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जेब में पंचायत; सरपंच चरवाहे हैं, खेत मजदूर हैं:पंचायत का काम दबंग कर रहे, मोहर जेब में, सरपंच के फर्जी साइन कर रहे

जयपुर7 महीने पहलेलेखक: आनंद चौधरी
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भारत को पंचायतीराज व्यवस्था देने वाले राजस्थान में ठेके पर चल रही हैं पंचायतें
दैनिक भास्कर 7 जिलों से ढूंढ़ लाया ऐसे सरपंच जो पंचायत नहीं जाते, उनका काम कोई और करता है। - Dainik Bhaskar
भारत को पंचायतीराज व्यवस्था देने वाले राजस्थान में ठेके पर चल रही हैं पंचायतें दैनिक भास्कर 7 जिलों से ढूंढ़ लाया ऐसे सरपंच जो पंचायत नहीं जाते, उनका काम कोई और करता है।

पंचायतीराज व्यवस्था देने वाले राजस्थान में पंचायतें ठेके पर चल रही हैं। निर्वाचित होने वाले सरपंच खेतों और घरों में काम कर रहे हैं उनकी जगह दबंग सरपंची संभाल रहे हैं। महिलाओं को पंचायतीराज संस्थाओं में 50% भागीदारी देने वाले राजस्थान में 6225 महिला सरपंच हैं, लेकिन 10% भी पंचायत का कामकाज नहीं संभालतीं। भास्कर टीम ने 7 जिलों अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमन्द, उदयपुर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर की 70 से ज्यादा पंचायतों का हाल देखा तो पंचायतीराज को शर्मशार करने वाली बातें सामने आईं। सरपंच घरों-खेतों में काम करते मिले।

जबकि उनकी जगह दबंग सरपंची संभालते नजर आए। भास्कर ने जिन पंचायतों की पड़ताल की, उनमें अधिकांश जगह सरपंची संभालने वाले दबंग जेब में सरपंच की मोहर लेकर घूमते नजर आए। क्योंकि चुनाव में पैसा दबंगों ने ही लगाया था। भास्कर ने उन्हें पंचायत की समस्याओं से संबंधित आवेदन भरवाया तो उन्होंने सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर किए, जेब में रखी मोहर निकालकर ठप्पा लगाया। पूछताछ में सामने आया कि पंचायत के चुनावों में इन्हीं लोगों ने पैसा खर्च किया था।

जबकि उनकी जगह दबंग सरपंची संभालते नजर आए। भास्कर ने जिन पंचायतों की पड़ताल की, उनमें अधिकांश जगह सरपंची संभालने वाले दबंग जेब में सरपंच की मोहर लेकर घूमते नजर आए। क्योंकि चुनाव में पैसा दबंगों ने ही लगाया था। भास्कर ने उन्हें पंचायत की समस्याओं से संबंधित आवेदन भरवाया तो उन्होंने सरपंच के फर्जी हस्ताक्षर किए, जेब में रखी मोहर निकालकर ठप्पा लगाया। पूछताछ में सामने आया कि पंचायत के चुनावों में इन्हीं लोगों ने पैसा खर्च किया था।
पहला सच

पशुओं के बीच मिली सरपंच... बोली- सरपंचजी बाहर गए हैं

उदयपुर के सायरा ब्लॉक की पानेर पंचायत में भमरी बाई नाम की, बंशीलाल काम के सरपंच

सरपंच भमरी बाई गमेती घर की छत पर पशुओं के चारा पानी देते हुए मिली। पंचायत संबंधी कामकाज के बारे में पूछा तो सरपंच भमरी बोलीं- सरपंचजी बाहर गए हुए हैं।
सरपंच भमरी बाई गमेती घर की छत पर पशुओं के चारा पानी देते हुए मिली। पंचायत संबंधी कामकाज के बारे में पूछा तो सरपंच भमरी बोलीं- सरपंचजी बाहर गए हुए हैं।

