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फोन टैपिंग पर विधानसभा में हंगामा:संसदीय मंत्री धारीवाल ने गुजरात में 90 हजार फोन टैपिंग का आरोप लगा कागज लहराए, तीखी नोकझोंक के बाद दो बार सदन स्थगित

जयपुर10 महीने पहले
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फोन टैपिंग पर बहस के बाद शांति धरीवाल की टिप्पणी पर हंगामा करते भाजपा विधायक। - Dainik Bhaskar
फोन टैपिंग पर बहस के बाद शांति धरीवाल की टिप्पणी पर हंगामा करते भाजपा विधायक।
  • धारीवाल बोले- जनप्रतिनिधियों के फोन टैप की बात साबित कर दीजिए मुख्यमंत्री ही नहीं हम सब इस्तीफा दे देंगे
  • नेता प्रतिपक्ष बोले- विधायक खरीद फरोख्त एफआईआर में जिस ऑडियो का हवाला वह बिना फोन टैपिंग कहां से आया

राजस्थान विधानसभा में लगातार दूसरे दिन बुधवार को फोन टैपिंग मामले की गूंज रही। शून्यकाल में फोन टैपिंग पर बहस हुई और संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने उसका जवाब दिया। धारीवाल ने जवाब के अंत में राजस्थान में ​किसी भी जनप्रतिनिधि की फोन टैपिंग से साफ इनकार किया। इस दौरान उन्होंने गुजरात में 90 हजार फोन टैप करवाने संबंधी समाचार की कटिंग लहराई। कुछ कांग्रेस विधायकों ने भी कागज लहराए। हालांकि, दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हंगामा शांत हुआ। शाम को सदन ने भाजपा विधायक मदन दिलावर का 7 दिन का सदन से निलंबन वापस ले लिया।

धारीवाल की नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद्र कटारिया से तीखी तकरार हुई। इस पर भाजपा विधायकों ने कड़ी आपत्ति की और हंगामा करते हुए वेल में आ गए। हंगामा बढ़ता देख विधानसभा स्पीकर ने 1 बजकर 5 मिनट पर सदन की कार्यवाही को आधे घंटे के लिए स्थ​गित कर दिया। दूसरी बार भी सदन की कार्यवाही आधे घंटे स्थगित कर दी।

गुजरात में फोन टैपिंग का आरोप लगा कागज लहराए
हंगामे की शुरुआत तब हुई जब धारीवाल ने गुजरात में फोन टैपिंग का आरोप लगा कागज लहराए। कागज लहराने पर कटारिया और धारीवाल में जमकर बहस हो गई। इससे पहले धारीवाल ने कहा कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट में केंद्र की 9 एजेंसियों और राज्यों में केवल एक एजेंसी पुलिस के पास फोन टैप करने का अधिकार है। राजस्थान में किसी भी जनप्रतिनिधि का फोन टैप नहीं किया गया। एसओजी ने जो तीन एफआआर दर्ज की थी उनमें एफआर लग चुकी है और एसीबी अब भी विधायकों के खरीद फरोख्त मामले की जांच कर रही है।

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मुख्यमंत्री के ओएसडी की ओर से जारी आडियो टैप के आधार पर एफआईआर दर्ज करवाई। उसमें गजेंद्र सिंह, विश्वेंद्र सिंह और भंवरलाल शर्मा के नाम थे। आप उस ऑडियो टैप का सोर्स बताइए। इससे साफ जाहिर है कि फोन टैप तो हुए हैं। पहले मुकदमा दर्ज करवाया, उसके बाद मुकदमे को ठंडे बस्ते में डाल दिया। हिम्मत है तो खरीद फरोख्त के मुकदमे को अंजाम तक पहुंचाइए। मुख्यमंत्री के ओएसडी के पास वह ऑडियो कहां से आया। उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग की।

