कॉन्ट्रैक्ट पूरा, फिर भी जयपुर-दिल्ली हाईवे पर देना होगा टोल:NHAI वसूल रही है टोल, 260- 880 रुपए तक देने होंगे

जयपुर7 महीने पहले
इससे पहले यह हाईवे बनाने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर अब पूरी वसूली एनएचएआई की ओर से की जा रही है।

बिल्ट ऑपरेट एण्ड ट्रांसफर (बीओटी) आधार पर बने एक्सप्रेस हाइवे पर निर्माण लागत (कंस्ट्रक्शन कॉस्ट) पूरी वसूलने के के बाद भी टोल टैक्स आपको देना पड़ेगा। क्योंकि इन टोल वसूली से सरकार अपने कोष को भरने में लगी है। यही कारण है कि टोल वसूलने वाली कंपनी का अनुबंध खत्म करने के बाद भी नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) जयपुर-गुड़गांव हाईवे पर टोल वसूलना न तो खत्म किया और न ही उसकी दरों में कोई कमी की है।

दरअसल, देश में कोई भी एक्सप्रेस हाइवे जब बीओटी पर बनते है तो उसकी निर्माण लागत को वसूलने के लिए सरकार एक निर्धारित समय तक उस रोड पर टोल टैक्स वसूलती है। इस अवधि में जितना भी टोल टैक्स वसूल होता है वह हाइवे बनाने वाली कंपनी और सरकार के बीच बंटता है। इस टोल से कंपनी को हाईवे निर्माण और उसके मेंटेनेंस की कॉस्ट और प्राॅफिट मिल जाता है, जबकि सरकार को हाईवे के लिए अवाप्त की गई जमीन के बदले दिए गए मुआवजे का पैसा।

जयपुर-गुड़गांव हाइवे पर 225 किलोमीटर लम्बाई की इस टोल रोड पर 3 जगह टोल टैक्स वसूला जाता है। शाहजहांपुर, मनोहपुर और दौलतपुरा में पिंकसिटी एक्सप्रेस प्रा.लि. टोल टैक्स वसूल करती थी। इस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट पिछले महीने NHAI ने खत्म कर दिया और अपने स्तर पर वसूली शुरू कर दी।

लागत का 173 फीसदी ज्यादा टोल वसूली
एनएचएआई से मिली रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत करीब 3678 करोड़ रुपए आई थी। जयपुर-गुड़गांव रोड पर तीनों टोल बूथों पर साल अप्रैल 2009 से साल दिसंबर 2021 तक 6384 करोड़ रुपए से ज्यादा की टोल वसूली हो चुकी है। ये इस प्रोजेक्ट पर आई कुल लागत का दोगुना है। लेकिन अब एनएचएआई इस टोल बूथ पर न तो टोल वसूली बंद कर रही और न ही टोल दरों में कोई कमी कर रही।

एक कार चालक को देने पड़ते है 260 रुपए
जयपुर से गुड़गांव तक जाने के लिए इस रोड पर एक कार चालक को कुल 260 रुपए का टोल टैक्स देना पड़ता है। वहीं एक बस या ट्रक जब इस हाइवे से गुजरता है तो उसे 880 रुपए टोल टैक्स के चुकाने पड़ते है। एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अजय आर्य ने कहा कि हम हाइवे के मेंटेनेंस के अलावा यहां कई काम आगे करवाए जाएंगे, जो एनएचएआई अपने स्तर पर करवाएगी। इसका फायदा इस हाईवे से आने-जाने वाले वाहन चालकों को बेहतर सुविधा के तौर पर मिलेगा। इस काम पर लगने वाली लागत को हम टोल टैक्स से ही वसूल करेंगे।