• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Online Cheating Thug Pretended To Rent A House To Be A Army Man, Amount Withdrawn From The Account On The Pretext Of Advance Payment In Jaipur

जयपुर में सायबर ठगों से रहें सावधान:ठग ने आर्मी में सूबेदार बताकर मकान किराए पर लेने का दिया झांसा, एडवांस पेमेंट के बहाने खाते से निकाली रकम

जयपुर12 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

खुद को इंडियन आर्मी में सूबेदार बताकर सायबर ठग ने एक महिला और उसके बेटे को मकान किराए पर लेने का झांसा दिया। उनको फोन पर ही एक महीने का एडवांस किराया पेमेंट करने के बहाने खाते से रकम निकाल ली। यह वारदात जनता कॉलोनी में रहने वाली 57 वर्षीया कमलप्रीत कौर के बेटे के साथ हुई। कमलप्रीत ने बुधवार को आदर्श नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। जिसमें बताया है कि उन्होंने अपना मकान किराए पर देने के लिए ऑनलाइन विज्ञापन दिया था।

22 नवंबर को कमलप्रीत के बेटे के मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति ने फोन किया। उसने अपना नाम अमित कुमार बताया। बातचीत में कहा कि वह भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत है। अमित कुमार ने मकान किराए पर लेने की इच्छा जाहिर की। शातिर ठग ने मकान मालिक को 1 महीने का किराया एडवांस जमा करवाने का झांसा दिया।

मोबाइल फोन पर क्यू आर कोड भेजकर स्कैन करने को कहा

इसके बाद शातिर ठग ने कमलप्रीत के बेटे के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा। उसे किसी भी ऑनलाइन पेमेंट ऐप के जरिए स्कैन करने के लिए कहा। झांसे में आकर जब पीड़ित ने क्यूआर कोड स्कैन किया तो उसके खाते में कोई राशि नहीं आई। इसके बाद ठग ने दो-तीन बार क्यूआर कोड भेज कर उसे स्कैन करने की बात कही। लेकिन हर बार क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद पीड़ित के खाते में रकम जमा नहीं हुई।

पीड़ित के खाते से निकल गए रुपए

राशि जमा होने की बजाए पीड़ित के खाते से 10900 रुपए की रकम ट्रांसफर हो गई। पीड़ित ने ठग से रकम उसके खाते में ट्रांसफर होने की बात कही। तब उसने टेक्निकल एरर का हवाला दे दिया और रकम वापस ट्रांसफर करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके बाद जब पीड़ित ने ठग से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ आया। इस तरह ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने बैंक में सूचना दी। फिर आदर्श नगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 420, 66 आईटी एक्ट में केस दर्ज कर ट्रांजेक्शन डिटेल व मोबाइल नंबर के आधार पर जांच करना शुरू किया है।

खबरें और भी हैं...