कोरोना शून्य, डेंगू आपातकाल शुरू:20 माह में पहली बार एक भी नया कोरोना रोगी नहीं, डेंगू ने लगवाई मेडिकल इमरजेंसी, छुटि्टयां रद्‌द

जयपुर3 महीने पहले
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बीकानेर के पीबीएम अस्पताल का हाल। - Dainik Bhaskar
बीकानेर के पीबीएम अस्पताल का हाल।

प्रदेश में काेराेना थमने लगा है तो डेंगू का खौफ बढ़ रहा है। मंगलवार काे काेराेना इतिहास के 596 दिन (20 माह) में पहली बार पूरे प्रदेश में एक भी नया राेगी नहीं मिला। दूसरी ओर, डेंगू के कहर काे लेकर भास्कर में खबर प्रकाशित हाेने के बाद मंगलवार काे चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने सभी जिलाें के सीएमएचओ और पीएमओ से वीसी की और तीन घंटे तक फीडबैक लिया। रेस्मा की तरह कड़ाई करते हुए प्रदेश में 15 दिन के लिए मेडिकल इमरजेंसी लागू कर दी।

चिकित्साकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द रहेंगी। 20 अक्टूबर से 3 नवंबर तक डेंगू मुक्त राजस्थान अभियान चलाया जाएगा। जयपुर से 14 टीमें उन 14 जिलों में नोडल आफिसर भेजे जाएंगे, जहां डेंगू के 150 से ज्यादा मामले हैं। स्वास्थ्य विभाग अन्य विभागों के साथ मिलकर एंटीलार्वा गतिविधि, फोगिंग आदि करवाएगा।

प्रदेश में करीब 7 हजार डेंगू के मरीज हैं। पिछले पूरे साल में यह आंकड़ा 1331 मरीजाें का था। मंगलवार को बीकानेर में एक और रोगी ने दम तोड़ा। उधर, दिल्ली दाैरे पर जाने से पहले मुख्यमंत्री अशाेक गहलाेत ने कहा कि डेंगू, मलेरिया, वायरल सहित अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर गंभीर हैं, उपाय किए जा रहे हैं।

38 एक्टिव राेगी बचे हैं काेराेना के
2-3 अस्पतालाें में भर्ती, बाकी घर पर

10 जिलों में हैं एक्टिव रोगी

31 जिलों में काेराेना बैड खाली हो चुके

13 एक्टिव रोगी जयपुर में, अजमेर और बीकानेर में 7-7

इससे पहले सबसे कम इसी 1 माह में 3 अक्टूबर, 5 अक्टूबर, 9 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को 1-1 रोगी मिला था।

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जयपुर: 20 हजार यूनिट की क्षमता, लेकिन 700 यूनिट ब्लड भी नहीं
एसएमएस मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध (एसएमएस, महिला, गणगौरी, कांवटिया, ट्रोमा, जेके लोन) अस्पतालों के ब्लड बैंक में 20 हजार यूनिट की क्षमता है। लेकिन सभी में 700 यूनिट ब्लड भी नहीं है। अकेले एसएमएस अस्पताल से रोज 20 से 25 यूनिट एसडीपी (सिंगल डोनर) और 15-20 यूनिट आरडीपी जा रही है।

अजमेर: मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ब्लड की कमी होना तय
सितंबर से अब तक 55 यूनिट एसडीपी दिया जा चुका है और 468 यूनिट आरडीपी दिया गया। ब्लड डोनेशन कैंप लगाए जा रहे हैं लेकिन मरीजों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो ब्लड की कमी होना तय है। पिछले साल मात्र 16 डेंगू पॉजिटिव आए थे, इस साल अभी तक ही 295 मरीज आ चुके हैं। रोज 18-20 नए मरीज सामने आ रहे हैं।

जोधपुर: हर तीन मरीज की जांच में एक निकल रहा डेंगू पॉजिटिव
सरकारी और निजी अस्पतालों में आने वाले मरीजों में हर तीन में से एक व्यक्ति डेंगू पॉजिटिव निकल रहा है। सरकारी आंकड़ाें में जनवरी से अब तक 230 मरीज सामने आए हैं लेकिन यदि निजी में आने वाले मरीजों काे भी इसमें जोड़ें तो संख्या 500 से अधिक तक है। रोज 10-15 मरीजों को एसडीपी की जरूरत पड़ रही है।

कोटा : राेज 20 से 25 मरीज। पिछले साल 15 केस थे, इस साल 726, राेज 40 से 50 एसडीपी की जरूरत, उपलब्ध 25-30 तक।

बीकानेर : अब तक 318 डेंगू मरीज, पिछले साल 104 थे। सात में से पांच विधानसभा क्षेत्र में जांच की सुविधा ही नहीं है।

स्थानांतरित कर्मियों को तुरंत कार्यभार संभालने के निर्देश

  • डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, स्क्रब टाइफस जैसी मौसमी बीमारियों का सामना करने के लिए सभी जिलों में 24 घंटे कन्ट्रोल रूम स्थापित होंगे
  • जिलों में रेपिड रिस्पोंस टीम बनेगी। स्वास्थ्य केंद्रों पर इंडोर मरीजों का उपचार करना होगा
  • स्थानांतरित चिकित्सा कार्मिकों को तुरंत जॉइन करवाने के आदेश भी दिए।
  • आशा, एएनएम से डिजिटल हैल्थ डोर टू डोर सर्वे को रिपोर्टिंग एप के जरिये कराया जाएगा। रोज सर्वे की रिपोर्ट देनी होगी।