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नकली दवाओं का मामला:नकली दवा काराेबारियाें के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई राेकी, अब पुलिस न तो इन मामलाें की न जांच कर कसेगी और ना ही गिरफ्तारी

जयपुर11 दिन पहलेलेखक: राजेन्द्र गाैतम
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सरकार ने सुप्रीम शपथ पत्र में कहा कि पुलिस की ओर से जाे भी कारवाई की गई है वे ड्रग कंट्राेलर काे भेजी जा रही है।  - Dainik Bhaskar
सरकार ने सुप्रीम शपथ पत्र में कहा कि पुलिस की ओर से जाे भी कारवाई की गई है वे ड्रग कंट्राेलर काे भेजी जा रही है। 
  • अगस्त 20 के बाद पुलिस ने ड्रग एंड कास्मेेटिक एक्ट के जिन मामलाें में कार्रवाई की, उन्हें ड्रग विभाग काे भेजा जाएगा

प्रदेश में नकली दवाओं के मामले में अब पुलिस किसी तरह की कार्रवाई नहीं करेगी। नकली दवाओं पर कार्रवाई के मामले में 20 अगस्त 2020 के बाद जब्ती से लेकर गिरफ्तारी तक के सभी अधिकार ड्रग एडं कास्मेटिक एक्ट के तहत ड्रग कंट्राेलर के पास हैं।

सुप्रीम काेर्ट के आदेश के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश भर पुलिस की ओर से नकली दवा काराेबारियाें के खिलाफ की जा रही कार्रवाई काे राेक दिया है। काेराेना काल में पुलिस ने ड्रग एडं कास्मैटिक एक्ट 1940 के तहत जितनी भी कार्रवाई की थी उन सभी की जांच की फाइलें पुलिस मुख्यालय ड्रग कंट्राेलर काे भेजा जाएगा। साथ ही पुलिस ने जिन मामलाें में चालान पेश कर दिया है या कास्मेटिक एक्ट के साथ ही आईपीसी की धाराएं भी लगाई गई हैं उन मामलाें के बारे में पुलिस मुख्यालय ने लीगल शाखा से राय मांगी है।

नकली रेमडेसिविर और हार्ट की दवा के मामले ड्रग कंट्राेलर काे दिए जाएंगे
काेराेना काल में पकड़े गए 21 मामलाें की जांच पुलिस मुख्यालय ड्रग कंट्राेलर काे भेजेगा। या फिर ड्रग एडं कास्मेटिक एक्ट की धारा हटाकर आईपीएस धाराओं में पुलिस कार्रवाई करेगी। कोरोना काल में पुलिस ने इस एक्ट में जयपुर में सबसे ज्यादा कार्रवाई की थी।

इसमें जयपुर पश्चिम में 3, जयपुर उत्तर मेें 4, हनुमानगढ़ में 4, जाेधपुर पूर्व 1, जाेधपुर पश्चिम में 1,जैसलमेर में 1, बाडमेर में 4, पाली में 1 तथा एसओजी ने 2 कार्रवाई की थी। इसमें पुलिस ने 21 मामले दर्ज किए थे। 4 मामलाें में चालान पेश किया गया है। नकली रेमडेसिविर और हार्ट की नकली दवा सप्लाई के मामले की भी जांच ड्रग विभाग काे भिजवाई जा रही है।

इधर, गृह विभाग ने ड्रग एंड कास्मैटिक एक्ट में पुलिस कारवाई से मना करने के बाद पीएचक्यू ने सरकार काे पत्र लिखा है कि आरपीएस अधिकारी काे जांच अधिकार मिले। इसके लिए राज्य सरकार नाेटिफिकेशन जारी करे। अब मामला राज्य सरकार के पाले में है। अब सरकार को तय करना है कि आगे क्या जांच कौन करेगा?

सुप्रीम काेर्ट के आदेश के तहत पुलिस अधिकारी काे इस एक्ट में एफआईआर, जांच करने, गिरफ्तारी या चालान पेश करने के अधिकार नहीं हैं। ऐसे में काेराेना काल में या ड्रग एडं कास्मैटिक एक्ट 1940 में पुलिस द्वारा जाे भी कार्रवाई की गई है उन फाइलाें काे ड्रग विभाग काे भिजवाया जा रहा है। विधि विभाग से राय मांगी है कि जिनमें चालान पेश हुआ उन मामलाें में क्या किया जाए? कुछ मामलाें में ड्रग एक्ट की धारा हटा दी गई है।
-रवि प्रकाश मेरहडा, एडीजी क्राइम

इस तरह से निकला पुलिस मुख्यालय का आदेश
काेतवाली ने नकली दवा के मामले में विनय मंगल काे गिरफ्तार किया था। हाईकाेर्ट से भी जमानत खारिज हाे गई थी। विनय मंगल जमानत के लिए सुप्रीम काेर्ट गया। उनके वकील ने बताया सुप्रीम काेर्ट ने 20 अगस्त 2020 काे निर्णय पारित किया है कि ड्रग एडं कास्मैटिक एक्ट 1940 की धारा तीन एक के अनुसार वर्णित अपराधाें की कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर सक्षम है। सरकार ने सुप्रीम शपथ पत्र में कहा कि पुलिस की ओर से जाे भी कारवाई की गई है वे ड्रग कंट्राेलर काे भेजी जा रही है।

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