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REET परीक्षा में 72 घंटे भी नहीं बचे:प्रदेश में 87 हजार बसें, रीट के लिए चाहिए सिर्फ 20 हजार; 25 हजार तो स्कूलों में खड़ीं, इन्हें चलवाएं

जयपुर2 महीने पहलेलेखक: विनोद मित्तल, नरेश वशिष्ठ और शिवांग चतुर्वेदी
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विश्वविद्यालयों के एक्जाम स्थगित, 26 को जरूरी काम से ही बाहर निकलने की सलाह। - Dainik Bhaskar
विश्वविद्यालयों के एक्जाम स्थगित, 26 को जरूरी काम से ही बाहर निकलने की सलाह।

26 सितंबर को होने वाली रीट-2021 के चलते राजस्थान में कर्फ्यू जैसे हालात बन रहे हैं। क्योंकि, 25 से 27 सितंबर तक होने वाली विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं स्थगित हो गई हैं। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा है, ‘परीक्षा के दौरान यात्री वाहनों पर भार अधिक होगा। विव के छात्रों को नियमित परीक्षाओं के लिए पहुंचने में असुविधा होगी, इसलिए परीक्षाएं स्थगित की हैं।’

वहीं, दो पालियों में 26.51 लाख अभ्यर्थी रीट परीक्षा देंगे, इसलिए प्रशासन ने लोगों से सिर्फ जरूरी कामों के लिए निकलने को कहा है। वहीं, रोडवेज प्रशासन के परीक्षा के अंतिम समय में एक नई व्यवस्था लागू की है। अब अभ्यर्थी को मुफ्त यात्राके लिए गृह जिले से सफर करना होगा। यानी अगर कोई अभ्यर्थी जयपुर में है, पर वो दौसा का है और उसका सेंटर सवाईमाधोपुर है, तो वह दौसा से ही मुफ्त यात्रा कर सकेगा।

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अभ्यर्थियों के मुफ्त आने-जाने के लिए 20 हजार अतिरिक्त प्राइवेट चाहिए। राज्य में करीब 1.20 लाख बसें रजिस्टर्ड हैं। इसमें 30 हजार बसें टैक्स-परमिट न होने से ऑनरोड नहीं हैं। वहीं, 87 हजार बसों में 22 हजार स्टेट, 5 हजार कॉन्ट्रेक्ट, 25 हजार स्कूल, 35 हजार मिनी बसें हैं। इनमें से अधिग्रहण किया जा सकता है। इन बसों से 10 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफर कर सकते हैं। इन बसों को उन जिलों में भी भेजा जा सकता है जहां बसों की कमी है।

दो दिन पहले प्राइवेट बसों को रूट बांटे जाएं

पूर्व अपर परिवहन आयुक्त मुकुल राज के अनुसार राजस्थान यात्री वाहन अधिनियम के तहत प्राइवेट बसें अधिग्रहीत कर चलाई जा सकती हैं। अभ्यर्थियों के हिसाब से दो दिन पहले ही इन्हें रूट बांटे जा सकते हैं।

मुफ्त यात्रा कूपन भी दिए जा सकते हैं

पूर्व परिवहन मंत्री यूनुस खान के अनुसार रोडवेज को मुफ्त यात्रा के बदले भुगतान करती है, ऐसे ही अभ्यर्थियों को यात्रा कूपन देकर प्राइवेट बसों को भुगतान किया जा सकता है। अभ्यर्थियों संख्या के हिसाब से बसें जिलों में लगाएं।

परीक्षा सेंटर से सीधे गंतव्य की ओर रवाना हों अभ्यर्थी

बसस्टैंड पर बसें लगाने की अपेक्षा सेंटर्स पर बसें लगाई जाएं, ताकि सेंटर से ही अभ्यर्थी परीक्षा देने के बाद सीधे गंतव्य को रवाना हों। इससे न शहर में भीड़ होगी, न बसों की मारामारी होगी। साथ ही जिस शहर से सबसे अधिक अभ्यर्थी आ रहे हैं, उस के लिए अलग से बसस्टैंड की व्यवस्था हो।

इधर मुख्यमंत्री गहलोत बोले- व्यवस्था बनाने में सहयोग दें, सफल आयोजन सबका जिम्मा

  • सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों एवं आमजन से अपील है- व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। अभ्यर्थियों को रुकने, खाने आदि में मदद करें। अफवाह न फैलाएं। परीक्षा का सफल आयोजन हम सभी की जिम्मेदारी है।' - अशोक गहलोत, सीएम

गड़बड़ी का ‘खेल’ शुरू; रीट में नंबर बढ़ाने के नाम पर 50 हजार लेने वाला कथित पत्रकार रंगे हाथों गिरफ्तार

रीट में नंबर बढ़ाने के नाम पर ‌~50 हजार से 1 लाख लेने वाले तथाकथित पत्रकार मनोहरसिंह को एसओजी ने जोधपुर में रंगेहाथों गिरफ्तार किया। पूछताछ जारी है। संभवत: कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है। -पढ़ें राजस्थान पेज

रीट अभ्यर्थियों की फीस से बोर्ड को मिले 103 करोड़ रु.

  • कुल आय 103.30 करोड़
  • 550 रुपए केवल एक लेवल की फीस
  • 750 रुपए दोनों लेवल में शामिल होने पर
  • 35.80 करोड़ केवल एक लेवल के लिए आवेदन करने वालों से आय
  • 67.50 करोड़ दोनों लेवल से आवेदन करने वालों से आय

बोर्ड का दावा- 9 लाख ने दोनों लेवल में फार्म भरा है। 24 अभ्यर्थियों पर 2 वीक्षक रहेंगे, कुल करीब एक लाख वीक्षक लगेंगे। बोर्ड परीक्षा का कुल खर्च बताने को तैयार नहीं।

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