बाजारों में रही खरीदी की रौनक:अमृत सिद्धि व पुष्य नक्षत्र में किया प्रथम पूज्य गणेश जी का पंचामृत अभिषेक

जयपुर11 दिन पहले
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सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और पुष्य नक्षत्र में के विशेष संयोग में गुरुवार को प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का पुष्य अभिषेक किया गया। - Dainik Bhaskar
सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और पुष्य नक्षत्र में के विशेष संयोग में गुरुवार को प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का पुष्य अभिषेक किया गया।

सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि और पुष्य नक्षत्र में के विशेष संयोग में गुरुवार को प्रथम पूज्य गणेश जी महाराज का पुष्य अभिषेक किया गया। सिंदूरी चोला चढ़ाकर नवीन पोशाक धारण कराई गई। अथर्वशीर्ष मंत्रों के साथ मोदक अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने गणेश सहस्त्रनाम के पाठ कर सुख-शांति की कामना की। गणेश मंदिरों में फूल बंगला झांकी सजाई गई। साथ ही इस शुभ महायोग में बाजार खरीददारों से गुलजार रहे।

मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में महंत कैलाश शर्मा के सानिध्य में गणेशजी महाराज का पुष्याभिषेक किया गया। सर्वप्रथम शुद्ध जल से फिर दूध, दही, घी, बुरा, गुलाबजल आदि से बने पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद गंगाजल से स्नान कराया गया। नवीन पोशाक धारण कराकर फूल बंगले में विराजमान किया गया। गणपति सहस्त्रनामावली के साथ मोदक अर्पित किए गए।

उधर, पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि के शुभ महायोग में वाहन, वस्त्र, आभूषण की खरीददारी के साथ ही नए घर का निर्माण और गृह प्रवेश के बड़ी संख्या में मुहूर्त भी हुए। खासकर वस्त्र, आभूषण और वाहनों की भारी बिक्री हुई। ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार इस महायोग में खरीदी गई वस्तु और किया गया सौदा खास फलदायी रहेगा। साथ ही आज घर लाई गई वस्तुओं के स्थाई रहेगीं।

मार्गशीर्ष माह में रहेंगे कई विशेष योग-संयोग
ज्योतिषाचार्य पं. दिनेश मिश्रा ने बताया कि मार्गशीर्ष मास में किए गए धर्म-कर्म से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग इस माह श्रीकृष्ण की भक्ति करते हैं, उनकी मनोकामनाएं भगवान श्रीकृष्ण पूरी करते हैं। हिंदी पंचांग में महीने की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा पर जो नक्षत्र होता है, उस नक्षत्र के नाम पर ही माह का नाम रखा गया है।

महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम भारती ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा है कि मासानां मार्गशीर्षोऽहम् यानी सभी महीनों में मार्गशीर्ष मेरा ही स्वरूप है। इसी वजह से इस माह में श्रीकृष्ण और उनके अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करने की परंपरा है। इस माह में श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप बाल गोपाल की विशेष पूजा रोज करें।

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