चुनाव खत्म, अब महंगाई शुरू:लगातार दूसरे दिन फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, पेट्रोल 87, डीजल 65 पैसे महंगा

जयपुर5 महीने पहले
डेमो फोटो। - Dainik Bhaskar
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पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के साथ ही एक बार फिर महंगाई का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार को लगातार दूसरे दिन पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया गया। जिसके बाद जयपुर में पेट्रोल प्रति लीटर की कीमत 87 पैसे बढ़कर 108 रुपए 81 पैसे पहुंच गई। जबकि डीजल प्रति लीटर की कीमत 65 पैसे बढ़कर 92 रुपए 35 पैसे प्रति लीटर पर पहुंच गई है। वहीं इससे पहले सोमवार को पेट्रोल 82 पैसे और डीजल 88 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ था। ऐसे में लगातार दूसरे दिन तेल के दामों में हुए इजाफे ने आम आदमी के लिए परेशानी बढ़ा दी है।

कच्चे तेल का दाम दोगुना हुआ फिर भी नहीं बढ़े थे दाम

कच्चे तेल का दाम 1 दिसंबर 2021 को 68.87 डॉलर था। उस वक्त दिल्ली में पेट्रोल का दाम 95.41 रुपए प्रति लीटर था। 7 मार्च 2022 को कच्चे तेल का दाम 139.13 डॉलर पहुंच गया। इसका मतलब ये हुआ कि 102 दिन में अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड के दाम 70.26 डॉलर तक बढ़ गए, लेकिन पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। वहीं अब जबकि क्रूड के रेट 108 डॉलर पर आ गए हैं। तब भी दाम बढ़ा दिए गए हैं।

रूस-यूक्रेन लड़ाई के चलते जो दाम बढ़े थे, वो अब गिर रहे हैं
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम तेजी से बढ़ते हुए 7 मार्च को 139.13 डॉलर पर पहुंच गया था। इससे पहले 2008 में कच्चे तेल का दाम 140 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा था। हालांकि, अब क्रूड की कीमतें तेजी से गिर रही हैं। 10 मार्च को कच्चे तेल के दाम 108.7 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए थे। जानकार बताते हैं कि क्रूड के रेट में गिरावट का क्रम अभी जारी रहेगा।

रसोई गैस भी हुई महंगी
पेट्रोल-डीजल के साथ सरकार ने रसोई गैस की कीमतों में 50 रुपए प्रति सिलेण्डर का इजाफा किया है। जिसके बाद बाजार में गैस सिलेण्डर 903.50 की जगह 953.50 रुपए में मिलेगा। हालांकि कॉमर्शियल उपयोग के गैस सिलेण्डर की कीमतों में 8 रुपए की कमी की गई है। इस बदलाव के बाद कॉमर्शियल सिलेण्डर बाजार में अब 2026 रुपए की जगह 2018 रुपए में मिलेगा। वहीं इससे पहले सरकार ने डीजल की थोक कीमत में 25 रुपए का इजाफा किया था। हालांकि इसका असर रिटेल पेट्रोल विक्रेताओं पर नहीं पड़ा था। इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ा था। जो सीधे तेल कंपनियों से बल्क में डीजल खरीदते है।