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सियासी दांव:प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां कहीं नहीं अटकीं; ढाई साल में 5 हजार हुईं

जयपुर13 दिन पहले
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राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार फिर गरम हो रहा है। - Dainik Bhaskar
राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार फिर गरम हो रहा है।
  • गहलोत सरकार ने जब, जिसे चाहा नियुक्ति दी

राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर सियासी चर्चाओं का बाजार फिर गरम हो रहा है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायक राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर लगातार बयान दे रहे हैं। राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अजय माकन भी राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर कई बार अपनी डेडलाइन बदल चुके हैं।

लेकिन हकीकत यह है कि राजनीतिक नियुक्तियों का काम इस सरकार के कार्यकाल में कभी भी नहीं अटका। न तो सियासी संकट और न ही कोरोना की कोई लहर इन नियुक्तियों का रास्ता रोक पाई। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जब चाहा जिसे चाहा राजनीतिक नियुक्ति दी।

संवैधानिक बाध्यताओं वाली नियुक्तियों को छोड़ भी दें तो प्रदेश में अब तक इनके अलावा भी हजारों नियुक्तियां हो चुकी हैं। इसमें से कई ऐसे नाैकरशाहाें काे दी गई हैं, जाे विधानसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे। उन्हें टिकट नहीं मिला ताे अब राजनीतिक कुर्सी के जरिए उनकी ताजपाेशी की गई है।

नगर पालिकाओं में मनोनीत पार्षदों से लेकर अब तक करीब 5 हजार वकीलों की तैनाती की जा चुकी है। विधानसभा सत्र के दौरान सरकार मनोनीत पार्षदों की संख्या बढ़ाए जाने के लिए एक्ट में संशोधन भी करवा चुकी है। इसके तहत अगले एक सप्ताह में कुछ नगर पालिकाओं में मनोनीत पार्षदों की तैनाती की सूची भी जारी हो सकती है।

प्रदेश स्तर पर पहली राजनीतिक नियुक्ति संगीता बेनीवाल की हुई

प्रदेश स्तर पर बड़ी नियुक्तियाें की बात करें तो सीएम अशोक गहलोत के चहेते करीब एक दर्जन नौकरशाहों को अब तक महत्वूपर्ण पदों पर तैनाती दी जा चुकी है। हालांकि, प्रदेश स्तर पर सबसे पहली राजनीतिक नियुक्ति बाल आयोग में संगीता बेनीवाल की हुई थी। लेकिन इसके पीछे हाईकोर्ट का दबाव था। हाईकोर्ट ने सरकार को आयोग में तैनाती के लिए अल्टीमेटम दिया था।

करीब एक दर्जन नौकरशाहों को इन अहम जगहों पर लगाया

बीएन शर्मा (पूर्व आईएएस)

- चेयरमैन विद्युत नियामक आयोग

एनसी गोयल (पूर्व आईएएस)

- चेयरमैन रेरा

शैलेंद्र अग्रवाल (पूर्व आईएएस)

- सदस्य रेरा

हरिप्रसाद शर्मा (पूर्व आईपीएस)

- चेयरमैन, राज्य कर्मचारी चयनबोर्ड

आलोक त्रिपाठी (पूर्व आईपीएस)

- वीसी, सरदार पटेल विश्वविद्यालय

रामलुभाया (पूर्व आईएएस)

जवाबदेही कमेटी के चेयरमैन

जीएस संधू (पूर्व आईएएस)

- पट्‌टा वितरण अभियान की आय कमेटी

जगरूप सिंह (पूर्व आईएएस)

- सदस्य सिविल सेवा अपील अधिकरण

{मातादीन शर्मा (पूर्व आईएएस)

- सदस्य सिविल सेवा अपील अधिकरण

बन्ना लाल (पूर्व आईएएस)

- सदस्य सचिव राज्य वित्त अायाेग

गाेविंद शर्मा (पूर्व आईएएस)

- सलाहकार मुख्यमंत्री

नगर पालिकाओं में पांच हजार से ज्यादा वकील नियुक्त किए

  • नगर पालिकाओं में मनोनीत पार्षद
  • नगर पालिकाओं में 5 हजार से ज्यादा वकील
  • संगीता आर्य (मुख्य सचिव निरंजन आर्य की पत्नी ) सदस्य आरपीएससी
  • हाउसिंग बोर्ड- चैयरमैन, यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल
  • मंजू शर्मा (कुमार विश्वास की पत्नी) - आरपीएससी सदस्य
  • रीको- स्वतंत्र निदेशक, विधायक प्रत्याशी सीताराम अग्रवाल, सुनील परिहार (जोधपुर से)

...लेकिन इन पदों पर अब भी नियुक्तियों का इंतजार हाे रहा है

जन अभाव अभियोग निराकरण समिति, महिला आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, एससी आयोग, एसटी आयोग, ओबीसी आयोग, किसान आयोग, वरिष्ठ नागरिक बोर्ड, हज कमेटी, निशक्त जन आयोग, खादी बोर्ड और समाज कल्याण बोर्ड सहित 40 से ज्यादा आयोगों में इंतजार।

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