मरघट में मौत का इंतजार:पथमेड़ा ने 1400 बीमार गायों को पालड़ी छोड़ा ताकि बाकी 1.5 लाख बची रहें

जयपुर4 महीने पहले
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लम्पी वायरस की नज़र लग गई।
फोटो- महेंद्र शर्मा - Dainik Bhaskar
लम्पी वायरस की नज़र लग गई। फोटो- महेंद्र शर्मा

विश्व की सबसे बड़ी गोशाला पथमेड़ा धाम। जालोर जिले की इस गोशाला में बीते 23 दिन से करीब 1.5 लाख गायों के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। क्योंकि लम्पी वायरस उन्हें चपेट में ले रहा है। यहां 500 से अधिक गोवंश की मौत है चुकी है, 862 की अंतिम सांसें चल रही हैं। बीते एक महीने से यहां रोज 100 से 200 गायों में संक्रमण हो रहा है। अब तो पास ही की गोलासन नंदी गोशाला में भी लम्पी घुस चुका है। नंदियों को समर्पित इस गोशाला में करीब 14 हजार नंदी हैं। संक्रमित गोवंश को पथमेड़ा मुख्य गोशाला से 30 किलोमीटर दूर पालड़ी गोशाला में शिफ्ट किया जा रहा है।

किसी की नजर न लगे।
किसी की नजर न लगे।

नीचे से गुजारते हैं बच्चा ताकि स्वस्थ रहे

नागौर के विश्व गो-चिकित्सा केंद्र में नंदा नाम की गाय है। 16 साल की यह गाय यहां सबसे बुजुर्ग है। 2008 से यहां है। शाम को उसकी आरती होती है। मान्यता के तहत लोग बच्चों को इसके नीचे से निकालते हैं ताकि स्वस्थ रहें।

लम्पी - सांस लेने में काफी तकलीफ होती है, तड़प-तड़पकर गाय की मौत होती है

पथमेड़ा के मुख्य सेवक हीरसिंह राठौड़ और कच्छभुज से आए राजेश अहीर ने बताया कि मृत गोवंश को पालड़ी गोशाला के पीछे गड्डे खोदकर दफना रहे हैं। संक्रमित गायों की आंखों से आंसू बहते हैं, नाक से खून आता है, सांस लेने में तकलीफ होती और तड़प-तड़पकर मौत हो जाती है। वेटरेनरी विभाग की टीमें जोधपुर, पाली से जालौर आई हैं, उन्होंने टीके भी लगाए हैं। पश्चिमी राजस्थान के 800 से अधिक गांवों में लम्पी से गोवंश की जान जा रही है।

संक्रमित गायों से पांच बाड़े भर चुके हैं, इनमें से हर बाड़े में 600 से अधिक गायें
पथमेड़ा के संस्थापक गौ ऋषि स्वामी दत्त शरणानंद जी महाराज बोले, ‘गौमाता को ऐसे मरते कभी नहीं देखा... कैसे बचेगी ये गौमाता।’ इतना कहते ही उनके आंसू बहने लगे। पथमेड़ा की 6 प्रमुख गोशालाओं में संक्रमण फैल चुका है। पालड़ी की गोशाला में गुजरात और राजस्थान के कार्यकर्ता गोवंश को बचाने में लगे हैं। यहां संक्रमितों से 5 बाड़े भर चुके हैं। हर बाड़े में 600 से एक हजार गाय हैं। कार्यकर्ता महाराज के निर्देश पर गायों को हल्दी, फिटकरी व ग्वारपाठे के घोल का लेप लगा रहे हैं।

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डूंगरसिंह राजपुरोहित- जालोर, पाली और नागौर की 10 गोशालाओं से लौटकर
डूंगरसिंह राजपुरोहित- जालोर, पाली और नागौर की 10 गोशालाओं से लौटकर

रूपाला ने कहा- टीका ही संक्रमण रोकेगा
केंद्रीय पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला शनिवार को जयपुर में राज्य के मंत्रियों-अधिकारियों से मिले। उन्होंने कहा, ‘गोट पॉक्स टीका लम्पी में कारगर है। अति प्रभावित क्षेत्र में 3 एमएल, कम प्रभावित और अप्रभावित क्षेत्र में 1 एमएल डोज लगाएं। केंद्र ने कंपनियों से उत्पादन बढ़ाने को कहा है।’

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