जायकादूध-पनीर से बनी मधुमक्खी के छत्ते जैसी मिठाई:चॉकलेट, रोज, केसर समेत कई फ्लेवर; एक करोड़ से ज्यादा का कारोबार

जयपुर4 महीने पहलेलेखक: स्मित पालीवाल

मधुमक्खियों के छत्ते जैसी दिखने वाली मिठाई कौनसी है? झट से आप कहेंगे, घेवर। इंग्लैंड में इसे कहते हैं हनीकॉम्ब डेजर्ट। बिना शहद वाले ये 'छत्ते' जब चाशनी में डुबकी लगाकर बाहर आते हैं तो खाने के शौकीनों की जीभ से लार टपकने लगती है। दुनियाभर में लोगों को अपने स्वाद से दीवाना बनाने वाले घेवर की जड़ें राजस्थान से ही जुड़ी हैं। तीज, गणगौर और रक्षाबंधन जैसे मौके घेवर के बिना अधूरे माने जाते हैं।

यूं तो घेवर पूरे राजस्थान में बनता है, लेकिन राजस्थानी जायका की इस कड़ी में बात उस घेवर की जो पिछले 80 साल से जयपुर की शान बना हुआ है-

वर्ल्ड हेरिटेज में शुमार 'वाल सिटी' जयपुर के जौहरी बाजार में स्थित लक्ष्मी मिष्ठान भंडार पर तैयार होता है वर्ल्ड फेमस पनीर घेवर। इसके ऑनर अजय अग्रवाल ने बताया कि घेवर मुगल काल से ही बनाया जा रहा है।

जयपुर का पूर्व राजपरिवार भगवान को छप्पन भोग में घेवर जरूर परोसता था। आज पीएम मोदी से लेकर अमिताभ बच्चन और कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज भी इसके मुरीद हैं। घेवर कहां से आया इसका कोई प्रमाण किसी के पास मौजूद नहीं है, लेकिन पनीर घेवर की शुरुआत अजय अग्रवाल के दादा ने की।

आमतौर पर घेवर मैदा और अरारोट को मिलाकर बनता है, लेकिन अजय के दादा मालीराम घोड़ावत ने इसकी रेसिपी में कई बदलाव किए। सैकड़ों लीटर दूध के साथ नए-नए प्रयोग किए। कई महीनों की मेहनत के बाद उन्होंने लजीज पनीर घेवर तैयार किया। जयपुर के जौहरी बाजार में तब खाने-पीने की एक भी शॉप नहीं थी। मालीराम घोड़ावत ने लकड़ी का बेंच लगाकर घेवर बेचना शुरू किया। कुछ ही दिनों में पनीर घेवर का स्वाद लोगों की जुबान पर ऐसा चढ़ा कि दूर-दूर से लोग उनकी दुकान पर आने लगे।

1940 में उसी जगह शॉप नंबर-98 और 99 से लक्ष्मी मिष्ठान भंडार नाम की नींव रखी। यही शॉप आज वर्ल्ड फेमस रेस्टोरेंट में तब्दील हो चुकी है। करीब 80 साल की इस विरासत को चौथी पीढ़ी संभाल रही है।

अजय अग्रवाल बताते हैं कि आज तक हम उसी रेसिपी पर काम कर रहे हैं। जिससे घेवर ना सिर्फ क्रिस्पी बल्कि और ज्यादा स्पंजी और स्वादिष्ट बनता है। ऐसा घेवर हमारे अलावा अब तक कोई और नहीं बना पाया है।

अडानी, अंबानी अमिताभ जैसे लाखों दीवाने
अजय अग्रवाल ने बताया कि पनीर घेवर आम जनता के साथ राजनेताओं और बॉलीवुड सेलिब्रिटी के साथ दुनियाभर में मशहूर है। भारत का ऐसा कोई प्रधानमंत्री या फिर राजस्थान का ऐसा मुख्यमंत्री नहीं है। जिसने हमारे पनीर घेवर का जायका नहीं चखा हो।

फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी, CM अशोक गहलोत के साथ ही अडानी और अंबानी परिवार के लिए आज भी घेवर ले जाया जाता है।

बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन कई बार हमारे घेवर को केक की तरह काट सेलिब्रेट कर चुके हैं। उनके साथ ही एक्टर अक्षय कुमार, अजय देवगन, ऐश्वर्या राय समेत दर्जनों बॉलीवुड स्टार भी हमारे घेवर के स्वाद के दीवाने हैं।

अग्रवाल ने बताया कि बिल क्लिंटन जब भारत दौरे पर आए थे। तब उन्होंने जयपुर में हमारे घेवर का स्वाद चखा था। वहीं, ओमान के सुल्तान को भी हमारा घेवर परोसा गया था। दोनों ने हमारे घेवर के स्वाद की जमकर तारीफ की थी।

पनीर से घेवर बनाना ही USP
अजय अग्रवाल ने बताया कि आमतौर पर लोग मैदे और दूध से घेवर बनाते हैं। हम इसे ताजा पनीर के साथ तैयार करते हैं। जिसकी वजह से इसका स्वाद सबसे अलग बनता है। पनीर के कारण हमारे यहां तैयार होने वाले घेवर की लागत भी दूसरे घेवर से 40 से 50% तक ज्यादा होती है।

हम पनीर स्पेशल घेवर ही बनाते हैं। जो मीठा और फीका दोनों तरीके से ग्राहकों के लिए रखा जाता है। इसमें अगर ऊपर से रबड़ी लगाई जाती है। तो इसे रबड़ी घेवर का नाम दे दिया जाता है। इसी तरह ग्राहकों की डिमांड पर हम चॉकलेट, रोज, केसर और कैडबरी के फ्लेवर में भी रबड़ी बनाते हैं।

करोड़ों का कारोबार
घेवर की कीमत दूध और पनीर के दाम पर निर्भर करती है। फिलहाल एक पीस 500 से 600 रुपए के बीच मिल रहा है। फ्लेवर रबड़ी के साथ घेवर का एक पीस 600 रुपए का पड़ता है। जिसका वजन 500 ग्राम से ज्यादा होता है। बेहतरीन टेस्ट के कारण ग्राहकों की इतनी भीड़ उमड़ती है कि दिनभर में सारे घेवर सेल हो जाते हैं। एक अनुमान के मुताबिक पर एलएमबी का सालाना टर्नओवर 1 करोड़ से भी ज्यादा है।

राजस्थानी जायका के बाकी ऐपिसोड यहां देखें:-

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