धारीवाल ने कहा- खबर थी कि कुछ लोग विस्फोटकों और अवैध हथियारों को ला रहे हैं। लॉगर सेक्शन के इंचार्ज विजय कुमार राय को फोन टैप करने की इजाजत दी गई। इसके लिए होम सेक्रेट्री से इजाजत लेकर भरत मालानी और अशोक सिंह के फोन टैप किए गए। इन दोनों के फोन टैप किए तो बात करते-करते राजनीति की सारी बातें आ गई। सरकार में कौन डिप्टी सीएम हैं जो सीएम बनेगा। बीजेपी तैयार है कि नहीं? इन सब बातों को देखते हुए चुनी हुई सरकार को गिराने का षडयंत्र करने की लॉगर इंचार्ज ने एफआईआर दर्ज करवाई।

कटारिया बोले- सरकार ने फोन टैप करवाए
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा- मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा ने ऑडियो जारी किए। इसमें गजेंद्र सिंह शेखावत, भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह की बातचीत का दावा किया गया था। उसी ऑडियो टेप के आधार पर सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मुकदमा दर्ज करवाया। ओएसडी को किसने अधिकार दिया कि वह ऑडियो क्लिप बनाए और वायरल करे। एसओजी और एसीबी में 17 जुलाई 2020 को केस दर्ज करवाया। एस मुकदमे के आधार पर संजय जैन सहित तीन लोगों को जेल में रखा। अगर आपने फोन टैप नहीं करवाया तो ऑडियो कहां से आया?
फोन टैप नहीं करवाया तो क्या भगवान ने रात को संदेशा दिया?

मुकदमा दर्ज होने के बाद एसओजी का अधिकारी मानेसर गया। भंवरलाल शर्मा और विश्वेंद्र सिंह की ऑडियो क्लिप की आवाज को वेरिफाई करने का नोटिस दिया गया। आपने राष्ट्रद्रोह के मुकदमे दर्ज किए। आपकी मंशा थी कि सब लोगो के खिलाफ केस दर्ज किया जाए।

सतीश पूनिया बोले- हमें शक है कि अनधिकृत लोगों ने फोन टैप किए
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा- गैर कानूनी तरीके से फोन टैपिंग मामले में कर्नाटक सीएम रामकृष्ण हेगड़े को जाना पड़ा था। कर्नाटक में येदियुरप्पा पर आरोप लगे थे उन्होंने सीबीआई जांच की सिफारिश की। सरकार ने सक्षम अधिकारी की मंजूरी से फोन टैप करवाने की बात कही। यह सक्षम अधिकारी कौन है? या तो ऑडियो टेप फैब्रिकेटेड हैं या फोन टैप हुए हैं। इस पर सरकार सही जवाब दे।

राजेंद्र राठौड़ बोले- सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं
उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने ऑडियो टैप के आधार पर तीन मुकदमें दर्ज करवाए। एक मुकदमा एसओजी ने दर्ज करवाया। अखबारों को जब नोटिस देकर ऑडियो टैप का स्रोत पूछा गया तो सबने जिस नंबर से ये टेप जारी होना बताया वह मुख्यमंत्री के ओएसडी लोकेश शर्मा का नंबर है। सीएम ने जुलाई में प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिख। जिसमें लिखा था कि सरकार गिराने का साजिश की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शामिल हैं।

गजेंद्र सिंह शेखावत को बचाने के लिए फोन टैप का मुद्दा उठाया : धारीवाल
धारीवाल ने कहा, इस मामले को उठाने की विपक्ष की मुख्य मंशा केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को बार-बार बचाने के लिए यह मुद्दा उठाया जाता है। उन पर इतना बड़ा आरोप था कि पीएम उन्हें बर्खास्त करते, यदि वे पाक साफ हैं ​तो वे वॉइस टेस्ट से क्यों बच रहे हैं? ​तीन दिन तक लगातार एसओजी के अफसर उनका वॉइस सैंपल लेने के लिए उनके घर और दफ्तर चक्कर काटते रहे। गजेंद्र सिंह पाक साफ हैं तो अब भी वॉइस सैंपल दें दे। सीएम आज भी राजनीति छोड़ने को तैयार हैं अगर आप प्रूफ कर दो कि ऑडियो टैप सीएम निवास पर बने हैं।