मुख्‍यमंत्री को शिकायत मिलने के बाद जारी किए आदेश:सरकारी योजनाओं के जर्जर आवासों का निर्माण कर जल्द आवंटन के दिए आदेश

जयपुरएक महीने पहले
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नगरीय विकास विभाग के अधीन विभिन्न शहरी निकायों द्वारा शहरी योजनाओं के तहत आवास निर्मित किए गए हैं, लेकिन सालों से आवंटन नहीं किया गया। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
नगरीय विकास विभाग के अधीन विभिन्न शहरी निकायों द्वारा शहरी योजनाओं के तहत आवास निर्मित किए गए हैं, लेकिन सालों से आवंटन नहीं किया गया। (फाइल फोटो)

नगरीय विकास विभाग के अधीन विभिन्न शहरी निकायों द्वारा शहरी योजनाओं के तहत आवास निर्मित किए गए हैं, लेकिन सालों से आवंटन नहीं किया गया। मूलभूत सुविधाओं के अभाव में ऐसे हजारों मकान जर्जर हो गए। अब यूडीएच ने सभी नगरीय निकायों के आदेश भेज ऐसे सभी जर्जर मकानों का फिर से जीर्णोद्धार कर उनके जल्द आवंटन के आदेश दिए हैं।

ऐसे मकानों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवा कर आवंटियों को कब्जे देने को कहा गया है। गौरतलब है कि इस संबंध में प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान सीएम और मंत्री के पास शिकायतें आने के बाद सक्षम स्तर से मिले निर्देशों के बाद अब यह आदेश जारी करने पड़े।

लोकल निकाय को दिया शत प्रतिशत छूट का पावर
शहरी निकायों हाउसिंग बोर्ड द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग पाॅलिसी, बीएसयूपी, मुख्यमंत्री जन आवास योजना के तहत ईडब्लुएस, एलआईजी, एमआईजी ए, एमआईजी बी और एचआईजी के आवासों का निर्माण करवाया गया। इन आवासों का आवंटन मुख्य रूप से किराया क्रय पद्धति निर्धारित किश्तों पर किया गया है।

ऐसे भूखंड या आवास जिनकी बकाया किश्तों या मूल राशि एक मुश्त जमा कराई जाती है तो अभियान के दौरान उनको ब्याज में शत प्रतिशत छूट दी जाएगी। यह अधिकार स्थानीय लोकल निकाय को दिया गया है। निरस्त किए भूखंड की बहाली भी की जा सकेगी।

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