वन विभाग की मनमानी:अब 13 नेशनल मेडलिस्ट को आदेश के बाद भी नौकरी नहीं दे रहा वन विभाग

जयपुरएक महीने पहलेलेखक: संजीव गर्ग
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पहले 9 माह तक पैरा ओलिंपियन को सैलरी नहीं दी। - Dainik Bhaskar
पहले 9 माह तक पैरा ओलिंपियन को सैलरी नहीं दी।

वन विभाग ने पहले तो पैरा ओलिंपियन को ए ग्रेड की नौकरी देने के बाद भी 9 महीने तक सैलरी नहीं दी, अब सामने आया है कि सरकार के आदेश के बावजूद 13 नेशनल मेडलिस्ट की सी ग्रेड में आउट ऑफ टर्न नौकरी के तहत मिलने वाली वनपाल की नियुक्ति रोक रखी है। सरकार ने सी ग्रेड में 146 खिलाड़ियों को अलग-अलग विभाग में आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के ऑर्डर किए थे।

इनमें से 133 खिलाड़ी तो अलग-अलग विभागों (पुलिस, शासन सचिवालय, शिक्षा आदि) में पिछले 5-6 महीने से नौकरी कर रहे हैं, लेकिन वन विभाग में नौकरी पाने के लिए 13 खिलाड़ी दर-दर ठोकरें खा रहे हैं। कभी वनमंत्री सुखराम बिश्नोई से मिलते हैं तो कभी खेलमंत्री अशोक चांदना से। मुख्य सचिव या खेल सचिव से भी मिल चुके हैं, लेकिन हर तरफ से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं।

ये हैं 13 खिलाड़ी

दीक्षांत गुप्ता, योगेश कुमार, कर्णव विश्नोई, सचिन सिंह शेखावत, शक्ति सिंह राठौड़, पूनमचंद, श्यामसुंदर बिश्नोई, बाबूलाल चौधरी, विराट पंत, प्रदीप कुमार भादू, सुरजीत सिंह, निशा, चंदन वर्मा।

भास्कर सवाल - जिन्होंने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारा मान बढ़ाया, उनसे अन्याय क्याें?

ऐसी आउट ऑफ टर्न पॉलिसी का क्या फायदा, जहां खिलाड़ियों को सैलरी और नियुक्ति पत्र के लिए भी छह-छह महीने ठोकरें खानी पड़ रही हैं। ये वहीं खिलाड़ी हैं जिन्होंने नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर हमारा मान बढ़ाया। इनसे अन्याय क्यों?

3 साल से भारतीय टीम में हूं... फिर भी नियुक्ति नहीं

3 साल से भारतीय टीम में हूं। एशिया कप में गोल्ड मेडल जीता। एसएसबी में नौकरी मिली। मेरा चयन वनपाल पद पर हुआ तो मैंने पहली नौकरी छोड़ दी। लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली है।
-पूनमचंद माचरा, साइक्लिस्ट

3 बार का मेडलिस्ट, नाैकरी के लिए धक्का खा रहा हूं

मैं तीन बार का नेशनल मेडलिस्ट हूं। आउट ऑफ टर्न पॉलिसी से उम्मीद थी कि अब नौकरी के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। लेकिन वन विभाग नौकरी देने में आना-कानी कर रहा है।
-बाबूलाल चौधरी, साइक्लिस्ट

पैरा एथलीट निशा और साइक्लिस्ट श्याम सुंदर का भी कहना है कि वे खेल मंत्री, वन मंत्री और मुख्य सचिव तक से मिल चुके हैं...।

विभाग का जवाब- फॉरेस्टर के पद रिक्त नहींं, खिलाड़ी वनरक्षक पद पर सहमति दें तो नियुक्ति पर विचार करेंगे

अभी फॉरेस्टर का पद रिक्त नहीं है। रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित रिक्रूटमेंट के लिए चयन बोर्ड को रिक्तियां भेज चुके हैं। खिलाड़ी अगर वनरक्षक के पद में भर्ती होने की सहमति दे देते हैं तो भर्ती पर विचार कर सकते हैं। -डॉ. डीएन पांडेय, हेड ऑफ द फॉरेस्ट फोर्स