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ऑक्सीजन सप्लाई नहीं मिलने से काम रुके:ऑक्सीजन की कमी से प्रोजेक्ट भी ‘डेड’, पाबंदियों के बीच हवामहल का ‘मैकअप’

जयपुरएक महीने पहले
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काेराेना काल में शहर में चल रहे विकास कार्य भी ऑक्सीजन के चलते प्रभावित होने लगे हैं। राज्य सरकार की ओर से लॉकडाउन और कर्फ्यू में ऑफिस, इंडस्ट्री और सिविल कार्यों को तय गाइडलाइन के साथ छूट दे रखी है, लेकिन ऑक्सीजन की कमी यहां भी आड़े आ रही है। खासकर एलिवेटेड, आरओबी-आरयूबी के कार्यों में जहां हर घड़ी वेल्डिंग, कटर आदि के काम होते हैं।

संबंधित अफसर-इंजीनियरों के मुताबिक, बड़े प्रोजेक्ट में तो ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना काम ही नहीं चलता। ऐसे में रेंग रहे काम अब थम से गए हैं। साथ ही माल की सप्लाई में भी परेशानी हो रही है। कई साइटों पर श्रमिक-इंजीनियर पॉजिटिव भी आ चुके हैं।

सोढ़ाला एलिवेटेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर की कमी से काम रेंग रहा है। वहीं झोटवाड़ा आरओबी स्टाफ के संक्रमित होने की परेशानी से जूझ रहा है। स्मार्ट सिटी के पार्किंग जैसे प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हो पाए हैं। इंजीनियर डरे हुए हैं। ऐसी स्थिति में एक बार फिर इन प्रोजेक्ट्स को एक्सटेंशन देना होगा। इससे पहले राज्य सरकार ने एक नीतिगत फैसला करते हुए सभी को 6 महीने का एक्सटेंशन दिया था।

हवामहल के रंग-रोगन का काम शुरू हुआ
आमेर विकास प्राधिकरण ने शहर के मुकुट कहे जाने वाले हवामहल के रंग-रोगन का काम शुरू किया है। इसके लिए 11 लाख रुपए के टेंडर हो चुके हैं। पैडा बांधने का काम शुरू कर दिया है। एक्सईएन रवि गुप्ता के मुताबिक, मौजूदा समय में नियमों के साथ काम किया जाएगा। संबंधित फर्म काम के लिए तैयार है।

निगम के काम के हाल खराब, न कचरा उठ रहा न लाइटें जल रहीं
रुटीन सफाई के काम भी प्रभावित हो रहे हैं। अस्पतालों से उठ रहे मेडिकल वेस्ट का सही डिस्पोजल नहीं हो पा रहा है। कई जगह इसे कचरे में डाला जा रहा है। दोनों महापौर और उनके कमिश्नर इस जिम्मेदारी को लेकर बैकफुट पर हैं। क्षेत्रवासियों के अलावा कई पार्षद भी इस समस्या को लेकर शिकायत कर चुके हैं। ग्रेटर एरिया में कई जगह स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं होने से सड़कों पर अंधेरा है।

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