• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Only 15% Of The Students Arrived In Jaipur On The First Day; Parents Said Will Send Children's Vaccine After Arrival, The Condition Of Government Schools Is Even Worse

राजस्थान में 6वीं से 8वीं की क्लास शुरू, ग्राउंड रिपोर्ट:112 निजी, 30 सरकारी स्कूलों तक पहुंचा भास्कर, पहले दिन जयपुर में 15% स्टूडेंट पहुंचे; पेरेंट्स बोले- बच्चों की वैक्सीन आने पर भेजेंगे

जयपुर2 महीने पहले
जयपुर के रावत स्कूल में पढ़ाई करते छात्र।

राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद बुधवार से भले ही स्कूल खुल गए हों, लेकिन पहले दिन जयपुर में सिर्फ 15% छात्र ही पहुंचे। राजस्थान में 5 महीने 6 दिन बाद 6वीं से 8वीं तक के बच्चों के स्कूल खुले हैं। कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका से डरे पेरेंट्स ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। कुछ दो-चार दिन माहौल देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों ने जितनी तैयारी बच्चों के आने को लेकर की थी, उससे काफी कम बच्चे स्कूल पहुंचे। स्कूल संचालकों का कहना है कि ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से बच्चे कम आए, क्योंकि ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन भी पढ़ाई चल रही है। उधर, सरकारी स्कूलों में भी बच्चों की संख्या न के बराबर ही रही। अब निजी और सरकारी स्कूलों का प्रबंधन बच्चों के अभिभावकों को समझाने में जुट गया है।

दैनिक भास्कर की टीम ने जयपुर शहर के करीब 35, जोधपुर के 25, बीकानेर के 18, कोटा के 16, उदयपुर के 12 स्कूलों सहित प्रदेश के 112 निजी और 30 सरकारी स्कूलों में पहुंचकर हालात का जायजा लिया। रिपोर्ट चौंकाने वाली मिली। टीम ने पेरेंट्स से बातचीत की तो सामने आया कि कुछ तो बच्चों की वैक्सीन नहीं आने तक भेजने को तैयार नहीं हैं। कई स्कूल ऐसे भी हैं, जिन्होंने 6वीं से 8वीं तक के बच्चों के लिए ऑफलाइन पढाई शुरू नहीं की है।

जोधपुर के सरकारी स्कूल में पहुंचे चुनिंदा छात्र।
जोधपुर के सरकारी स्कूल में पहुंचे चुनिंदा छात्र।

ऑनलाइन पढ़ाई की वजह से कम छात्र पहुंचे स्कूल
जयपुर के टैगोर पब्लिक स्कूल की CEO डॉक्टर रुचिरा राठौड़ ने बताया कि कोरोना के डर की वजह से सोमवार को पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम रही। मुझे उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में छात्रों की संख्या में जरूर इजाफा होगा।

बढ़ेगी छात्रों की संख्या

जयपुर के रावत पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर नरेंद्र सिंह ने बताया कि आज पहला दिन था। इस वजह से कम ही छात्र स्कूल पहुंचे। अभिभावक और छात्र आज स्कूल आने वाले छात्रों को देखकर मोटीवेट होंगे।

कोरोना का डर
जयपुर के जोबनेर सरकारी स्कूल के टीचर्स ने बताया कि चुनिंदा छात्र ही स्कूल आए। अभिभावकों को इसके लिए प्रेरित भी किया गया था। कोरोना के डर की वजह से छात्र स्कूल आने से अब भी कतरा रहे हैं।

बुधवार से कुछ स्कूल होंगे शुरू

निजी स्कूल संचालकों का कहना था कि सरकार ने शनिवार को ही स्कूल खोलने का आदेश दिया है। इसकी वजह से फिलहाल तैयारियां पूरी नहीं हो पाई हैं। ऐसे में सुरक्षा की दृष्टि से कुछ निजी स्कूल बुधवार तक छठवीं से आठवीं तक के बच्चों के लिए स्कूल शुरू करेंगे। वहीं कुछ 27 सितंबर से कक्षा एक से आठवीं तक स्कूल शुरू करने की तैयारी में जुटे हैं।

उदयपुर हिरणमगरी सेक्टर 9 स्थित सरकारी बालिका विद्यालय में क्लास में बच्चे।
उदयपुर हिरणमगरी सेक्टर 9 स्थित सरकारी बालिका विद्यालय में क्लास में बच्चे।

घर में हो रही है पढ़ाई तो स्कूल क्यों भेजें
जयपुर के मनीष विजयवर्गीय ने बताया कि सरकार ने स्कूल खोलने का निर्णय भले ही ले लिया हो, लेकिन कोरोना संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मेरे लिए पढ़ाई से ज्यादा मेरे बच्चों की जिंदगी जरूरी है। ऐसे में बच्चे घर पर रहकर ही ऑनलाइन पढ़ाई करेंगे। नीलम ने कहा की कोरोना के इस दौर में जब बच्चे घर में रहकर भी पढ़ाई कर रहे हैं तो स्कूल भेजने की क्या जरूरत।

वैक्सीन आने तक करूंगी इंतजार
जयपुर के वैशाली नगर में रहने वाली दो बच्चों की मां दिव्या चौधरी ने बताया कि केरल के साथ देश के कई राज्यों में कोरोना फिर से से असर दिखा रहा है। कभी भी राजस्थान में भी विकराल रूप ले सकता है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजूंगी। जब छोटे बच्चों के लिए वैक्सीन आ जाएगी, तब वैक्सीन की डोज लगने के बाद ही मेरे बच्चे स्कूल जाएंगे।

अजमेर में भी वैसे ही हालात

स्कूल शुरू होने के बाद अजमेर में पहले दिन 50 प्रतिशत बच्चे ही उपस्थित हुए। अजमेर के सरकारी स्कूल टीचर मुकेश अग्रवाल ने बताया कि पहले दिन स्कूल में 6वीं से 8वीं तक में करीब 80 बच्चे आए, जबकि असल संख्या 160 से भी ज्यादा है। धीरे-धीरे विद्यार्थियों की संख्या बढेगी।

25% छात्र पहले दिन पहुंचे
जोधपुर के स्कूलों ने सभी बच्चों को बुलाया, क्योंकि क्लासरूम ज्यादा होने से सभी कमरे खोल दिए गए। हालांकि, कई परिजनों ने सहमति पत्र नहीं दिया। उन बच्चों को ऑनलाइन पढाई करवाई गई। सोमवार को 25% बच्चे ही पहले दिन स्कूल आए।

पहले दिन बच्चों ने बनाई दूरी

उदयपुर में भी स्कूल खुलने के बाद पहले दिन छात्रों की बेरुखी देखने को मिली। लंबे इंतजार के बाद खुले स्कूलों में टीचर छात्रों का इंतजार करते नजर आए। शहरी क्षेत्र के स्कूलों में 40% छात्र पहुंचे। ग्रामीण इलाकों में छात्रों का प्रतिशत घटकर 20% से भी कम हो गया।

टीचर ने बच्चों के साथ किया लंच

कोटा में पहले दिन चुनिंदा बच्चे ही स्कूल पहुंचे। इस दौरान पहली बार बच्चों ने क्लास रूम में बैठकर ही टीचर के साथ लंच लिया।

छात्रों का रहा टोटा

बीकानेर में राजस्थान के अन्य शहरों जैसा हाल रहा। बच्चों ने ऑनलाइन पढ़ाई करना ही मुनासिब समझा। स्कूल आने वाले छात्रों की संख्या काफी कम थी।

खबरें और भी हैं...