निहारिका मंत्री की बेटी लेकिन वंशवाद का आरोप गलत:NSUI प्रदेशाध्यक्ष अभिषेक चौधरी बोले- छात्रों के लिए कांग्रेस से भी लड़ेंगे

जयपुरएक महीने पहले

राजस्थान में छात्रों के लिए कांग्रेस सरकार से भी लड़ना पड़ा, तो हम लड़ेंगे। यह दावा किया है NSUI के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक चौधरी ने। बेरोजगारी और महंगाई ने युवाओं को सबसे ज्यादा परेशान किया है। इसलिए इन्हीं मुद्दों के आधार पर इस बार का छात्रसंघ चुनाव लड़ेंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में अभिषेक ने वंशवाद को लेकर मंत्री मुरारी लाल मीणा की बेटी निहारिका जोरवाल का बचाव किया। कहा कि हमारी पार्टी में टिकट का फैसला सब मिलजुल कर ही करेंगे।

सवाल - छात्रसंघ चुनाव में NSUI की तैयारी कैसी है, किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे?
जवाब -
राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव की तैयारी काफी पहले ही हमने शुरू कर दी थी। आप देखना इस बार इतिहास का सबसे शानदार परिणाम रहेगा। छात्रसंघ चुनाव में हम युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। क्योंकि केंद्र की मोदी सरकार की वजह से देशभर में हालात बद से बदतर हो गए हैं। महंगाई की वजह से युवा अच्छी शिक्षा नहीं ले पा रहे। वहीं बेरोजगारों की वजह से शिक्षित युवाओं को नौकरी नहीं लग रही है। ऐसे में युवाओं के भविष्य के लिए इस बार एनएसयूआई इन्हीं मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी।

सवाल - राजस्थान के छात्रसंघ चुनाव में केंद्र सरकार के मुद्दे क्यों, क्या राजस्थान सरकार ने कुछ गलत नहीं किया?
जवाब -
हम सिर्फ सरकार नहीं युवाओं के मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं। कोरोना संक्रमण के वक्त जब कांग्रेस सरकार ने छात्रों के हित में फैसला नहीं लिया। तब NSUI ने कांग्रेस के खिलाफ सड़क पर आंदोलन किया था। पिछले दिनों महाराजा कॉलेज की जमीन जब अवाप्त की जा रही थी। तब भी NSUI के छात्र भूख हड़ताल पर बैठे थे। उसके बाद सरकार बैकफुट पर आई। भविष्य में भी अगर कांग्रेस सरकार ने कोई गलत फैसला किया तो NSUI उसका पुरजोर विरोध करेगी।

सवाल - मंत्री मुरारी लाल की बेटी निहारिका भी टिकट मांग रही हैं, कार्यकर्ताओं ने उसका विरोध शुरू कर दिया है। NSUI पर वंशवाद के आरोप लग रहे हैं?
जवाब -
निहारिका पिछले लंबे वक्त से छात्रों के लिए जमीन पर संघर्ष कर रही हैं। उसके संघर्ष को वंशवाद से जोड़ देना पूरी तरह गलत है। जहां तक राजस्थान विश्वविद्यालय की बात है। वहां आम कार्यकर्ता और जो भी प्रत्याशी टिकट मांग रहे हैं। उन सब पर एक राय होने के बाद ही प्रत्याशी फाइनल किया जाएगा। जिस भी प्रत्याशी पर सबकी सहमति होगी। उसे टिकट दिया जाएगा।

सवाल - क्या छात्रसंघ चुनाव की टिकट का ऐलान भी आलाकमान के फैसले के बाद होगा?
जवाब -
एनएसयूआई कांग्रेस का अग्रिम संगठन है। हमारे यहां सभी निर्णय सबको साथ लेकर होते हैं। ऐसे में इस बार चुनाव में भी प्रत्याशियों का चयन सबकी राय के आधार पर होगा।

सवाल - NSUI के बागी ही उसे हराते है, इस बार बागियों से कैसे बचेंगे?
जवाब -
राजस्थान में NSUI पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है। पिछले 2 साल में प्रदेश भर में हमारे संगठन ने ग्रासरूट पर काम किया है। जिससे हमारी एकता और ताकत और ज्यादा बढ़ी है। ऐसे में मुझे उम्मीद है कि छात्रसंघ चुनाव में भी एक परिवार के तौर पर हमारा संगठन चुनावी मैदान में उतरेगा। जहां कोई बागी नहीं होगा।

सवाल - प्रदेशभर में प्रत्याशियों का ऐलान कब तक होगा?
जवाब -
22 अगस्त को नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। ऐसे में हम 21 तक चुनावी रणनीति के आधार पर ही जिलेवार अपने प्रत्याशियों का ऐलान करेंगे।

कौन है अभिषेक चौधरी?
साल 2017 में एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष बने। तब अभिमन्यू पूनिया अध्यक्ष थे। लेकिन सियासी संकट के दौरान एनएसयूआई की कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। जुलाई 2020 में अभिषेक चौधरी को एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अभिषेक पिछले 6 साल से ज्यादा समय से स्टूडेंट पॉलिटिक्स में एक्टिव हैं। फिलहाल जोधपुर के लोहावट विधानसभा क्षेत्र में भी भविष्य की सियासी जमीन तराश रहे हैं।

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