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डॉग्स Vs सेफ्टी:मात्र 20% ओनर लगवाते हैं डॉग्स को पूरे टीके, 50% सिर्फ 1 और 30% तो लगवाते ही नहीं

जयपुर2 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • पिटबुल के हमले की घटना के बाद लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। कॉलोनी और साेसायटीज ने अपने स्तर पर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

शहर में पिटबुल की घटना होने के बाद डॉग्स को लेकर सभी सतर्क हो चुके हैं। इस हादसे ने लोगों में एक तरह का खौफ व सवाल पैदा किया है कि डॉग को किस तरह रखा जाना चाहिए। यही बहस रेजिडेंशियल सोसायटीज में भी छिड़ी हुई है। यहां दो तरह के मत पर बात हो रही है। एक मत उनका है जो डॉग को पाल रहे हैं और उसे अपने साथ रखना चाहते हैं।

दूसरा मत उनका है जो डॉग को सोसायटी से बाहर निकालने में अपने को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। सिटी भास्कर ने सोसायटीज में बात की, जहां डॉग व परिवारों की सुरक्षा को लेकर कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही वेटनरी डॉक्टर से बात कर सामने आया कि 50% डॉग ओनर्स रैबीज का सिर्फ एक इंजेक्शन लगवाते हैं, जबकि डॉग्स को 8 से 10 इंजेक्शन लगवाने होते हैं।

30% वे हैं जो एक भी इंजेक्शन नहीं लगवाते। पूरे शहर में मात्र 20% डॉग ओनर्स ही हैं, जो सारे इंजेक्शन शुरू के 10 साल सही ढंग से लगवाते हैं। बाद के वैक्सीनेशन वो भी भूल जाते हैं।

हादसे के बाद डॉग ओनर्स से उनका सर्टिफिकेट मांगा गया है। उसे हम रिकॉर्ड में रखेंगे। साथ ही जिनके पास बड़े डॉग्स हैं वे अब सिर्फ डॉग मज़ल मास्क (एक तरह का डॉग मास्क) के साथ उन्हें नीचे घुमा सकते हैं। -पुष्पेंद्र सिंह, प्रेसिडेंट, ओएसिस प्राइम प्रोजेक्ट

सोसायटी में 12 से 15 परिवारों के पास डॉग्स हैं। उन्हें अब बिना कॉलर बेल्ट के घुमाने की अनुमति नहीं है। साथ ही बिल्डिंग प्रीमाइसीस में जहां लोग वॉक करते हैं, वहां की बजाय दूसरी जगह ही घुमा सकते हैं। -मनोहर केसवानी, सेक्रेटरी,यूनिक टावर

सतर्कता : डॉग्स के लिए ट्रेनर रखना जरूरी

डॉग ट्रेनर मीनाक्षी भंजदेव के अनुसार, असल में पिटबुल, रॉटव्हीलर, रीट्रीवर, शेफर्ड जैसी ब्रीड पहले खेतों पर रखी जाती थीं। इन्हें वर्किंग ब्रीड माना जाता था, जिनसे भागने दौड़ने के काम कराए जाते थे। इतने सालों बाद भी यह आदत इनकी जेनेटिक मेमोरी में मौजूद है, इसलिए इनकी एनर्जी को संतुलित रखना जरूरी है। लक्की शर्मा कहते हैं कि ये डॉग बैठे नहीं रह सकते। इनके लिए आधे घंटे की वॉक भी काफी नहीं होती। ऐसे में इनके लिए प्रोफेशनल ट्रेनर रखें।

समस्या : बर्बाद हो जाते हैं ज्यादातर टीके
डॉग्स को जीवनभर वैक्सीन लगवाने की आवश्यकता होती है। वेटनरी डॉक्टर सुनील ने बताया कि इनका इंजेक्शन होता है ‘टेन इन वन’, जिसमें 10 बीमारियों से लड़ने की ताकत होती है। लेकिन यह विफल इसलिए हो जाते हैं क्योंकि इन्हें माइनस 5 डिग्री में रखा जाना चाहिए। जो ओनर्स अपने घर इंजेक्शन लगवाते हैं उसका असर रास्ते में टेम्प्रेचर बदलते ही कम हो जाता है। कई बार वे बर्बाद भी हो जाते हैं। ऐसे में सीधा डॉक्टर के पास जाकर यह इंजेक्शन लगवाने चाहिए।

सुविधा : शहर में डॉग पार्क की जरूरत
केसीआई राजस्थान सेक्रेटरी वीरेन शर्मा ने बताया कि हैदराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने 1.3 एकड़ में खासतौर पर डॉग पार्क का निर्माण किया। मुंबई में यह सुविधा उपलब्ध है। चंडीगढ़ में डॉग पार्क का निर्माण शुरू होने वाला है। लेकिन यह विकल्प जयपुर में नहीं है। मार्शल डॉग्स को शांत रखने के लिए कसरत जरूरी है। ऐसे में निगम को यहां भी गार्डन का निर्माण करवाना चाहिए।

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