कोविड इफेक्ट:एक साल पूरा, आईआईएम पहुंचे पांच हजार छात्रों में से अधिकांश नहीं देख सके अपना ड्रीम कैंपस

जयपुर3 महीने पहलेलेखक: दीपक आनंद
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कैट 2019 का रिजल्ट जनवरी 2020 में आया, 20 मार्च से लॉकडाउन लग गया। - Dainik Bhaskar
कैट 2019 का रिजल्ट जनवरी 2020 में आया, 20 मार्च से लॉकडाउन लग गया।

देश के सबसे प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम में दो साल के डिग्री प्रोग्राम का आधे से ज्यादा सत्र ऑनलाइन पूरा हो गया। अब करीब 11 महीने की पढ़ाई बची है और कोविड के बढ़ते केस के बीच संस्थान जल्द खुलना कठिन है।

अगर जनवरी 2022 से ऑफलाइन सेमेस्टर हुआ तो संभवत: एक सेमेस्टर की ऑफलाइन पढ़ाई कर 2020 बैच के छात्रों को डिग्री मिल जाए। ऐसे में दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक ‘कैट’ पास कर आईआईएम में जाने वाले करीब 5 हजार छात्रों का ड्रीम कैंपस देखने का सपना पूरा नहीं होगा। कैट 2019 का रिजल्ट जनवरी 2020 में आया, 20 मार्च से लॉकडाउन लग गया।

जून 2020 से ऑनलाइन क्लास शुरू हुई। तब से कैंपस नहीं खुले। आईआईएम कोझीकोड के निदेशक प्रो. देबाशीष चटर्जी ने कहा, इस सत्र के शुरुआती महीने मिस करने वाले छात्रों को कैंपस का फील देने के लिए ब्लेंडेड लर्निंग मोड अपनाया गया है।

आईआईएम एक सीट के लिए 40 छात्रों के बीच मुकाबला
2020 में आईआईएम की 5100 सीटों के लिए दो लाख छात्र बैठेे। हर सीट के लिए 40 छात्रों में प्रतिस्पर्धा हुई। आईआईटी की हर सीट पर 23 छात्रों में मुकाबला होता है। जेईई मेन से एडवांस्ड में 11 हजार सीटों के लिए 2.50 लाख छात्र क्वालिफाई करते हैं।

आईआईटी वर्सेज आईआईएम
जेईई एडवांस्ड व कैट कठिन परीक्षाएं हैं। बीटेक डिग्री चार साल और एमबीए दो साल में मिल जाती है। आईआईएम व आईआईटी का सेशन अमूमन जुलाई से शुरू होता है। एेसे में आईआईटी छात्रों को कैंपस में पढ़ने का ज्यादा समय मिलेगा। वहीं, आईआईएम छात्रों को कम समय मिल पाएगा।

सभी छात्रों को कैंपस बुलाएंगे
जो छात्र कैंपस आना चाहते हैं, उन्हें हम बुलाएंगे। सभी छात्रों को कैंपस आने का मौका मिलेगा।
-प्रो. जनत शाह, डायरेक्टर, आईआईएम उदयपुर

कोरोना ने शिक्षा को प्रभावित किया है। हमने स्टूडेंट्स को हाइब्रिड क्लासेस से कैंपस का अनुभव देने की कोशिश की है।
-प्रो. हिमांशु राय, निदेशक, आईआईएम इंदौर

जून 2020 से ऑनलाइन क्लास शुरू हुई। तब से कैंपस नहीं खुले। आईआईएम कोझीकोड के निदेशक प्रो. देबाशीष चटर्जी ने कहा, इस सत्र के शुरुआती महीने मिस करने वाले छात्रों को कैंपस का फील देने के लिए ब्लेंडेड लर्निंग मोड अपनाया गया है।

आईआईएम एक सीट के लिए 40 छात्रों के बीच मुकाबला
2020 में आईआईएम की 5100 सीटों के लिए दो लाख छात्र बैठेे। हर सीट के लिए 40 छात्रों में प्रतिस्पर्धा हुई। आईआईटी की हर सीट पर 23 छात्रों में मुकाबला होता है। जेईई मेन से एडवांस्ड में 11 हजार सीटों के लिए 2.50 लाख छात्र क्वालिफाई करते हैं।

आईआईटी वर्सेज आईआईएम: जेईई एडवांस्ड व कैट कठिन परीक्षाएं हैं। बीटेक डिग्री चार साल और एमबीए दो साल में मिल जाती है। आईआईएम व आईआईटी का सेशन अमूमन जुलाई से शुरू होता है। ऐसे में आईआईटी छात्रों को कैंपस में पढ़ने का ज्यादा समय मिलेगा। वहीं, आईआईएम छात्रों को कम समय मिल पाएगा।

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