कोरोनाकाल:अब सपनों में भी डराने लगा ‘कोरोना’: 10 में से हर दूसरे मरीज काे आ रहे बुरे सपने; इन्हें दिख रहे कीड़े या रेंगने वाले जानवर

जयपुर2 वर्ष पहले
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25 दिन में मोबाइल फोन, साथी डॉक्टरों से बातचीत के दौरान 800 मामले मिले हैं। इन्हें नींद में बुरे सपने आना, कोरोना का खौफ, घरेलू हिंसा, घबराहट की समस्या है। - Dainik Bhaskar
25 दिन में मोबाइल फोन, साथी डॉक्टरों से बातचीत के दौरान 800 मामले मिले हैं। इन्हें नींद में बुरे सपने आना, कोरोना का खौफ, घरेलू हिंसा, घबराहट की समस्या है।
  • साइकलॉजिस्ट डॉ. शिव गौतम कहते है कि नींद को दो चरणों में बांटा गया है, रेपिड आई मूवमेंट यानी आरईएम और नॉन रेपिड आई मूवमेंट यानी नॉआरईएम
  • साइकलॉजिस्ट डॉ. शिव गौतम के पास रोजाना ऐसे कई लोगों के फोन आ रहे हैं, जो कोरोना के डर से डिप्रेशन और एंग्जाइटी से परेशान हैं

कोरोना ने लोगों की नींद ही उड़ा दी है। किसी स्थिति में नींद आती भी है तो उसमें बुरे-बुरे सपने दिख रहे हैं। सपने में कीड़े या रेंगने वाले जानवार दिखाई दे रहे हैं। डॉक्टर्स के पास इस तरह की समस्याओं के फोन बढ़ गए हैं। लॉकडाउन के बाद से तो मानसिक तनाव और डिपरेशन बढ़ गया है। इससे परिवार में घबराहट, झगड़े और चिड़चिड़ाहट बढ़ गई है। जयपुर के प्रतापनगर स्थित नारायणा हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोलोजिस्ट डॉ. पृथ्वी गिरी, गीतांजलि हॉस्पिटल उदयपुर के डॉ. विनोद मेहता और जयपुर के कार्डियोलोजिस्ट डॉ. हरिराम महरिया ने 7 अन्य डॉक्टर्स के साथ मिलकर 800 लोगों के सर्वे में यह खुलासा किया है। भास्कर ने भी कई साइकोलाॅजिस्ट से बात की तो उन्होंने माना- लॉकडाउन का मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है।

क्यों बढ़ रही दिक्कत : साइकलॉजिस्ट डॉ. शिव गौतम कहते है कि नींद को दो चरणों में बांटा गया है। रेपिड आई मूवमेंट यानी आरईएम और नॉन रेपिड आई मूवमेंट यानी नॉआरईएम। ज्यादा समय तक सोने से लोगाें का आरईएम स्टेज बढ़ गया है। रिसर्च में माना गया है जो 10 घंटे से ज्यादा सोते हंै, उन्हें सपने भी ज्यादा आते हंै। जो लोग कोरोना ट्रेकिंग में लगे हैं उन्हें कीड़ों या रेंगने वाले जानवरों के सपने आ रहे हैं।

केस-1. कोरोना के खौफ और लॉकडाउन से वैशाली नगर निवासी एक दंपती छोटी बात पर लड़ पड़े। झगड़ा इतना बढ़ कि पति ने पत्नी को दीवार से धक्का दे दिया। पत्नी के सिर पर चोट लगी तो पति ने पत्नी-बच्चों से माफी मांगी।

केस.2. प्रतापनगर में रामायण देखने को लेकर विवाद, बेटे ने मां को ही पीट दिया
प्रतापनगर निवासी एक परिवार में दिनभर रामायण, महाभारत देखने की बात पर झगड़ा हो गया। मां समय बिताने के लिए लिए और टीवी सीरियल देखना चाहती थी, लेकिन बेटे ने मना कर दिया। बेटे की केस.3. मां से कहासुनी हो गई। और गुस्से में हाथ उठ गया। फिर बेटे ने मां को डॉक्टर को दिखाया। लेकिन बाद में बेटे को दुख हुआ। और उसे भी पता नहीं कि ये कैसे हो गया।

दौसा में एक परिवार में कोरोना पॉजिटिव मिला। पड़ोसियों ने उनके घरवालों पर संक्रमण फैलाने की बात कही और दूसरी जगह जाने की बात कही। पड़ोसी परिवार के मुखिया बोले- रात को बुरे सपने आते हैं।

25 दिन में मोबाइल फोन, साथी डॉक्टरों से बातचीत के दौरान 800 मामले मिले हैं। इन्हें नींद में बुरे सपने आना, कोरोना का खौफ, घरेलू हिंसा, घबराहट की समस्या है।

साइकोलॉजिकल और फिजिकली दिखने लगा है काेरोना का असर
साइकलॉजिस्ट डॉ. शिव गौतम के पास रोजाना ऐसे कई लोगों के फोन आ रहे हैं। जो कोरोना के डर से डिप्रेशन और एंग्जाइटी से परेशान हैं। अब लोगों पर कोराेना के साइकोलॉजिकल, बिहेवरियल और फिजिकल इफैक्ट्स भी दिखाई देने लगें है। जो लोग अपने परिवार से दूर है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।

कोरोना ट्रैकिंग से बचें : इससे जुड़ी बातें जानकारी भर के लिए जानें

  • कोरोना से जुड़ी बातें सिर्फ जानकारी भर के लिए जानें। कोरोना ट्रेकिंग से बचें।
  • खुद को म्यूजिक, गार्डनिंग, पेंटिंग आदि पसंदीदा कार्यों में खुद को व्यस्त करें। सोशल मीडिया से जितना हो, उतना दूर रहें।
  • डिप्रेशन होने पर चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग कराएं। मनोचिकित्सकों से ऑनलाइन संपर्क कर सकते हैंं।
  • डॉक्टर गौतम कहते हैं कोरोना को लेकर कई भ्रांतियां हैं जिससे लोग डर रहे हैं। शुरुआत में विदेश से कई ऐसे वीडियो वायरल हुए थे, जिनसे लोगों में डर बैठ गया था। इसलिए सही सूचनाएं अखबारों के माध्यम से ही प्राप्त करें।
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