रोडवेज की तैयारी:सीएनजी में बदली पुरानी बसें, कोटा-बारां के बीच दौड़ेंगी

जयपुर9 महीने पहले
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रोडवेज में जयपुर-दिल्ली के बीच में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी या नहीं, इस पर निर्णय दो साल के बाद भी अटका हुआ है, लेकिन रोडवेज ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए पुरानी बसों को सीएनजी में बदलकर चलाने की तैयारी कर ली है। पहली बस 15 मार्च के बाद कोटा-बारां के बीच दौड़ेगी। अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो रोडवेज 25 पुरानी बसों को सीएनजी में बदलेगा।

इन बसों को प्रदेश में ऐसी जगहों पर संचालित किया जाएगा, जहां सीएनजी की व्यवस्था है। एक बस को सीएनजी में बदलने में साढ़े तीन लाख रुपए खर्च होंगे। शुरुआती दो बसों का खर्चा कंपनी वहन करेगी। बाकी बसों को सीएनजी में बदलने के लिए रोडवेज भुगतान करेगी। बस एक बार में 250 किमी तक चलेगी।

सीएनजी से चलने के फायदे
बसों को सीएनजी में बदलने से रोडवेज की पुरानी बसों का उपयोग हो सकेगा। पॉल्यूशन भी कम होगा। सीएनजी में बदलने के बाद एक बस से रोडवेज को हर महीने करीब एक लाख रुपए का फायदा होगा। इसकी वजह है कि सीएनजी बसों का एवरेज डीजल बसों से ज्यादा है। डीजल बस एक लीटर में 5 किमी संचालित होती है तो सीएनजी की बस 6 किमी तक चलेगी। वर्तमान में डीजल 89.98 रुपए और गैस 59.70 रुपए प्रति लीटर मिल रही है।

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