बेटियां अब देश रक्षा में आगे आ रहीं:PM मोदी बोले- एनडीए में बेटियों का एडमिशन हो रहा, महिलाएं अहम मंत्रालय संभाल रही हैं

जयपुर4 महीने पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आबूरोड ब्रह्मकुमारी संस्थान में अमृत महोत्सव की वर्चुअल शुरुआत की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी जुड़े थे। करीब डेढ़ घंटे चले कार्यक्रम में अपने भाषण में मोदी ने कहा, 'हमारी बेटियां भी अब देश रक्षा में योगदान दे रही हैं। एनडीए में बेटियों का एडमिशन हो रहा है। 2019 के चुनावों में हमने देखा पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने योगदान दिया। आज देश में महिलाएं अहम मंत्रालय संभाल रही हैं। यह बदलाव समाज खुद कर रहा है। यह बदलाव साफ संकेत है कि नया भारत कैसा होगा, कितना सामर्थ्यशाली होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज किसानों को आत्मनिर्भर बनाने नेचुरल फार्मिंग पर जोर दिया जा रहा है। गुणवत्ता युक्त आहार के लिए गुणवत्तायुक्त उत्पादन भी जरूरी है। नेचुरल फार्मिंग के लिए ब्रह्मकुमारी जैसे संस्थान बड़ा योगदान कर सकते हैं। दुनिया को क्लीन एनर्जी में भारत से बहुत अपेक्षाएं हैं। जनजागरण के लिए बड़े अभियान की जरूरत है।'

पीएम मोदी ने कहा कि आज करोड़ों देशवासी स्वर्णिम भारत की नींव रख रहे हैं। हमारी निजी और राष्ट्रीय सफलताएं अलग नहीं हैं। राष्ट्र की प्रगति में ही हमारी प्रगति है। राष्ट्र के अस्तित्व में हमारा अस्तित्व है, यही भाव एक ताकत बन रहा है। आज देश जो कुछ कर रहा है, उसमें सबके प्रयास शामिल है, सबका साथ सबका विश्वास और सबका प्रयास देश का मूल मंत्र बन रहा है। हम ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं, जिसमें भेदभाव की जगह न हो। ऐसा समाज बना रहे हैं, जो सामाजिक न्याय की बुनियाद पर मजबूती से खड़ा है।

भारत अपना मूल स्वभाव को नहीं बदलता
पीएम ने कहा, हम ऐसा भारत बना रहे हैं, जो प्रगतिशील है। भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि कैसा भी समय आए, कितना भी अंधेरा छाए भारत अपने मूल स्वभाव को बनाए रखता है। हमारे युगों युगों का इतिहास है, जब दुनिया महिलाओं को लेकर पुरानी सोच में जकड़ी थी, तब भारत मातृ शक्ति की पूजा देवी के रूप में करता था। हमारे गार्गी, जैसी विदूषी ज्ञान देती थीं।

हमें संस्कार विरासत के साथ आधुनिक बनाना है
हमें ऐसा भारत बनाना है, जिसकी जड़ें परंपरा से जुड़ी होंगी, हमें अपने सभ्यता, संस्कारों को जीवंत रखना हैं। हमें अपनी विरासत को संभाल कर रखना है। इसके साथ ही तकनीक सहित हर क्षेत्र में देश को आधुनिक भी बनाना है।

गुलामी में जो गंवाया, आने वाले 25 साल, उसे पाने के हैं, घोर परिश्रम के हैं
मोदी ने कहा, 'आने वाले 25 साल घोर परिश्रम वाले हैं। हमने गुलामी में जो गंवाया है, उसे पाने के 25 साल हैं। इस अमृत महोत्सव में भी भविष्य की तरफ ध्यान रखना हैं। कालखंड के साथ देश, व्यक्ति और समाज में बुराइयां प्रवेश कर जाती हैं। हमारे समाज में बदलते युग के साथ ढालने की अलग ही शक्ति है।

पीएम ने आगे कहा कि हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत यह है कि समय-समय पर समाज से ही सुधारने वाले आते हैं और वे समाज सुधारक बुराइयों पर प्रहार करते हैं। ऐसे समाज सुधारकों को कई बार तिरस्कार और विरोध का भी सामना करना होता है। ऐसे सुधारक डिगते नहीं है और धीरे-धीरे समाज उन्हें स्वीकार करता हैं। हर काल खंड में समाज को दोष मुक्त रखना निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा हो।

केवल अधिकारों की बात हुई, कर्तव्य भूल गए
मोदी ने कहा कि बीते 75 साल में देश में सबसे बड़ी बुराई आई, वो थी कर्तव्यों को भूलकर केवल अधिकारों की बात करना। बीते 75 साल में हम अधिकारों के लिए लड़ते रहे, समय खपाते रहे, लेकिन कर्तव्यों को भूल गए। कर्तव्य भूलकर केवल अधिकारों की बात करने से नुकसान हुआ है। 75 साल में कर्तव्यों को दूर करने से कमियां और नुकसान हुए है, इसकी भरपाई आने वाले 25 साल में कर्तव्य की साधना करके पूरी कर सकते हैं। देश के नागरिकों में कर्तव्यबोध जागृत करने की जरूरत है। एक कमरे में अंधेरा दूर करने के लिए कई लोग जुगत लगा रहे थे। एक समझदार ने दीया जला दिया। हमें उसी तरह हमें एक दीया जलाना है, कर्तव्य का दीया जलाना है। इससे समाज में व्याप्त बुराइयां भी दूर होंगी। भारत भूमि को प्यार करनेवाला कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जो देश को नई ऊंचाइयों पर न ले जाना चाहता होगा। इसके लिए हमें कर्तव्ययोगियों पर बल देना ही होगा।

भारत को बदनाम करने का अंतरराष्ट्रीय साजिश जारी
मोदी ने कहा, देश को बदनाम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर षड्यंत्र चल रहा हैं। आज आजादी के अमृत महोत्सव पर यह भी जरूरी है कि दुनिया के देशों में भारत के बारे में सही बात जाए। वैश्विक संस्थाएं भारत के बारे में सही जानकारी दें। ब्रह्मकुमारी जैसी संस्थाएं यह काम कर सकती हैं। ब्रह्मकुमारी जैसी संस्थाएं अपनी बाहर की ब्रांचों से हर साल कम से कम 500 विदेशी लोगों को भारत की यात्रा पर लाएं। इससे वे लोग बाहर जाकर हमारे देश के बारे में बताएंगे और एक सही छवि बनेगी।

गहलोत का तंज, बोले- देश में तनाव, हिंसा का माहौल
मोदी की मौजूदगी में सीएम गहलोत ने कहा, 'हमारा देश हमेशा से वसुधैव कुटुंबकम की भावना वाला रहा हैं, विनोबा भावे ने जय जगत का नारा दिया। आज देश में तनाव, हिंसा का माहौल है। इससे छुटकारा मिले, यह हम सबकी इच्छा रहती हैं। शां​ति और अहिंसा और भाईचारा पर चलकर ही देश का विकास कर सकते हैं।'

वहीं सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पीएम ने जब से महोत्सव मनाने की घोषणा की तब से लगातार कार्यक्रम चल रहे हैं। आजादी त्याग बलिदान से मिलती है। 75 सल के इस उत्सव में प्रोग्राम चलते रहते हैंं। मुझे बचपन से ही माउंट आबू जाने का मौका मिला है। आज ओम शांति की आवाज गूंजी तो बचपन याद आ गया। तब तत्कालीन दादी मां ने कहा था कि जब तनाव हो तो ओम शांति बोलने से वातावरण में अलग ऊर्जा आ जाती है।