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सहानुभूति लहर के वोटों की उम्मीद में दोनों पार्टियां:वल्लभनगर में कांग्रेस और धरियावद में बीजेपी दिवंगत विधायकों के परिवारों को दे सकती है टिकट, दोनों जगह भीतरघात की आशंका

जयपुर2 महीने पहले
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सहानुभूति लहर के वोटों की उम्मीद में दोनों पार्टियां - Dainik Bhaskar
सहानुभूति लहर के वोटों की उम्मीद में दोनों पार्टियां

विधानसभा उपचुनाव की घोषणा के साथ ही अब कांग्रेस -बीजेपी में टिकट को लेकर एक्सरसाइज शुरू हो गई है। कांग्रेस वल्लभनगर और बीजेपी धरियावद में दिवंगत विधायकों के परिजनों को टिकट देकर सहानुभूति कार्ड चल सकती है। वल्लभनगर सबसे हॉट सीट बनी हुई है, यहां दोनों ही पार्टियों के लिए भीतरघात की आशंका है। पूर्व विधायक रणधीर सिंह भिंडर ने दोनों पार्टियों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं।

वल्लभनगर की सीट कांग्रेस विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के निधन से खाली हुई है। जबकि धरियावद सीट से बीजेपी के विधायक गौतम मीणा का कोरोना काल में निधन हुआ है। इसीलिए इन सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। पिछले विधानसभा उपचुनाव में तीन सीटों पर दिवंगत विधायकों के परिजन चुनाव जीतकर आए हैं। इसलिए इस उप चुनाव में भी यही माना जा रहा है कि दिवंगत विधायकों के परिजन को टिकट देने पर वे सहानुभूति के वोट के आधार पर आसानी से चुनाव जीत लेंगे।

ल्लभनगर में टिकट वितरण में कांग्रेस को क्यों है उलझन ?

उदयपुर के वल्लभनगर में 2 लाख 52 हजार 716 मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 28 हजार 549 पुरुष और 1 लाख 24 हजार 167 महिला मतदाता हैं। कांग्रेस पार्टी से उपचुनाव के लिए दिवंगत विधायक गजेन्द्र शक्तावत की पत्नी प्रीति शक्तावत और गजेन्द्र सिंह के बड़े भाई देवेन्द्र सिंह शक्तावत टिकट की मजबूत दावेदारी जता रहे हैं। देवेन्द्र सिंह नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। उन्होंने पिछले दिनों घोषणा की थी कि कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया,तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। लेकिन ऐसा हुआ तो सहानुभूति वोट बैंक बंटने से बड़ा नुकसान होगा।

वहीं, एक दिन पूर्व ही प्रीति शक्तावत ने बयान दिया है कि यह राजनीति है जिसमें पाग नहीं बांधी जाती है। जो जनता के बीच जाएगा,सुख दुख बांटेगा। उनके काम करेगा, उसे ही जनता चुनती है। दोनों में से जिसका भी टिकट कटा, बीजेपी भी उसे टिकट ऑफर कर सकती है। दिवंगत विधायक गजेन्द्र सिंह शक्तावत के भांजे राज सिंह झाला जो सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। वे भी टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। इस परिवार से बाहर प्रदेश कांग्रेस सदस्य रह चुके भीम सिंह चूंड़ावत और कांग्रेस नेता ओंकार लाल मेनारिया भी टिकट के दावेदार हैं। ऐसे में किसे टिकट दिया जाए। कांग्रेस इसी उलझन में है।

उदयलाल डांगी
उदयलाल डांगी

वल्लभनगर में बीजेपी नेताओं में बड़ी गुटबाजी और आपसी विवाद

वल्लभगर में बीजेपी में कई नेता टिकट के दावेदार हैं। पिछले दिनों ऐसे 4 दावेदार यह घोषणा तक कर चुके हैं कि हम चारों में से ही किसी एक को पार्टी टिकट देगी,तो सब मिलकर चुनाव लड़ेंगे। वरना बीजेपी के लिए यहां मुश्किल होगी। बीजेपी की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार उदयलाल डांगी हैं। जिनके खिलाफ धनराज अहीर, ललित मेनारिया, महावीर वया और आकाश वागरेचा ने मोर्चा खोल रखा है। डांगी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में 46 हज़ार से ज्यादा वोट हासिल किए थे। डांगी नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया की भी पहली पसंद बताए जाते हैं। पिछले दिनों बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया उदयलाल डांगी की डबोक में होटल पर भी पहुंचे थे। सियासी सूत्रों के मुतबिक पूनिया ने उनसे संगठन के मुद्दों और चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की थी।

रणधीर सिंह भीण्डर
रणधीर सिंह भीण्डर

भीण्डर ने वल्लभगर का चुनावी मुकाबला बनाया त्रिकोणीय

जनता सेना से इकलौते दावेदार रणधीर सिंह भीण्डर 2003 और 2013 में वल्लभनगर से दो बार के पूर्व विधायक रहे हैं। भीण्डर इस चुनावी मुकाबले को त्रिकोणीय बनाते हैं। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया के विरोधी माने जाने वाले भीण्डर को कटारिया हमेशा बीजेपी से टिकट नहीं देने की पैरवी करते हैं।

कन्हैयालाल उर्फ केएल मीणा
कन्हैयालाल उर्फ केएल मीणा

धरियावद सीट पर बीजेपी क्यों कर रही है माथापच्ची ?

प्रतापगढ़ के धरियावद में 2 लाख 57 हजार 155 रजिस्टर्ड वोटर्स हैं। जिनमें से 1 लाख 29 हजार 753 पुरुष और 1 लाख 27 हजार 402 महिलाएं हैं। धरियावाद सीट बीजेपी विधायक गौतमलाल मीणा के निधन से खाली हुई है। ऐसे में सहानुभूति फैक्टर के बूते बीजेपी यहां ताल ठोक रही है। बीजेपी चाहती है कम से कम वह इस सीट को न खोए । स्व गौतमलाल मीणा के बेटे कन्हैया लाल मीणा यहां टिकट के सबसे मज़बूत दावेदार हैं। जिन्हें बीजेपी में पूर्व सीएम रहीं वसुंधरा राजे का आशीर्वाद माना जाता है। लेकिन कन्हैया लाल मीणा के अलावा पंचायत समिति सदस्य रहे कुलदीप सिंह मीणा और खेत सिंह मीणा भी दावेदारी जता रहे हैं।

मुख्यमंत्री के साथ एक कार्यक्रम में पूर्व विधायक नगराज मीणा
मुख्यमंत्री के साथ एक कार्यक्रम में पूर्व विधायक नगराज मीणा

कांग्रेस में 4 मीणा नेताओं की टिकट पर दावेदारी

धरियावद में कांग्रेस से पूर्व में दो बार विधायक रहे नगराज मीणा फिर से प्रबल दावेदारी जता रहे हैं। हालांकि नगराज मीणा की 3 बार हार भी हो चुकी है। पिछले दो विधानसभा चुनाव में उनकी लगातार हार हुई है। अगर कांग्रेस दो बार चुनाव हार चुके नेता को टिकट नहीं देने के फॉर्मूले पर अमल करती है, तो नगराज मीणा के लिए मुश्किल हो सकती है। उनके अलावा नाथूलाल मीणा, केसर भाई उर्फ केबी मीणा और रूपलाल मीणा भी टिकट मांग रहे हैं। केबी मीणा धरियावद से 2 बार के सरपंच हैं। रूपलाल मीणा लसाड़िया से 4 बार के सरपंच हैं। किस नेता को टिकट दिया जाए। यह कांग्रेस के लिए और भी मुश्किलों भरा है।

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