नरेगा साइट पर मिला ठेकादारसरपंच के साइन कर सील लगाई

सरपंची का काम बंशीलाल देखते हैं। नरेगा स्थल पर मिले। एक आवेदन पर सरपंच के साइन किए। मुहर निकालकर ठप्पा लगाया।
सरपंची का काम बंशीलाल देखते हैं। नरेगा स्थल पर मिले। एक आवेदन पर सरपंच के साइन किए। मुहर निकालकर ठप्पा लगाया।

दूसरा सच

दबंग के खेत में मजदूरी और घरेलू काम करता है सरपंच

भीलवाड़ा के रुपाहली खुर्द के सरपंच बालू पंचायत के बारे में कुछ नहीं जानता, बन्नाजी ही सरकार

सरपंच बालू अपनी पत्नी के साथ चूल्हे के पास ठंड में ठिठुरते मिले। गांववालों ने बताया कि बालू तो ठाकुर साब के खेतों में काम करता है। सरपंच तो बन्नाजी ही हैं।
सरपंच बालू अपनी पत्नी के साथ चूल्हे के पास ठंड में ठिठुरते मिले। गांववालों ने बताया कि बालू तो ठाकुर साब के खेतों में काम करता है। सरपंच तो बन्नाजी ही हैं।

दबंग को ही सरपंच मानता है गांव, उन्हीं की पंचायत चलती है

सरपंची का काम पोलू बन्ना के पास है। सरपंच बालू ने कहा- पोलू बन्ना ही पंचायत के कामों में बन्नाजी ही जाते हैं। मुहर भी उनके ही पास है।
सरपंची का काम पोलू बन्ना के पास है। सरपंच बालू ने कहा- पोलू बन्ना ही पंचायत के कामों में बन्नाजी ही जाते हैं। मुहर भी उनके ही पास है।

तीसरा सच

खरबूजा सुखाते मिली सरपंच ने कहा- मुझे दिखता ही नहीं सरपंच के साइन कैरू करता है... पंचायत के कामों में पति जाता है

बाड़मेर की सुराली पंचायत की सरपंच विलाई घर से बाहर नहीं निकलती, पति-भतीजा दोनों पंचायती

सरपंच विलाई घर पर तरबूज के बीज सुखाते हुए मिलीं। पंचायत के कामों के बारे में पूछा तो कैरू और सादीक खान का नाम लिया। बोलीं- मुझे कुछ दिखता ही नहीं।
सरपंच विलाई घर पर तरबूज के बीज सुखाते हुए मिलीं। पंचायत के कामों के बारे में पूछा तो कैरू और सादीक खान का नाम लिया। बोलीं- मुझे कुछ दिखता ही नहीं।
सरपंच का पति सादीक खान पंचायत समिति में सरपंच की भूमिका निभाते हुए मिला। और उसका भतीजा सरपंच के साइन-मुहर लगाते।
सरपंच का पति सादीक खान पंचायत समिति में सरपंच की भूमिका निभाते हुए मिला। और उसका भतीजा सरपंच के साइन-मुहर लगाते।

चौथा सच

घर में भी घूंघट में मिली सरपंच काम का पूछा तो चुप ही रही
सुआवतों का गुढ़ा की सरपंच सुषमा घर ही थीं, दबंग जो कागज लाया उनपर चुपचाप साइन किए

पूनाराम मुहर ले पंचायत पहुंचा और सरपंच की कुर्सी पर जा बैठा
पूनाराम मुहर ले पंचायत पहुंचा और सरपंच की कुर्सी पर जा बैठा
पंचायत के कामकाज के बारे में पूछने पर पूनाराम पंचायत भवन ले गया और सरपंच की कुर्सी पर बैठ गया। सब उससे ही मिलने आए।
पंचायत के कामकाज के बारे में पूछने पर पूनाराम पंचायत भवन ले गया और सरपंच की कुर्सी पर बैठ गया। सब उससे ही मिलने आए।

संदर्भ- पंचायतीराज को मजबूर से मजबूत बनाना; क्योंकि राजस्थान को 14 जुलाई 2020 के बाद अब पंचायतीराज मंत्री मिला है... अब तो पंचायतों में दबंगों का दखल रोकिए, निर्वाचित प्रतिनिधि को शक्ति और सम्मान दिलाइए।