12 दिन में दूसरी बार बढ़े गैस सिलेंडर के दाम:घरेलू सिलेंडर पर 3 रुपए और कॉमर्शियल पर 8.50 रुपए बढ़ाए

जयपुर7 महीने पहले
पिछले 8 साल में सिलेंडर 157 फीसदी महंगा हुआ है।

आमजन को महंगाई से राहत कहीं नहीं मिल रही। तेल-गैस कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने आज घरेलू और कॉमर्शियल उपयोग के गैस सिलेंडर की कीमतों में इजाफा किया है। पिछले 12 दिन के अंदर दूसरी बार कंपनियों ने गैस की कीमतों बढ़ाई है।

एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन ऑफ राजस्थान के महासचिव कार्तिकेय गौड़ ने बताया कि कंपनियों ने आज घरेलू गैस सिलेंडर पर 3 रुपए की बढ़ोतरी है, जिसके बाद आज से 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 1006.50 रुपए में मिलेगा। जबकि कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर 8.50 रुपए बढ़ाए है। इसके बाद आज से 19 किलोग्राम का सिलेंडर 2373 रुपए में जयपुर में मिलेगा।

पिछले 8 साल में 157 फीसदी महंगा हुआ सिलेंडर
रसोई गैस की कीमतों का विश्लेषण करें तो पिछले 8 साल में इसकी कीमतों में 157 फीसदी का इजाफा हुआ है। मई 2014 में जब केन्द्र में एनडीए की सरकार सत्ता में आई तब घरेलू रसोई गैस की कीमत 391.5 रुपए प्रति सिलेंडर थी। उस समय लोगों को सब्सिडी सीधे खाते में देकर केन्द्र सरकार अपने स्तर पर वहन करती थी। अब 8 साल में ये कीमत बढ़कर 1006.5 रुपए हो गई।

मार्च 2015 से खातों में आने लगी सब्सिडी
मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद रसोई गैस सिलेंडर पर दी जाने वाली सब्सिडी को सीधे उपभोक्ताओं के खाते में पहुंचाने का काम शुरू किया। इसके बाद से लोगों को साल में 12 रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया। सिलेंडर तो बाजार रेट पर मिलता था, लेकिन उसके दी जाने वाली 20 फीसदी तक की सब्सिडी की राशि को उपभोक्ता के सीधे खाते में डाली जाती थी।

दो साल पहले बंद कर दी सब्सिडी
केंद्र सरकार ने अप्रैल 2020 में लॉकडाउन लगने के बाद रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी को बंद कर दिया था। अप्रैल 2020 तक लोगों को रसोई गैस पर 147 रुपए की सब्सिडी मिलती थी, लेकिन मई 2020 के बाद से अब तक सब्सिडी बंद है। मई 2020 में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 583 रुपए में मिलता था, जो अब बढ़कर 1003 रुपए का हो गया है।