उलझी पॉलिसी:मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में न हाउसिंग सोसाइटी को कनेक्शन, न ही फ्लैट वालों को पानी

जयपुर5 दिन पहले
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शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों के लिए जलदाय विभाग ने दो बार पॉलिसी तो बना दी, लेकिन हर पार पॉलिसी में ‘पोल’ छोड़ दिया। - Dainik Bhaskar
शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों के लिए जलदाय विभाग ने दो बार पॉलिसी तो बना दी, लेकिन हर पार पॉलिसी में ‘पोल’ छोड़ दिया।

शहर की मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों के लिए जलदाय विभाग ने दो बार पॉलिसी तो बना दी, लेकिन हर पार पॉलिसी में ‘पोल’ छोड़ दिया। ताकि इंजीनियरों की मनमर्जी चलती रहे। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग की अपार्टमेंट सोसायटी जहां आवेदन कर रही हैं, वहां सिस्टम फिजिबल नहीं होने का बहाना कर आवेदन लौटा रहे हैं और जहां अकेले फ्लैट वाले आवेदन कर रहे हैं, वहां पूरे अपार्टमेंट का पैसा एक साथ जमा करवाने का दबाव डाला जा रहा है। रिवाइज पॉलिसी के बावजूद मल्टीस्टोरी के केवल 4 हजार कनेक्शन हो पाए हैं, जबकि 10 हजार आवेदन लौटाए जा चुके हैं। इसका विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। बिल्डिंग की हाउसिंग सोसायटी व बिल्डरों की दलील है कि पूरे शहर में पेयजल कनेक्शन सामान्य रेट पर मिले।

केस 01 : जगतपुरा में महिमा पनोरमा में 840 फ्लैट्स बने हैं। यहां टैंकरों से पानी डलवाना पड़ता है। हाउसिंग सोसायटी के अध्यक्ष मुकेश चौपड़ा ने बताया कि 25 रुपए वर्गफीट का कनेक्शन चार्ज भी ज्यादा है। यदि सब फ्लैट्स का शुल्क एक साथ लेना है तो भी डिमांड नोटिस बनाकर किस्तों में किया जाए।

केस 02 : सांगानेर के मंगलम आनंदा में 1000 फ्लैट्स हैं। यहां ट्यूबवेल व टैंकरों से पानी लेना पड़ता है। जलदाय विभाग से कनेक्शन मांग चुके हैं, लेकिन फिजिबल नहीं होने का बहाना कर टाल रहे हैं। हाउसिंग सोसायटी के चेयरमैन जितेंद्र विष्ट का कहना है कि यहां 42 रुपए प्रति वर्ग फीट का चार्ज है, जो ज्यादा है। पेयजल सामान्य रेट पर मिले। रेट एक साथ जमा करवाने को तैयार हैं।

केस 03 : जगतपुरा के रॉयल प्लेटिनम में 180 फ्लैट्स हैं। यहां टैंकरों से पानी आता है। हाउसिंग सोसायटी के मैनेजर राकेश सैनी का कहना है कि सभी फ्लैट का चार्ज एक साथ जमा नहीं हो सकता। हर कनेक्शन का चार्ज जमा कर पानी दें।

केस 04 : रामनगरिया के भव्या ग्रीन अपार्टमेंट में 200 फ्लैट्स है। बिल्डर अनुज अरोड़ा का कहना है कि जलदाय विभाग ने सभी बिल्डिंग में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का नियम बना दिया। जेडीए के नियम में 5 हजार मीटर से बड़े प्लाॅट पर एसटीपी होनी चाहिए। ऐसे में कनेक्शन नहीं मिल पा रहे है। कनेक्शन का चार्ज भी ज्यादा है। जेडीए भी डवलपमेंट चार्ज लेता है।

सामान्य रेट पर मिले मल्टीस्टोरी बिल्डिंगों के फ्लैट्स में पानी कनेक्शन : क्रेडाई
क्रेडाई के चेयरमैन अनुराग शर्मा का कहना है कि सभी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग जेडीए से अप्रूव्ड है। जेडीए में बेटरमेंट लेवी व डवलपमेंट चार्ज जमा है। वहां रहने वाली जनता को पेयजल सप्लाई की जिम्मेदारी सरकार की है। ऐसे में सामान्य रेट पर फ्लैट्स को पेयजल कनेक्शन मिले। मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में लाइनों का खर्चा भी नहीं है।

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