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जयपुर एयरपोर्ट पर नो सीटिंग, ओनली वेटिंग:यात्रियों को नहीं मिल रही सीट, फर्श पर बैठने को है मजबूर, प्रशासन की कॉमर्शियल गतिविधि से जगह कम हुई

जयपुर17 दिन पहलेलेखक: ​​​​​​​शिवांग चतुर्वेदी
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एयरपोर्ट पर कुर्सी के अभाव में जमीन पर बैठी महिला यात्री। - Dainik Bhaskar
एयरपोर्ट पर कुर्सी के अभाव में जमीन पर बैठी महिला यात्री।

जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्रशासन इन दिनों एयरपोर्ट के कॉमर्शियलाइजेशन पर फोकस कर रहा है, लेकिन इसका फायदा और नुकसान दोनों ही यात्रियों को झेलना पड़ रहा है। फायदा यह हुआ है कि यात्रियों के लिए शॉपिंग और खान-पान की सुविधा बढ़ी है। नुकसान यह है कि एयरपोर्ट पर अब उन्हें बैठने को भी सीट नहीं मिल पा रही। दरअसल एयरपोर्ट पर यात्रियों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने की एयरपोर्ट प्रशासन की मुहिम इन दिनों यात्रियों के लिए ही परेशानी का कारण बनती जा रही है।

जयपुर एयरपोर्ट का संचालन फिलहाल अडानी समूह संभाल रहा है। पिछले 11 माह में एयरपोर्ट प्रशासन ने कॉमर्शियलाइजेशन पर फोकस किया है। एयरपोर्ट पर अधिक से अधिक दुकान और शाेरूम खोलकर यात्रियों को अधिक सुविधाएं देने पर फोकस किया जा रहा है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी के समय यानी 11 माह पहले तक जयपुर एयरपोर्ट पर 7 से 8 दुकानें और रेस्टाेरेंट ही संचालित हो रहे थे, लेकिन अभी एयरपोर्ट पर 50 से अधिक दुकानें-शाेरूम, कैफे और रेस्टोरेंट खाेले जा चुके हैं। इस वजह से एयरपोर्ट के अंदर यात्रियों के लिए जगह कम पड़ने लगी है। पिछले दिनों एयरपोर्ट प्रशासन ने ग्राउंड फ्लोर पर यात्रियों की सिटिंग व्यवस्था में बदलाव किया है। अधिक दुकानें या कैफे काउंटर खोलने के लिए यात्रियों की कुर्सियों को हटाया गया है। इस वजह से यात्रियों को अब फ्लाइट पकड़ने के लिए खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है।

फर्स्ट फ्लोर पर लाउंज है, लेकिन किराया 2500 रुपए तक
फर्स्ट फ्लोर पर यात्रियों के लिए सीआईपी लाउंज बना है, लेकिन इसमें हर किसी को प्रवेश नहीं मिलता। इसके लिए एयरपोर्ट प्रशासन की प्रणाम सेवा का उपयोग करना जरूरी है। इसमें यात्रियों से 1500 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक फीस ली जाती है। बैंकों के कार्ड से केवल प्राइमस लाउंज नामक रेस्टोरेंट में ही बैठने को जगह मिलती है। एयरपोर्ट पर वर्तमान में जब रोज औसत यात्रीभार करीब 10 हजार है, तभी यात्रियों को बैठने के लिए सीट नहीं मिल रही है।

एयरपोर्ट पर यात्रियों को बैठने की जगह इसलिए कम पड़ रही है
जयपुर एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का साइज 23 हजार वर्गमीटर है। 50 से ज्यादा दुकानें खुलने से 2 हजार वर्गमीटर जगह घेरी गई है। एयरपोर्ट प्रशासन ने 10 हजार पेड़-पौधे एयरपोर्ट बिल्डिंग के अंदर लगाए हैं। अलग-अलग तरह की कलाकृतियां लगाने से भी जगह की कमी हुई है। अब कुर्सियां हटाने से यात्रियों को बैठने को जगह नहीं मिल रही है। एयरपोर्ट प्रशासन के सूत्रों के मुताबिक अभी यहां एक दर्जन दुकानें और खोली जाएंगी।