंफॉर्मेशन ब्रोशर में यह स्पष्ट किया है कि स्टूडेंट्स को सेक्शन बी में दिए गए 15 में सवालों में से कोई भी दस सवाल ही हल करने हैं। यह आदेश क्वेश्चन बुकलेट में आएंगे। ऐसे में अधिक सवाल हल करने पर उनके मार्क्स पर कोई अंतर आता है तो वे कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख पाएंगे। एनटीए पैटर्न को पहले ही स्पष्ट कर चुका है। इस कारण छात्रों का दावा कमजोर रहेगा। सेक्शन ए को लेकर किसी प्रकार का असमंजस नहीं है।

नीट ऑफलाइन परीक्षा है, इस कारण कई छात्र यह गलती कर सकते हैं। एनटीए को जल्द ही एडवाइजरी जारी करते हुए छात्रों को सलाह देनी चाहिए कि वे दस सवाल ही हल करें। ओएमआर पैटर्न होने के कारण ऐसे मामले सामने आ सकते हैं। जेईई ऑनलाइन परीक्षा होती है। इस कारण इस तरह की परेशानी नहीं आती है। सिस्टम ही अधिक सवालों की अनुमति नहीं देता।
-शैलेंद्र माहेश्वरी, नीट-जेईई एक्सपर्ट

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